राजद में भाई-भाई ना रहा!

0
244

पौलिटिकल डेस्क। मौर्य न्यूज18। पटना।

बिहार ये भूमि है महावीर की, भगवान बुद्ध की, चाणक्य की, आर्यभट्ट की, कालीदास की। ये भूमि है आंदोलन की। ये भूमि है बिहार की। औऱ यहां राजद खेमे में दो भाई सत्ता के लिए जंग-ए-मैदान में खुलकर सामने हैं। लड़ाई घर से बाहर आ गई है। छोटा भाई तेजस्वी लालू प्रसाद के जेल जाने के बाद पूरी तरह से राजद का कमान संभाले हैं। और पार्टी के अंदर के खूंटा-खंभा को ठीक करने में लगे हैं। वहीं बड़े बेटे तेजप्रताप सिलयासत औऱ ससुर की लड़ाई को दहलीज से बाहर ला दिया है। तेजस्वी के कील खुंटे को उखाड़ने में लगे हैं। तो ऐसे में बिहार में कैसे मजबूती से मुकाबला कर पाएगा महागठबंधन। क्या होगा राजद का। दो भाइयों के बीच जिस तरह से दीवार खड़ी है। बिहार की महागठबंध की राजनीति ही अलग दिशा में चली गई है। जो शायद लालू प्रसाद ने सोचा भी ना होगा।

इसपर राजद के तेजस्वी यादव सफाई देते फिर रहे हैं। कह रहे है मसला सुलझा लेंगे। कांग्रेस के बिहार प्रदेश अधयक्ष मदन मोहन झा भी इसे राजद की अंदरूनी लड़ाई बताते हैं। कहते हैं इससे महागठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राजद इस मसले को खुद ही सुलझाने में सक्षम है।

जबकि भाजपा के कद्दवार नेता नंदकिशोर यादव लालू प्रसाद पर तंज कस रहे हैं। कह रहे है कि ये परिवार की पार्टी लालू प्रसाद ने बना दी है। उसी का नतीजा है कि ये हालत है। अभी और दुरर्गति होनी है।

Maurya News18 की रिपोर्ट।