जेट एयरवेज को बचा लो ! हड़ताल !

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दिल्ली एयरपोर्ट टर्मिनल-3 पर हड़ताल और प्रदर्शन करते जेट एयरलाइन के कर्मचारी, पायलट

कर्ज से जूझ रहे एयरलाइन जेट संकट में

कर्मचारियों को महीनों से सैलरी नहीं मिली

पायलट समेत ग्राउंड स्टाफ भी शामिल

कंपनी पर 8000 करोड़ रुपए का कर्ज

अंतरराष्ट्रीय विमानों की उड़ान पर रोक

नई दिल्ली, मौर्य न्यूज18 डेस्क।

देश के एयरलाइन जेट एयरवेज संकट में है। और कर्मचारी परेशान है। कई महीनों से वेतन नहीं मिल रहे। गुस्से औऱ संकट से घिरे कर्मचारी हड़ताल पर हैं। शनिवार को ये हड़ताल के दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। हड़ताल में पायलट औऱ अन्य कर्मचारी शामिल हुए।

खबरें अब विस्तार से…

एयरलाइन जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मांग की कि सरकार इस मामले में कंपनी की मदद करे। कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान न सिर्फ मानव श्रंखला बनाई बल्कि ‘जेट एयरवेज’ को बचाने का संदेश लिखे पोस्टर्स भी प्रदर्शित किए। एयरवेज कर्ज संकट से जूझ रही है।

कर्मचारियों के हाथ में जो पोस्टर्स थे, उनमें “जेट एयरवेज को बचाइए’, “हमारी पुकार सुनिए, 9डब्ल्यू को उड़ान भरने दीजिए’ जैसे संदेश लिखे थे। शनिवार को जेट एयरवेज के केवल सात जहाजों ने उड़ान भरी। 

कंपनी के अधिकारियों ने 15 अप्रैल तक सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगा रखी है। कंपनी पर फिलहाल 8 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। रुपयों का भुगतान न किए जाने के कारण अधिकांश विमान मैदान में खड़े हैं।

कर्मचारी क्या-क्या चाहते हैं…


दिल्ली एयरपोर्ट टर्मिनल 3 पर प्रदर्शन करते जेट एयरलाइन के कर्मचारी। मौर्य न्यूज18
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कर्मचारियों ने कहा- धोखाधड़ी का केस दर्ज हो

मांग धोखाधड़ी का केस करने की उठ रही है। इसके लिए जेट के ऑल इंडिया ऑफिसर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन के प्रमुख किरण पावसकर ने सहार पुलिस स्टेशन में शिकायत दी। उन्होंने कहा कि एयरलाइन ने कर्मचारियों का मार्च का वेतन नहीं दिया है। इसलिए धोखाधड़ी, भरोसा तोड़ने, फंड के दुरुपयोग और दूसरे अपराधों के तहत मामला दर्ज किया जाए।

  • इससे पहले पावसकर के नेतृत्व में 200 कर्मचारियों ने एयरपोर्ट से जेट एयरवेज के मुख्यालय सिरोया सेंटर तक मार्च निकाला। कर्मचारियों की सीनियर मैनेजमेंट से मुलाकात भी हुई। हाालांकि, वो सीईओ विनय दुबे से मिलना चाहते थे।
  • आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज की उड़ानें रद्द होने से यात्री भी परेशान हैं। एयरलाइन ने शुक्रवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सोमवार तक रद्द रहेंगी। इससे पहले गुरुवार को एक दिन के लिए बंद करने की बात कही गई थी।
  • जेट के प्रबंधन से मुलाकात के पहले पावसकर ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों की वजह से जेट एयरवेज की हालत बिगड़ी है। एयरलाइन की जो थोड़ी-बहुत कमाई हो रही है वो यात्रियों की राशि लौटाने में इस्तेमाल की जा रही है।
  • जेट के हालात पर चर्चा करने के लिए पीएमओ ने शुक्रवार को बैठक बुलाई। इससे पहले उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला को जेट के हालातों की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। पीएमओ की बैठक के बाद खरोला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेट एयरवेज के प्रबंधन से बात की।
  • खरोला के मुताबिक जेट एयरवेज की शुक्रवार को बैंकों के साथ मीटिंग हुई। बैठक में अंतरिम फंड उपलब्ध करवाने की मांग रखी गई। बैंकों ने जेट एयरवेज से कहा है कि वो अंतरिम फंडिंग के प्रस्ताव को दुरुस्त करे। सोमवार को एयरलाइन फिर से बैंकों से संपर्क करेगी। उसके बाद बैंक फैसला लेंगे। एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों का कंसोर्शियम फिलहाल जेट एयरवेज को संभाल रहा है।
  • खरोला ने बताया कि शुक्रवार को जेट के 11 विमानों ने उड़ान भरी। शनिवार और रविवार को यह संख्या 6 से 7 रहेगी। उनसे पूछा गया कि सोमवार तक संचालन के लिए जेट के पास क्या पर्याप्त फंड उपलब्ध है। इस पर खरोला ने सकारात्मक जवाब दिया।

चलते-चलते

जेट एयरलाइंस के कर्मचारी पूरी तरह लगे हैं कंपनी संकट से ऊबड़ जाएं। और सब कुछ ठीक हो जाए इसकी कोशिश भी कर रहे हैं लेकिन हड़ताल के जरिए दवाब बनाने से भी नहीं चूक रहे। आगे आंदोलन से इनकार नहीं किया जा सकता।

नई दिल्ली से मौर्य न्यूज डेस्क की रिपोर्ट