सोना खरीदने से पहले जान लें !

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दिल्ली में 99.9 % शुद्ध सोना 32720 रूपये प्रति दस ग्राम

99.5 प्रतिशत शुद्ध सोना 32550 रूपये / दस ग्राम

बिजनेस रिपोर्ट। मौर्य न्यूज18।

भारत में अक्षय तृतीया पर सुहागिन महिलाएं सोने की जमकर खरीद करती हैं। इस दिन की खरीददारी पर्व की तरह मनाई जाती है। इसे सुहागिनों के लिए शुभ फलदायी माना जाता है। ये पौराणिक चलन अब बाजार में एक नया रूप ले चुका है। और इस दिन का सोने व्यापारियों को भी खास इंतजार रहता है। इसकी तैयारी के लिए तरह-तरह की प्लानिंग बनाई जाती है औऱ मार्केट में इस दिन एक से बढ़कर एक ज्वेलरी दिखाई देती है। तो ऐसे मौकों पर आखिर ग्राहक ठगी के शिकार ना हो जाएं । ये जानना जरूरी है कि शुद्ध सोने की पहचान कैसे करें और कैसे खरीददारी करें।

अब खबर विस्तार से

अक्षय तृतीया पर देशभर में सोने की खरीदारी हो रही है। इस दिन खरीदारी शुभ मानी जाती है। पिछले साल अक्षय तृतीया पर सोने का भाव 31,535 रुपए प्रति दस ग्राम था। इस बार दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोने की कीमत 32,720 रुपए है। औऱ 99.5 प्रतिशत शुद्ध सोने की कीमत 32550 प्रति दस ग्राम है। लेकिन इसकी खरीदारी करते वक्त शुद्धता से जुड़ी 5 बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए ताकि ग्राहकों को अपने पैसे का पूरा मूल्य मिल सके।

गोल्ड ज्वेलरी पर हॉलमार्क निशान

बीआईएस मार्का ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) द्वारा हॉलमार्क गोल्ड ज्वेलरी पर यह निशान होता है। इससे यह पता चलता है कि लाइसेंसधारक लैब में सोने की शुद्धता की जांच की गई है। बीआईएस की वेबसाइट के मुताबिक यह देश में एकमात्र एजेंसी है जिसे सोने के गहनों की हॉलमार्किंग के लिए सरकार से मंजूरी प्राप्त है। कई ज्वेलर बीआईएस की सेवा लेने की बजाय खुद हॉलमार्किंग करते हैं इसलिए खरीदारी से पहले यह जान लेना चाहिए कि ज्वेलरी बीआईएस हॉलमार्किंग है या नहीं। 

हॉलमार्किंग प्रमाणित है या नहीं ?

जिस लैब में ज्वेलरी की जांच की जाती है वह अपना लोगो डालती है। बीआईएस की वेबसाइट ये यह पता कर सकते हैं कि लैब के पास बीआईएस का लाइसेंस है या नहीं ज्वेलर की पहचान का निशान ज्वेलरी पर विक्रेता की पहचान भी अंकित होती है। यह बीआईएस से सर्टिफाइड ज्वेलर या ज्वेलरी बनाने वाले का हो सकता है। बीआईएस की वेबसाइट पर सर्टिफाइड ज्वेलर्स की लिस्ट मौजूद है। 

कैरेट की शुद्धता का मतलब समझें

कैरेट में शुद्धता  यह सोने की शुद्धता बताने का पैमाना है। 24 कैरेट वाला सोना सबसे शुद्ध होता है। लेकिन यह बहुत नरम होने की वजह से ज्वेलरी बनाते समय कुछ मात्रा में चांदी और जिंक जैसी दूसरी धातुएं भी मिलाई जाती हैं। बीआईएस के मुताबिक फिलहाल 3 स्तरों 22 कैरेट, 18 कैरेट और 14 कैरेट के लिए हॉलमार्किंग की जाती है। 

मेकिंग चार्ज किस आधार पर लिए जाते हैं

मेकिंग चार्ज ज्वेलर्स अलग-अलग दरों पर मेकिंग चार्ज वसूलते हैं। यह ज्वेलरी की डिजाइन पर भी निर्भर करता है। ज्वेलरी मशीन से बनी है या हाथ से इसका भी मेकिंग चार्ज पर असर पड़ता है। मशीन से बनी ज्वेलरी अक्सर सस्ती होती है। मेकिंग चार्ज प्रति ग्राम सोने के आधार पर लिए जाते हैं।

आखिर में समझें

इन तमाम जानकारी के बाद भी आप परख लें कि आपको कोई हॉलमार्क दिखाकर कितना सही चीज दे रहा है। नकलचियों की दुनिया में ये समझना भी जरूरी है कि विश्वसनीय दुकान का चुनाव कैसे करें। ताकि आपको आपकी कीमत के हिसाब से सही चीज उपलब्ध हो सके।

मौर्य न्यूज18 की खास रिपोर्ट