भाजपा बोली, देख ये है रोड शो….. कांग्रेस बोली, दिखा जनता किधर है.!

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पटना में भाजपा के अमित शाह के रोड शो में उमड़ी भीड़

कांग्रेस बोली, सारे भाजपा के वर्कर जुटे , जनता नहीं जुटी

मौर्य न्यूज18 के लिए पटना से नयन की रिपोर्ट

पटना। 11 मई को पटना की सड़क पर 1 किलोमीटर का रोड शो हुआ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, रोड मिनिस्टर नंद किशोर यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ सीपी ठाकुर, केन्द्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह और साथ में केन्द्रीय मंत्री औऱ पटना साहिब से भाजपा के उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद पूरे खाफिले के साथ कदमकुआं रोड से गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पहुंचे।

कैसा रहा रोड शो का नज़रा पहले इसे जानते हैं

शाम का वक्त और नजारा देखने लायक। चहुंओर भगवा झंड़ा लहराता हुआ। लगा कोई शैलाब उड़मा है। कभी-कभी ऐसा भी लगा कि जीत का जश्न मनाने को आज ही पटना तैयार है। सबसे खास तो रहा कि रोड शो की शुरूआत उस इलाके से हुई जहां कांग्रेस का दामन थाम चुके शत्रुघ्न सिन्हा का घर था। सिन्हा के घर के मुहांने से भाजपा की जयकार गुंजी, वो भी ऐसी गुंजी कि मानो आज सबकुछ उन्हें सुनाना औऱ दिखाना ही दिया जाए। भाजपा की तैयारी और जोश ऐसी ही दिखी। वैसे वहां जो हुआ वो देखने लायक था। लेकिन शहर में चर्चा इस बात की हो रही है कि जगह और भी थे। इलाका और भी था फिर आखिर वहां से ही क्यूं। इस सवाल का जवाब मौर्य न्यूज18 ने तलाशनी शुरू की तो भाजपाईयों से जो छन कर आयी वो भी सुन लीजिए। भाजपाइयों का कहना था कि भाजपा उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद का ये जन्म स्थली है। इसी इलाके में उनका जन्म हुआ औऱ बचपन भी बीता। सो, उनकी ईच्छा के अनुसार रोड शो रखा गया और कोई दूसरी बात है ही नहीं।

पटना में भाजपा उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का रोड शो ।

भाजपाइयों की सफाई ये भी थी कि रही बात शत्रुघ्न सिन्हा को शो दिखाने की, तो ये बकवास ये अब शत्रुघ्न सिन्हा को क्या दिखाना, जनता खुद ही दिखा देगी। इसलिए जो भी ये कह रहे बहुत ही हल्की सी बात कह रहे । भाजपा चाहे जिस इलाके में भी रोड शो करे भीड़ अपार जुटनी ही है। और रही बात संदेश पहुंचाने की तो वो तो वोट के बाद खुद पता चल जाएगा कि भाजपा की पटना में ताकत क्या है। भाजपा को किसी को दिखाने की जरूरत नहीं है वो भी कंडिडेट शत्रुघ्न सिन्हा को तो बिल्कुल नहीं। अगर विपक्षी को यही लगता है तो कोई क्या कर सकता है।

कहने की बात नहीं कि रोड शो भले ही 1 किलोमीटर का रहा लेकिन जबर्दस्त रहा। फूलो की बरसात भी हुई। अमित शाह ये सब देखकर गदगद तो जरूर हुए होंगे। कार्यकर्ता को भी बहुत मजा आ रहा था, जयकारे की गुंज आसमान की ओर गुंजायमान थी। ये सब सीन 11 मई की शाम की थी। और कारगिल चौक पर पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे लगे फिर भाषणबाजी हुई औऱ यहीं रोड शो समपन्न हो गया।

भाजपा को वोटरों पर आंखमुंद कर भरोसा भी, बेचैनी भी

कहने की बात नहीं कि पटना साहिब भाजपा का गढ़ माना जाता है और भाजपा यहां के वोटरों पर आंख मुंद कर भरोसा करती है कि जो भी होगा भाजपा के लिए ही होगा। मतदाता कभी भाजपा को छोड़ नहीं सकती। इसी अटूट विश्वास के साथ भाजपा मेहनत भी कर रही है। मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ रही।


पटना साहिब लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा और भाजपा के रविशंकर प्रसाद की तस्वीर

अब सवाल है कि भाजपा जब इस सीट से बिल्कुल कंफर्म है तो फिर इतना पसीना क्यों बहाया जा रहा। भाजपा नेता की तरफ से इस सवाल का जवाब ये है कि भाजपा किसी को कमजोर मानकर काम नहीं करती वो भी जब सामने प्रतिद्वंदी उसी के खेमे से जाकर दूसरे खेमे में खड़ा हो गया हो तब तो और भी नहीं।

रोड शो पर कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा की टिप्पणी गौर करने लायक

रही बात भाजपा से कांग्रेस के हो चुके शत्रुघ्न सिन्हा कि तो वो इस शो से जरा भी विचलित नही दिखते औऱ ना ही इस शो पर उन्होंने कोई टिप्पणी ही की है। लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेता औऱ एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने ये जरूर तंज कसा है कि भीड़ तो जुटी पर जनता की नहीं सारे भाजपा वर्कर्स यानि सिर्फ़ भाजपा के कार्यकर्ता की भीड़ थी। जनता की भागीदारी नहीं दिखी । इस रोड शो को जनता ने नकार सा दिया है। जनता ने हिस्सा ही नहीं लिया, और ना ही रोड शो में कोई रूची दिखाई गई। और तो और मिश्रजी ने जले पर नमक छिड़कने वाली टिप्पनणी भी कर दी कहा कि बिन पब्लिक शो वो भी गलियारे वाले भीड़-भाड़ में । उन्होंने कहा कि रोड शो उस इलाके में रखा गया जहां आये दिन बाजार मंडी करने वाले लोगों से सड़के जाम रहा करती है।

काग्रेस अध्य़क्ष राहुल गांधी के साथ बिहार के कांग्रेस लीडर प्रेमचंद्र मिश्रा

वैसे इलाके में तो भीड़ पहले से ही रहती है। वहां रोड शो करके भाजपा ने सस्ती लोकप्रियता हांसिल करने की कोशिश की। इसी से पता चलता है कि शत्रुघ्न सिन्हा की उम्मीदवारी से भाजपा कितना घबराई हुई है। उन्होंने ये भी कहा कि रोड शो शत्रुघ्न सिन्हा के घर के पास से निकाली गई। उस जगह को चुना जाना भी सही नहीं था, कम से कम कंडिडेट की मर्यादा का भी ख्याल रखा जाना चाहिए था। भाजपा को ऐसा नहीं करना चाहिए था।

कांग्रेस की टिप्पणी में कितना है दम ये भी जानिए

अब कांग्रेस के प्रेमचंद्र मिश्रा की टिप्पणी पर गौर करें तो बात में दम भी दिखता है कि वो इलाका आये दिन जाम रहता है। औऱ रास्ते भी सकरे हैं। भीड़ हमेशा उस इलाके में रहती है वो भी जिस टाइम में रोड शो किया गया उस समय तो किसी भी दिन हजारों की तादाद में लोग मार्केट करने आते हैं औऱ गाड़ियां रेंगती रहती है। रही बात भाजपा के रोड शो में भीड़ की तो ये बात तो बहुत हद तक सच ही है कि ज्यादातर भाजपाई कार्यकर्ताओं का ही जमावड़ा था । पब्लिक कुछ हो तो हो। ऐसे में प्रेमचंद्र मिश्र की टिप्पणी को बेवजह वाली टिप्पणी नहीं कही जा सकती। इसमें दम दिखता है।

भाजपा के गढ़ को कांग्रेस भेद पाएगी…क्या है तैयारी !

कांग्रेस लीडर प्रेमचंद्र मिश्रा के साथ कांग्रेस उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा पटना में चुनावी सभा करते हुए।

हां, ये अलग बात है कि पटना साहिब भाजपा का गढ रहा है औऱ शत्रुघ्न सिन्हा इसी खेमे में अपनी अधिकांश जिंदगी गुजार दी तो यहां के लोगों में उनकी पकड़ औऱ भाजपा की रणनीति को भी बेहतर से जानते ही होंगे। कार्यकर्ताओं का कुछ खेमा तो ऑबलाइज होगा ही. जिनका साथ मिल रहा होगा। ऐसे में भाजपा की घबराहट ना होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन लबोलुआब ये है कि भाजपा मेहनत के साथ चुनावी मैदान में है. जदयू औऱ लोजपा का साथ भी है। इस इलाके से भाजपा औऱ जदयू के ज्यादातर विधायक हैं। ऐसे में शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस का दामन थाम कर कितना वोट जुटा पाते हैं, कितना कटेस्ट दे पाते हैं, ये देखना होगा। फिलहाल मुकाबले में दोनों हैं। और रविशंकर प्रसाद प्रचार-प्रसार और जनसंपर्क में भी शत्रु से बीस दिखते हैं। जबकि शत्रु आराम से इस चुनाव को मानो इंज्वाई कर रहे हैं। और अब तक औपचारिक प्रचार-प्रसार की मुद्रा में ही दिखे हैं. लेकिन अभी पांच दिन् हांथ हैं क्या कुछ करते हैं या नहीं ये देखना होगा।और कांग्रेस कितना गंभीर औऱ कैसी रणनीति अपनाती है ये भी देखना दिलचस्प होगा।

मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट