LiFe – कौन कर रहा जिंदगी बर्बाद !

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मनोरोग विशेषज्ञ डॉ बिंदा सिंह से खास बातचीत

नयन, मौर्य न्यूज18।

बच्चे देश का भविष्य होते हैं। पर इनकी बर्बादी हो रही है। इनके माइंड को पॉल्यूट किया जा रहा। दूषित हो रहा है माइंड। अभिवावक सर्शक नहीं हुए तो बड़े खतरे के लिए तैयार रहना चाहिए। आखिर कहां हो रही है चूक। कौन कर रहा बर्बाद। कहीं हम सब इसके जिम्मेदार तो नहीं। विषय सोचने का है। मंथन करने का है। गंभीरता से लेने का है।

सामाजिक समस्याएं क्यों बढ़ रही

मौर्य न्यूज18 ने इन्हीं सामाजिक समस्याओं पर बातचीत की मनोचिकित्सक मनोविज्ञान की विशेषज्ञ डॉ बिंदा सिंह से। डॉ सिंह बताती हैं कि मानसिक समस्याओं से समाज घिरता जा रहा है। बच्चे बर्बाद हो रहे हैं। मासूम जिंदगी तबाह हो रही है। वजह, मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया है। हम बच्चों को मोबाइल थमा कर कुछ देर के लिए उनके बचपन की कतूहल को शांत करने की कोशिश तो जरूर करते हैं। लेकिन उनका बचपन मोबाइल और नेट की दुनिया में फंसकर बर्बाद होता चला जा रहा हैं। इससे ना सिर्फ मानसिक बीमारियों के शिकार हो रहे बल्कि आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है। जिससे माइंड दूषित होता चला जाता है। उसके अंदर को ग्रोथ किसी और दिशा में बढ़ता चला जाता है। और शारिरीक मजबूती नहीं मिल पाती है। कई तरह की बीमारियां बचपन से ही घर करने लग जाती है।

इंटरनेट और सोशल मीडिया में फंसती जिंदगी

मोबाइल में फंसी जिंदगी

डॉ बिंदा कहती है कि ये सिर्फ बच्चों पर ही लागू नहीं हो रहा। बड़े भी इसके शिकार हो रहे। जबसे सोशल मीडिया का चलन बढ़ा है। सबके सब इसी में उलझ कर रह गए हैं। फंसते जा रहे हैं नेट की दुनिया में। जबकि इसका उपयोग होना चाहिए। लेकिन ज्यादातर दुरपयोग ही हो रहा है।

डॉ सिंह का ये भी कहना है कि इन्हीं सब कारणों से समाज में मानसिक रोग उत्पन्न हो रहे। लोग डिप्रेशन के शिकार हो रहे। आये दिन सामाजिक बुराइयां लोगों के जीवन में हावी होती जा रही। ला इलाज सा बीमारी होता जा रहा है ये।

ज्वाइंट फैमली का ना होना

वो कहती हैं कि पहले ज्वाइंट फैमली हुआ करती थी तो एक दूसरे को किसी बुरे बर्ताव के लिए टोका करती थी। और किसी ना किसी की बात मानकर लोग अपनी आदत में सुधार लाते रहते थे। यानि चेक करने वाला होता था। अब तो कोई किसी की बात मानने को तैयार नहीं है। लड़ना-झग़ड़ना। शादी जैसे बंधन टूट जा रहे। ये सब कहीं ना कहीं मोबाइल और इनटर नेट की दुनिया से बिगड़ती मानसिक स्थिति के कारण ही हो रहा।

कैसे काबू पाया जाए

इसके बिन रहा ना जाए !

रही बात इसपर काबू कैसे पाया जाए। तो वजह, साफ है कि आप अपने टाइम को मैनेज करें। समय पर हर काम सही से करें। सुबह उठने का काम। समय पर रात में सोने का काम। खाना और दिनचर्या भी सब ठीक होना चाहिए। यहां तो स्थिति ये हो गई है कि लोग खाते हुए भी मोबाइल इंटरनेट को थामे रहते हैं। कब सोना, कब जागना कोई सही टाइमिंग नहीं और दिमाग पर जोड़ देना मजबूरी सी रहती है। यही वजह है कि सारा सिस्टम बॉडी का डिसआर्डर में चला जाता है। नतीजा, खतरनाक जिंदगी बनती चली जाती है।

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मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की खास रिपोर्ट।