मैं गिरिराज सिंह कैबिनेट मंत्री !

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मोदी सरकार- पार्ट-2 में कैबिनेच मंज्ञी का शपथ लेते बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह

बेगूसराय से चुनाव के दौरान देशभर में रहे सुर्खियों में

नयन, मौर्य न्यूज18

पटना। मोदी सरकर पार्ट-2 में कैबिनेट मंत्री के रूप में बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने शपथ ली। इस सांसद ने नवादा से 2014 में जीत के बाद राज्यमंत्री के रूप में मोदी सरकार के पार्ट01 का हिस्सा भी रहे। इस सांसद के बारे में चर्चा इसलिए जरूरी है कि बिहार में या पूरे देश में अपने बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहे।

बिहार में जिस जगह से ये चुनाव लड़ रहे थे। वो था बेगूसराय का इलाका और ये इलाका पूरे देश में ही नहीं पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना रहा। 2019 के लोकसभा चुनाव में देखें तो दुनियाभर की मीडिया की नज़र बेगूसराय पर टिकी थी कि यहां क्या होगा। वजह, साफ था, यहां से एक युवा पॉलिटिशियन कन्हैंया कुमार खड़े थे। जो जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष भी रहे। औऱ देश द्रोही नारे लगाए जाने के आरोप से घिरे रहे हैं। जिन पर कोर्ट में मुकदमा दायर है और आगे क्या होगा इसपर सबकी नज़र है। जब नारेबाजी की घटना हुई थी तो दुनियाभर में तहका मच गया था कि भारत में ये क्या हो रहा है। औऱ बेगूसराय का ये युवक सत्ता औऱ प्रशासन के सामने अपनी बातों को पूरजोर तरीके से रखता रहा। तब से मीडिया भी इस युवक को हाईलाइट करने में कोई कमी नहीं की।

नतीजतन, चस्का लगा. लोकसभा चुनावी दाव खेलने का। और मोदी विरोधी गैंग कहिए या कन्हैया के आवाज को बुलंद करने वाले गैंग कहिए या टुकड़े-टुकड़े गैंग कहिए। सभी ने मिलकर चंदा राशि इक्ट्टा की और उतार दिया मैदान में। सीपीआई के उम्मीदवार के रूप में ये युवक बेगूसराय लोकसभा से उम्मीदवार बना और दूसरी तरफ भाजपा से गिरिराज सिंह। जिनकी छवि हिन्दू सम्राट के रूप में पेश की गई।

फिर जो कुछ भी हुआ वो सबसे सामने हैं। पूरे देश से कन्हैया के लिए स्वत: प्रचार-प्रसार करने वालों का तांता सा लग गया। बेगूसराय में पूरे देश से लोग जुटने लगे। फिल्मी कलाकार से लेकर राजनीति के माहिर तक । मीडिया भी पूरी तरह से खचाखच भरी रही तबतक जबतक मतदान हो नहीं गया। माहौल ऐसा बना कि पूरे देश का चुनाव बेगूसराय में आकर सिमट गया हो।

ऐसे में यहां भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। कि अगर कुछ भी उंच नीच होता है तो किरिकिरी पूरी दुनिया में होगी और सांसद में वो युवक पहुंचेगा जिसपर देश द्रोह का मुकदमा चल रहा हो। ऐसे में संसद में क्या माहौल होगा…ऐसी कई बातें सामने थी।

लेकिन रिजल्ट आया ऐसा कि जनता ने बता दिया कि देश के नाम पर कुछ भी बर्दास्त नहीं। चाहे वो कोई भी हो। कितनी भी मिठी बातें करके लुभाने की कोशिश क्यों ना करे। जनता कभी देश द्रोही नारे लगाने वाले को स्वीकार नहीं करेगी। यानि जनता की अदालत में कन्हैंया कुमार फेल हुए और उन्हें मुक्की खानी पड़ी।

औऱ यहां गिरिराज सिंह चार लाख से अधिक वोटों से विजय होकर देशभर में अपना लोहा मनवा दिया ऐसा कह सकते हैं। ऐसे वीर योद्धा वाली छवि के साथ उभरे सांसद गिरिराज सिंह का कद बढ़ना ही था , सो अब पार्ट-2 मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। और पशुपालन मंत्री बनाए गये।

बिहार में राजनीति जाति पर आधारित रही है। इस लिहाज से देखें तो गिरिराज सिंह सवर्ण नेता के तौर पर खास कर भूमिहार जाति के नेतृत्व कर्ता के तौर पर भी उभरे हैं। क्योंकि यहां भाजपा ने एकमात्र भूमिहार जाति को टिकट देकर संकट मोल लिया था। औऱ भूमिहार जाति में इसकी नाराजगी भी देखी जा रही थी।

इस जाति के लोगों ने चुनाव के दौरान नखरे भी किये औऱ गुस्से का इजहार भी किया था, स्थिति को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने खास वीमान भेजकर इस जाति के नाराज नेताओं को मनाने के लिए दिल्ली ले गए और फिर मान-मनौवल के बाद स्थिति को काबू में किया गया। ऐसे में अब जबकी प्रचंड बहुमत से मोदी की सरकार बन चुकी है औऱ बिहार में भी 40 में 39 सीट जीत कर एनडीए खेमा गद्दगद है। ऐसे में गिरिराज सिंह का इकलौता भूमिहार नेतृत्व इन्हें और मजबूती देगा। सरकार में भी इनकी अच्छी चलेगी। ऐसी बातें अभी से होने लगी है। आगे देखिए और होता क्या-क्या है। फिलहाल तो बिहार के लिए गिरिराज सिंह कद्दवार नेता के रूप में बने रहेंगे। सवर्णों की रणनीति बहुत कुछ इनपर भी निर्भर करेगी।

मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की खास रिपोर्ट।