बेतिया : जा तुझको सुखी संसार मिले

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बेतिया डीएम डाॅ0 निलेश रामचंद्र देवरे मासूम बच्ची को टिका लगाते हुए।

बच्ची को गोद लेकर बेहद खुश दिखीं अमेरिका की एल्सा।

जिलाधिकारी ने बच्ची को तिलक लगाकर दिया आशीर्वाद  


बेतिया, मौर्य न्यूज18 । 20 जुलाई 2019

 

बिटिया की विदाई का वो पल-

जब शादी के बाद बेटी विदा होती हैं तो लोगों की आंखें नम हो जाती है। मां-बाप भाई-बहन, परिवार-समाज, गांव-घर पूरा कुनबा नम आंखों से बेटी की विदाई करते हैं। गीत भी जाए जाते हैं- जा तुझको सुखी संसार मिले। यहां बेतिया से भी एक मासूम बिटिया अपने घर से विदा हो रही है। इस बात के लिए नहीं कि वो ब्याही गई है, इस बात के लिए कि उसे जन्म देने वाली मां और उसके पालनहार पिता उनके पास नहीं हैं। वो अनाथ है। ऐसे अबोध और मासूम उम्र में अब उसकी मां कोई औऱ बनने जा रही है। शायद उसे ये भी पता नहीं कि वो कौन है जिसे अब वो मां कहेगी। और उनकी छत्र छाया में पलेगी, बढ़ेगी। कुदरत ने दुनिया में इस मासूम के लिए शायद यही बेहतर समझा होगा। सो, भारत के बेतिया जैसे इलाके से विदा होकर वो अमेरिका जैसे शहर में रहने जा रही है। सुदूर…बहुत दूर..बहुत दूर जा रही है। अपने देश को, अपने गांव को, अपनी जन्म भूमि को, अपने इलाके को छोड़कर। यहां के लोगों की आंखे बार-बार भर आती है। शायद यही सब सोंच कर कि बिटिया मेरी कैसे रहेगी। सलामती की दुआ करते हैं। औऱ उसकी खुशी के लिए ये आंखे नम होकर भी खुश होती है। मौर्य न्यूज18 भी इस बिटिया की सलामती की दुआ करता है और कहता है कि जा तुझको सुखी संसार मिले।

अब खबर विस्तार से

बेतिया समाहरणालय सभागार में 20.जुलाई को दत्तक ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसे जिला बाल संरक्षण अंतर्गत विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान द्वारा आयोजित किया गया। दत्तक ग्रहण कार्यक्रम में प्री एडाॅप्शन के तहत अमेरिकन नागरिक एल्सा ने एक बच्ची को गोद लिया। 

गोद लेने वाली मां ने क्या कहा

गोद लेने आयी अमेरिकन नागरिक  एल्सा ने बताया कि पहले से वे एक बच्चे की मां है, बाद में चीनी मूल के बच्चे को गोद लिया। उनकी हार्दिक इच्छा थी कि एक बेटी हो तो पुनः हमने अपना निबंधन कराया और बेतिया के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से एक बच्ची प्राप्त हुई। उन्होंने भावुक होकर कहा कि लड़की की चाहत उन्हें यहां खींच लाई है और वे बच्ची को पाकर बेहद खुश है।

डीएम हुए भावुक, सात बेटियां कर दी है दान

दत्तक ग्रहण कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी, डाॅ0 निलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि मैं स्वयं को काफी गौरान्वित महसूस कर रहां हूं कि मेरे ही हाथों उद्घाटित दत्तक ग्रहण संस्थान से अबतक 7 बच्चे गोद लिये जा चुके हैं, जिसमें सभी बेटियां हैं। यह पश्चिम चम्पारण जिले के लिए बेहद की गौरव की बात है। उन्होंने बच्ची को माथे पर तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया औऱ काफी भावुक हो गए। उनकी आंखें भी नम दिखीं। लेकिन बच्ची की खुशहाली के लिए हंसते-मुस्कुराते रहे। शुभकामनाएं भी दीं।  

वहीं सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, ममता झा ने बताया कि वर्ष 2018 में शुरू हुए हुए विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से अबतक छह बच्चों को लोगों द्वारा गोद लिया जा चुका है। यह सातवीं बच्ची है जिसे अमेरिकी दंपत्ति गोद ले रहे हैं। वर्तमान में इस संस्थान में 12 बच्चे-बच्चियां हैं जिसमें से 5 अन्य का भी चयन विदेशी दंपत्ति कर चुके हैं जिन्हें कानूनी प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के उपरांत सौंप दिया जायेगा। दत्तक ग्रहण कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी, डाॅ0 निलेश रामचंद्र देवरे, एडीएम,नंदकिशोर साह, सिविल सर्जन, डाॅ0 अरूण कुमार सिन्हा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी,अनिल राय, वरीय उप समाहर्ता,आशीष कुमार बरियार, ओएसडी,बैधनाथ प्रसाद, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस, डाॅ0 निरूपा कुमारी, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, ममता झा, प्रशिक्षु उप समाहर्तागण सहित जिलास्तरीय अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।

चलते-चलते

कहने की बात नहीं कि इंसान ही इंसान के काम आता है। समाज में कोई बच्चा जन्म लेता है तो उसकी परवरिश हो ही जाती है। या जन्म देने वाले माता-पिता करें या कोई और लेकिन ऐसी परिस्थिति किसी के साथ ना बने कि मासूम उम्र में ही मां-बाप का साया मिट जाए। वो अनाथ हो जाए। लेकिन यहां उन लोगों को भी सीखने की है जो मां-बाप के रहते उनकी कद्र नहीं समझते। अब ये बच्ची अपने देश में लावारिश की तरह जिए इससे बेहतर है कि दुनिया के किसी और कोने में रहकर वो बेहतर जिंदगी जी सके। इंसानियत के इस बढ़ते कदम को सलाम। यहां बच्ची को दान करने वाली व्यवस्था को ये भी ध्यान देना होगा कि बच्ची के नए पालनहार उसे पूरी जिंदगी सलामती से रख सकें और ताउम्र समय-समय पर बच्ची की पूरी रिपोर्ट ली जा सके।

रिपोर्ट : –

बेतिया से मौर्य न्यूज18 के लिए रविशंकर मिश्रा की रिपोर्ट