धारा-370 पर एक बिहारी आईपीएस की राय जानिए..! Maurya News18

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GUEST REPORT

धारा-370 को नई दिशा देने से भारत की तस्वीर बदल गई है। ऐसे में एक आईपीएस अधिकारी जो पुलिस अधिकारी के तौर पर देश की सेवा करता रहा है। जिसने अपनी लाइफ में कानून की रक्षा का काम चुना। आखिर वो अब क्या कुछ सोंच रहा है । ये भी जनाना काफी दिलचस्प है। इनके नजरिए को भी पढ़ना जरूरी है। ऐसे में एक बिहारी आईपीएस डॉ ध्रुव गुप्त की लेखनी सबको पढ़नी चाहिए। उसे उनकी लिखी ही प्रस्तुत कर रहा हूं।

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डॉ ध्रुव गुप्त, आईपीएस की कलम से….।  

कश्मीरी पहले कानूनी भाई थे अब सगे हुए…।

कश्मीरी पिछले सत्तर साल से हमारे कानूनी भाई थे, आज हमारे सगे भाई हुए। कश्मीर जोअबतक भारत का शोपीस था, आज भारत का मुकुट बना। उम्मीद है कि कश्मीर घाटी से आतंक और अलगाववाद की दुकानदारी ख़त्म होगी। मुट्ठी भर सियासी परिवारों की इज़ारेदारी और उनके द्वारा संसाधनों की लूट पर लगाम लग सकेगी। वहां के गरीब नागरिकों के लिए विकास और रोजगार के नए-नए दरवाज़े खुलेंगे। वहां के नागरिकता कानून में विसंगति की वजह से छह दशकों से बिना किसी अधिकार के शरणार्थियों का जीवन जी रहे लाखों लोगों को बराबरी का दर्ज़ा मिलेगा।

कश्मीरी पंडितों की वापसी प्रक्रिया शुरू होगी…

कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रदेश के बाहर शादी करने वाली कश्मीर की बेटियों को अपनी पैतृक संपत्ति में उनका जायज़ अधिकार हासिल हो सकेगा।भाजपा सरकार से तमाम वैचारिक असहमतियों के बावज़ूद इस साहसिक फ़ैसले के लिए उसकी तारीफ़ की जानी चाहिए ! जिन लोगों को आज कश्मीरियत पर ख़तरे की आशंका दिख रही है, उनसे यह सवाल पूछना चाहिए कि क्या भारत में बिना शर्त विलय से बंगाल,असम, पंजाब, गुजरात या दक्षिण भारतीय राज्यों की अलग पहचान मिट गई है ?

नई व्यवस्था में सामंजस्य स्थापित करने की चुनौती

समस्या सिर्फ यह है कि धारा 370 के छद्मलोक में जीने के आदी हमारे ज्यादातर कश्मीरी भाईयों को इस नई व्यवस्था से सामंजस्य स्थापित करने में बहुत मुश्किल होगी। प्रदेश के आमजन को विश्वास में लेना और देश की मुख्यधारा से भावनात्मक तौर पर उन्हें जोड़ने का काम बाकी है। भारत सरकार या कश्मीर का प्रशासन इस काम में किस हद तक सफल हो पाएगा, यह देखना अभी बाकी है।

आपने लिखा है –

डॉ ध्रुव गुप्त

आप आईपीएस हैं। बिहार से हैं। साहित्य में आपकी अपार रूचि है। देश के जाने-माने पत्र-पत्रिकाओं में आपकी रचना प्रकाशित होती रहती है। आपकी लेखनी काफी तथ्यपूर्ण और प्रेरक होती है। आप साहित्यजगत में काफी तेजी से उभरते हुए व्यक्तित्व हैं।

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