अब कार्ति चिदंबरम भी बच ना पाएंगे ! जानिए आखिर क्यों ? Maurya News18

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UK में बेनामी संपत्तियों का खुलासा

मुनीष पांडे । नई दिल्ली । मौर्य न्यूज18 ।

मुश्किलों का दौर जब चलता है तो थमने का नाम नहीं लेता। पी चिदंबरम सीबीआई के हत्थे क्या चढ़े मुश्किलें दरवाजे पर बिन बुलाए मेहमान की तरह दस्तक देनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में अब उनके बेटे कार्ति चिदंबरम की तबाही भी आन खड़ी हुई है।

अब खबरें विस्तार से

पिता पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम रिमांड पर है औऱ इधर उनके बेटे कार्ति चिदंबरम की यूके में बेनामी संपत्ति होने का पता चला है। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्ति की बेनामी संपत्तियों का पता लगाया है. ईडी ने जांच के दौरान कार्ति के दस्तावेज, ईमेल और हार्डवेयर सीज किए हैं. सूत्रों के मुताबिक कार्ति के ईमेल से यूके में कार्ति की बेनामी संपत्तियों का पता चला है.

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्ति की बेनामी संपत्तियों का पता लगाया है. ईडी ने जांच के दौरान कार्ति के दस्तावेज, ईमेल और हार्डवेयर सीज किए हैं. सूत्रों के मुताबिक कार्ति के ईमेल से यूके में कार्ति की बेनामी संपत्तियों का पता चला है.

बेनामी संपत्ति बनाए रखने को दी थी 1000 पाउंड

अब यहां ईडी सूत्रों की मानें तो कार्ति चिदंबरम से जुड़े मामलों की जांच के दौरान उन्होंने कार्ति के प्रॉपर्टी डीलर लोरेन मूनी और सीबीएन रेड्डी के बीच ईमेल के बारे में पता लगाया. इस कथित ईमेल में कार्ति चिदंबरम को भी मार्क किया गया था. सूत्रों के मुताबिक ईडी ने संपत्तियों के दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया है कि कार्ति ने अपनी बेनामी संपत्ति को बनाए रखने के लिए डीलर को संपत्ति के लिए 1000 पाउंड की रकम दी थी. वहीं जांच एजेंसी ने कार्ति के संपत्ति डीलर के जरिए हासिल जमीन के किराए का चालान संलग्न किया है.

संदिग्ध लेन-देन मामले में ईडी के रडार पर

जिस तरह से सूत्रों ने ठोस दावे किए हैं कि कार्ति संदिग्ध लेन-देन मामले में ईडी के निशाने पर हैं। नज़र पूरी तरह से बनी हुई है। वजह, बताने वाले पुख्ता तौर पर कह रहे हैं कि इन अचल संपत्तियों को गैरकानूनी तौर से कमाए गए धन से खरीदा गया था. यह उन विदेशी संपत्तियों का हिस्सा है, जिन्हें ईडी ने ट्रैक किया है. वहीं कार्ति चिदंबरम अपने पिता के साथ कई दूसरे संदिग्ध लेन-देन के मामलों में भी ईडी के रडार पर हैं. पी चिदंबरम और उनके परिवार का नाम एयरसेल मैक्सिस, आईएनएक्स मीडिया, डियाजियो स्कॉटलैंड और कटारा होल्डिंग्स सहित कई मामलों में सामने आ चुका है.

शेल कंपनियों की पहचान

इतनी सूचना ऑउट होने के बाद अब यहां शेल कंपनियों की पहचान भी जरूरी समझी गई। सो,  इसके साथ ही जांच एजेंसी ने कई ऐसी शेल कंपनियों की पहचान की है, जो भारत और विदेश में पंजीकृत हैं. इनमें से एक शेल कंपनी का 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश था. पूर्व मंत्री के बेटे कार्ति चिदंबरम के स्वामित्व वाली शेल कंपनी को ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड स्थित एक कंपनी से भी काफी भुगतान मिला था और यह कंपनी पनामा पेपर्स में भी सामने आ चुकी है ।

तो इस तरह रिपोर्ट जिस तरह की आ रही है। ये कहना गलत ना होगा कि अब शिकंजा पूरी तरह से पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम पर भी कसता जा रहा है। ईडी अपनी कार्रवाई को अंजाम कब देती है ये देखना होगा।

नई दिल्ली से मौर्य न्यूज18 के लिए मनीष पांडे की रिपोर्ट