द ड्रीमर का वर्कशॉप : सिल्वर स्क्रीन पर जाने से पहले कुछ सीख लें !

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पटना में लगा दस दिवसीय एक्टिंग एंड पर्सनालिटी वर्कशॉप संपन्न, युवाओं ने कई टिप्स सीखे

पटना, मौर्य न्यूज18 ।

सिल्वर स्क्रीन पर जाने से पहले टिप्स सीखना और गहरी समझ के साथ महत्वपूर्ण तथ्यों से भरे गुर सीखना जरूरी है। और इसी जरूरी हिस्से को यदि इस दुनिया में जाने का स्वप्न देखने वाले युवा सीख लें तो कायापलट हो सकती है। इसी सब उद्देश्य से बिहार की राजधानी पटना में पिछले दिनों इवेंट और रंगमंच से जुड़ी कंपनी द ड्रीमर की ओर से आयोजित दस दिवसीय एक्टिंग एंड पर्सनालिटी  वर्कशॉप का आयोजन किया। जो 16 सितम्बर को संपन्न हो गया।

आयोजन  द ड्रीमर के प्रबंध निदेशक सम्राट उपाध्याय की पहल से बिहार के युवाओं के बीच हुआ। पटना के अशोक राजपथ में इस वर्कशॉप की वयवस्था की गई । जिसमें गेस्ट फैक्लटी के तौर पर सुभ्रो भट्टाचार्य, धर्मेश मेहता ,अंजली शर्मा, उज्ज्वला गांगुली, हीरा लाल राय, रविकांत सिंह, विक्रांत चौहान मौजूद रहे जिन्होंने छात्रों को एक्टिंग और पर्सनालिटी डेवलपमेंट के टिप्स दिये।

इस वर्कशॉप की खासबात यह रही कि इसमें एक्टिंग और पर्सनालिटी डेवलपमेंट के बारे में विस्तार से बातें हुईं।

  संस्था के निदेशक सम्राट उपाध्याय ने कहा कि वर्कशॉप का उद्देश्य छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाना है जिससे वह जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकें।  इस तरह के वर्कशॉप अयोजित करने का मुख्य उद्देश्य ये था  कि बिहार के जो बच्चे आगे चलकर सिल्वर स्क्रीन पर अपनी चमक बिखेरना चाहते हैं उनके लिये वर्कशॉप काफी  कारगर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि फिल्म जगत में टैलेंट काफी मायने रखता है, हालांकि टैलेंट होता सबमे में है लेकिन उसे बिना गुरु के निखारा नहीं जा सकता है। वर्कशॉप में एक्टिंग के गुरुओं ने बच्चो को कलाकारी के गुण सिखाये और उनके टैलेंट को परखते हुए उन्हें एक नई उचाईयों तक पहुंचाने की कोशिश की। श्री उपाध्याय ने कहा कि जो छात्र एक्टिंग का शौक रखते हैं, अब उनके सारे शौक और सारे सपने पूरे होने वाले है। वर्कशॉप के दौरान छात्रों में काफी उत्साह देखने को मिला।छात्रों के लिये ये वर्कशॉप बहुत उपयोगी सिद्ध होगा। वर्कशॉप में पर्सनालिटी डेवलपमेंट के भी टिप्स दिये गये।

बच्चों को जागरूक करना है कि वो खुद को कैसे तैयार करें

सम्राट उपाध्याय ने बताया कि वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को समाज में विचरण करने के लिए जागरूक करना है कि आखिर समाज में रहकर खुद को कैसे डेवेलप करें। इस तरह का वर्कशॉप बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है । उन्होंने कहा कि आज जॉब के हर सेक्टर में ऐसी पर्सनेलिटी का बेहद ध्यान रखा जाता है, ऐसे में बच्चों में उपरोक्त सभी कौशल विकास व्यक्तित्व का होना बेहद जरूरी है।

अब बदल रहे पर्सनालिटी डेवेलपमेंट के मायने

उन्होंने कहा कि आज पर्सनालिटी डेवलपमेंट के मायने बदल गए हैं। कंपनियों में नौकरी देने से पहले आपका ड्रेस सेंस, डायनिंग सेंस भी देखा जाता है। सोसायटी और साथ में काम करने वालों के साथ आपका व्यवहार सकारात्मक होना चाहिए। आपका पहनावा भी आपके व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ कहता है। हर मौके के लिए अलग-अलग ड्रेस होने चाहिये। उन्होंने छात्रों को कम्युनिकेशन स्किल और इंटरपर्सनल स्किल के बारे में भी बताया और कहा कि किसी भी इंडस्ट्री के लिए यह दोनों स्किल बहुत ज़रूरी है क्योंकि बेहतर कम्युनिकेशन और इंटरपर्सनल स्किल के बिना इंडस्ट्री में काम करना संभव नहीं है।  वर्कशॉप के जरिए भविष्य की चुनौतियों के बारे में बताया गया है।

वर्कशॉप में हिस्सा लेने वाले छात्रों में आशीष कुमार , आकाश उपाध्याय , लालजी प्रसाद , नमनमिश्रा , सत्या आर्या , कुमार शानू और अनुराग समेत कई अन्य शामिल थे।

पटना से मौर्य न्यूज18 की रिपोर्ट