समय की मांग है सोलर एनर्जी : कृषि मंत्री Maurya News18

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सीड ने एनर्जी ट्रांजिशन रोडमैप-2032 जारी किया 

पटना से साक़िब ज़िया, मौर्य न्यूज18 ।

सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट सीड ने मंगलवार को एनर्जाइजिंग एग्रीकल्चर थुरु सन इन बिहार नामक  विजन डॉक्यूमेंट जारी किया। जो राज्य के कृषि क्षेत्र में उर्जा बदलाव का एक रोडमैप भी है और बिजली संकट से निपटने के लिए वर्ष 2032 तक अक्षय और सौर ऊर्जा से संबंधित कई महत्वपूर्ण सिफारिशें प्रस्तुत करता है।


रोडमैप जारी करते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि आज के समय में अक्षय ऊर्जा  दुनिया की मांग  है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है और इसके लिए अनुदान का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बिजली की मांग अधिक से अधिक हो जाएगी ऐसे में अक्षय ऊर्जा का उपयोग लोगों के लिए काफी लाभकारी और सस्ता साबित होगा। एनर्जी ट्रांजिशन रोडमैप 2032 को केपीएमजी द्वारा तैयार किया गया है।

अगर वर्ष 2032 तक कृषि सिंचाई की बिजली संबंधी जरूरतों का 50 प्रतिशत वितरित सौर ऊर्जा प्रणालियों से पूरा किया गया तो प्रदेश के खजाने में करीब 9, 900 करोड़ रुपये की बचत होगी। रिपोर्ट में कई तरह के बिजनेस मॉडलों के अनुपालन तथा समग्र तौर पर बिहार के कृषि क्षेत्र में उर्जा बदलाव के ढांचे के प्रभावी क्रियान्वयन को विस्तार से पेश किया गया है।

ये सिर्फ रोडमैन, नहीं एक विजन है : रमापति

सीड के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर रमापति कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र से संबंधित एनर्जी ट्रांजिशन रोडमैप केवल एक रिपोर्ट नहीं है बल्कि राज्य में किसानों और खेतों को मदद और मजबूती प्रदान करने का एक विजन भी है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब सरकार किसानों की आय दोगुना करने तथा कृषि क्षेत्र में अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी को बढ़ाने के प्रति कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि बिहार में सिंचाई के लिए बिजली की मांग वर्ष 2032 तक प्रतिवर्ष लगातार 16 से 20 प्रतिशत की दर से और कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों के लिए बिजली मांग सालाना 15 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है।

कृषि क्षेत्र में बदलाव के कई मॉडल चल रहे : बीआईए


कॉन्फ्रेंस में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रामलाल खेतान ने कहा कि बिहार में कृषि क्षेत्र को बदलने के लिए कई मॉडल चल रहे हैं। सीड में पावर एनालिस्ट अश्विनी अशोक ने अपने संबोधन में कहा कि कहा कि बिहार को मल्टी स्टैक्होडरिज्म एप्रोच पॉलिसी इंसेंटिवाइजेशन और क्षमता निर्माण कदमों को अपनाने की जरूरत है साथ ही किसानों और उद्यमियों को सिंगल विंडो सिस्टम के आधार पर सौर ऊर्जा के प्रति प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

कार्यक्रम में इन्होंने भी अपने विचार रखे


कार्यक्रम के दौरान बिहार ऊर्जा नियामक आयोग के चेयरमैन शक्ति नेगी, हॉर्टिकल्चर विभाग के निदेशक नंद किशोर, केपीएमजी में एसोसिएट डायरेक्टर इशिता गुप्ता, असर सोशल इंपैक्ट में एनर्जी एक्सपर्ट अभिषेक प्रताप सहित कई जाने-माने विशेषज्ञ, शिक्षाविद और बुद्धिजीवियों ने भीअपने विचार व्यक्त किए ।


पटना से मौर्य न्यूज18 के लिए साकिब ज़िया की रिपोर्ट