राजपूत बिरादरी से सीएम नीतीश का ये कैसा कमिटमेंट ! Maurya News18

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इशारों-इशारों में आनंद के लिए कर गए आनंद की बात !

पटना में महाराणा प्रताप स्मृति पर सीएम के आश्वासन पर खूब गूंजी तालियां , जिंदाबाद के नारे लगे।

नयन कुमार, पटना, मौर्य न्यूज18 ।

हमें सबका ख्याल  है । हमें आपके चहुओर से पुराने साथी की याद दिलाई जा रही है। हम ख्याल रखेंगे। जो कर सकते हैं करेंगे। हमारे हाथ में जो है सो जरूर करेंगे। पर हमारे हाथ भी कुछ बंधे-बंधे से हैं। फिर भी चिंता करने की बात नहीं।

ये कहना था बिहार के सीएम नीतीश कुमार का। इशारा जेल में कैद आनंद मोहन की ओर था। मौका था महाराणा प्रताप स्मृति समारोह का। जो पटना के मिलर हाई स्कूल के मैदान में 20 जनवरी को जदयू कार्यकर्ताओं की ओर से आयोजित किया गया था।


जदयू सुप्रीमो की नई रणनीति

इस मौके पर बिहारभर से राजपूतों बिरादरी के लोग जुटे थे। और आपको बता दें कि पॉलिटिक्स में राजपूतों के नेता के रूप में उभरने वाले आनंद मोहन इन दिनों हत्या के एक मामले में सजायाफ्ता हैं। जिनकी रिहाई की मांग बहुत दिनों से की जा रही है। सो, मौका देख कर सीएम नीतीश कुमार भी भारी भीड़ देख कर इतना गदगद हुए कि तोहफे के रूप में आनंद मोहन की रिहार की ओर इशारा कर खूब तालियां बटोरी।

मिलर हाई स्कूल मैदान में राजपूत बिरादरी इस तरह के आश्वासन के लिए ललायित भी थे। और उनके मन की बात कह कर सीएम ने सबका दिल जीत लिया।

कहने की बात नहीं कि राजनीति में हर दांव खेलना सीएम नीतीश कुमार बखूबी जानते हैं। और राजनीति करने वाले या राज्य की आम-आवाम ये जानती है कि सीएम नीतीश कुमार जब कोई कमिटमेंट करते हैं तो फिर वो अपनी भी नहीं सुनते, वो करके ही दम लेते हैं। अब इस बिरादरी में एक नई चमक-धमक आ गई है।

आपको बता दें कि इन दिनों सवर्ण की राजनीति को लेकर बड़ा खेल चल रहा है। जब से सवर्ण गुस्से में आंदोलन औऱ सम्मेलनों के जरिए अपनी हुंकार भरनी शुरू की है तब से सभी राजनीति दल इस तबके को साधने में जुट गए हैं।

हाल ही में देखें तो बह्मजन एकता और भूमिहार-बह्मण महासभा की ओर से सम्मेलन के बाद चुनाव में राजनीतिक दलों को सबक सीखाने की धमकी दिए जाने के बाद राजद ने अपना प्रदेश अध्यक्ष राजपूत बिरादरी से देकर एक चाल तो चल ही दिया। और राजद ने लगे ये भी घोषणा कर दी कि आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में सवर्णों को भी बड़ी संख्या में टिकट दिए जाएंगे।

सवर्ण को खुश करने का दांव

विपक्ष के इस दांव के बाद एनडीए खेमे में भी खलबली मची है। ऐसे में जदयू के सुप्रीमो सवर्ण की सभा में अपना दांव ना खेलें ऐसा कैसे हो सकता था। सो, सोंच समझ कर आनंद मोहन की रिहाई के प्रयास का दांव खेल दिया है। अब देखना होगा कि इसका कितना असर सवर्णों पर पड़ता है। जाहिर है कि अब आनंद मोहन जेल से छूटते हैं तो सारा क्रेडिट सीएम नीतीश कुमार को ही जाएगा। जाहिर है जदयू के राजनीति समीकरण भी काफी मजबूत होंगे।

आपको बता दें कि पटना के मिलर स्कूल में राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस राष्ट्र रत्न महाराणा प्रताप स्मृति समारोह के रूप में  मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह  ने की।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बिहार प्रदेश जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह दादा थे। कार्यक्रम में सांसद ललन सिंह,  बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ,  नीरज कुमार,  जयकुमार सिंह, श्रवण कुमार, नरेन्द्र नारायण यादव, विधायक श्रीमती लेसी सिंह,  सांसद कविता सिंह, पूर्व मंत्री गौतम सिंह, विधायक अशोक सिंह , विधायक श्रीमती सुनीता सिंह ,पूर्व विधायक मनजीत सिंह, विधायक वशिष्ट सिंह ,  रिंकू सिंह , पूर्व विधायक महेश्वर सिंह, रविद्र सिंह ,डॉक्टर नवीन कुमार आर्य , नंदकिशोर कुशवाहा,  शैलेंद्र सिंह, डॉक्टर सुनील सिंह, राणा रंधीर सिंह , पार्टी प्रवक्ता  राजीव रंजन, अंजुम आरा, निखिल मंडल, अरविंद निषाद  मौजूद थे।

पटना से मौर्य न्यूज18 के नयन कुमार की खास रिपोर्ट ।