आप की दिल्ली ! Maurya News18

0
442

GUEST VIEW

डॉ ध्रुव गुप्त की कलम से

इसमें कोई संदेह नहीं कि केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के विधान सभा चुनाव को भाजपा ने भारतीय लोकतंत्र का अबतक का सबसे गंदा और सांप्रदायिक चुनाव बनाने में कोई क़सर नहीं छोड़ी थी और देश का हर ज़िम्मेदार नागरिक उसके हार जाने की दुआएं मांग रहा था। भाजपा यह चुनाव हार भी रही है, लेकिन अगर आप सोचते हैं कि वह अपनी सांप्रदायिक और नफरत की राजनीति की वज़ह से हार रही है तो आप ग़लत हैं।

सांप्रदायिकता भाजपा की ताक़त रही है और उसके भक्तों की संख्या कुल मतदाताओं की संख्या की चालीस प्रतिशत से कम नहीं है। यह संख्या दिल्ली में उसे जिताने के लिए पर्याप्त थी। दिल्ली में भाजपा इसीलिए हार रही है क्योंकि वहां के सजग धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं ने भाजपा-विरोधी मतों का विभाजन नहीं होने दिया और दिल्ली में मृतप्राय हो चुकी कांग्रेस को खारिज़ कर आम आदमी पार्टी के पक्ष में मतदान किया।

आने वाले चुनावों के लिए बड़ा संदेश

देश में आने वाले प्रादेशिक चुनावों के लिए दिल्ली का संदेश साफ़ है। भाजपा की गंदी विभाजनकारी राजनीति से देश को मुक्त करना है तो आने वाले सभी चुनावों में उसके विरोधी मतों का विभाजन हर क़ीमत पर रोकना होगा।

गेस्ट रिपोर्ट ।

डॉ ध्रुव गुप्त, आईपीएस हैं। अपनी लेखनी से समाज को सही दिशा देते रहे हैं।