एक मां…ऐसी भी…! Maurya News18

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मदर्स डे स्पेशल ।

मौर्य न्यूज18 ।

मां तो मां होती है। बच्चों की जान होती है। मां के बारे में हर किसी के पास बहुत कुछ कहने को है। मां के बारे में जितना भी कहा जाए कम है। गॉड अगर दुनिया में है तो वो तो मां ही है। जहां से शुरू जहां से खतम। जिंदगी में मां को याद तो हर पल करने का है लेकिन एक दिन जो तय हुआ है वो है 10 मई मातृ दिवस के रूप में। दुनिया इस दिन मां को याद करती है। औऱ उनकी यादों को अपने-अपने अनुसार सार्वजनिक मंच पर व्यक्त भी करती है। इन्हीं दिन को याद करके एक सच्ची स्टोरी आपके सामने पेश कर रहा हूं जो बड़ोदरा शहर के एक बस्ती की है। इसे हर किसी को पढ़ना चाहिए। दो पशुओं की मां औऱ बच्चों की कहानी।

लॉकडाउन में गाय और तेंदुए का मिलन होता है…

बड़ोदरा के एक गांव में लाक डाउन लगने के बाद से ही हर रोज रात में ये तेंदुआ इस गाय से मिलने आता है और घंटों ऐसे ही बैठा रहता है मानो वो किसी अपने से मिल रहा हो 

रोज रोज कुछ देर के लिए गांव के कुत्तों का डरकर भौंकने और रात भर के लिए गांव के बाहर भाग जाने से गांव वालों ने सीसीटीवी कैमरा लगवाया तो ये नजारा दिखा 

चूंकि तेंदुआ गांव के किसी जानवर को नुक्सान नहीं पहुंचाता है और दो-तीन घंटे गाय के पास बैठने के बाद चला जाता है इसलिए गांव वालों ने इस बात का पता लगाना शुरू कर दिया कि गाय और तेंदुए की इस अजीब प्रेम के पीछे क्या रहस्य है ।

क्या है गाय औऱ तेंदुए के मिलन का रहस्य

इस रहस्य से पर्दा उठाया गाय के पुराने मालिक ने उसने बताया कि 2010 में जब ये तेंदुआ छोटा था और इस गाय ने पहले बछिया को जन्म दिया था तब इस तेंदुए की मां को शिकारियों ने मार दिया था इसलिए वन विभाग वाले इस तेंदुए को उसकी गाय के पास लाते थे जहां वो उनके सामने ही दुध निकालकर तेंदुए को पिलाता था और इतने समय में तेंदुआ को गाय खुब दुलारती थी 

फिर जब तेंदुआ बड़ा हो गया तो इसने दुध पीना बंद कर दिया और ये गाय भी उसने बेच दी 

अभी भी तेदुए को लगता है कि ये गाय उसकी मां है और ये बहुत दिनों से इसको खोज रहा था , अब जाकर ये उसको मिली है तो इसीलिए ये उससे मिलने चला आता है।

मदर्स डे पर मौर्य न्यूज18 की खास रिपोर्ट ।