न्यू जरसी अमेरिका में हूं…बिहारी हूं…गरीबी जानता हूं ! Maurya News18

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अमेरिका में रह रहे बिहार-झारखंड के लोग राशि भेजते हैं औऱ यहां “आस्था” के सदस्य गरीबों तक पहुंचाते हैं मदद

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18 ।

जीना इसी का नाम है….!

तारीख 22 मई 2020 इलाका- पटना का सबरीनगर, खलीलपुर। खगौल नहर पर रेलवे लाइन के किनारे की बस्ती। कई चरपहिया वाहन आकर रूकी। बस्ती के लोग दौरे। आया है…राशन देने वाला। बस्ती वालों की जुब़ान से ऐसी शोर मची कि सबके के सब घर से बाहर रोड पर उमड़ पड़े । सबके चेहरे पर मुस्कान और आत्मीय खुशी, जो बेसकीमती थी। किसी के आगे हाथ फैला लेना कोई साधरण बात नहीं । लेकिन कई हाथ फैले….। और उन हाथों में खाने को दाना-पानी… राशन थमाये जाने लगे।

देने वालों की शर्त ये कि सोशल डिस्टैंस का पालन नहीं तो राशन नहीं । शायद ये बात सबको पता था सो, खुद से पालन किया जाने लगा।  

ये वही लोग हैं जिसे दुनिया गरीब…, लाचार…बेबस…मजबूर…और हाथ फैलाने वाले के रूप में जानती है, पहचाती है…पुकारती है।

अब याद करिए उस गाने को …जिसे राजकपूर साहब पर फिल्माया गया… किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार….किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार….जीना इसी का नाम है। लॉकडाउन में आस्था चेरिटबल एवं वेलफ़ेयर सोसायटी ने कुछ ऐसा ही किया है।

ये सब संभव हो सका है बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ नोर्थ अमेरिका न्यू जरसी, अमेरिका ( बजाना, यूएस ) की सहयोग से । जानकारी के लिए बता दें कि ये एसोसिएशन अमेरिका में रह रहे बिहार और झारखंड के लोगों का है। इसी एसोसिएशन ने आस्था के जरिए इस कार्य को अंजाम दिया है। कह सकते हैं – गरीबों की दुआएं इनके लिए दिल से उठी होगी।

 

खबर क्या कहती है….

बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ नोर्थ अमेरिका न्यू जरसी, अमेरिका ( बजाना, यूएस ) की सहयोग से आस्था चेरिटबल एवं वेलफ़ेयर सोसायटी के द्वारा राहत कार्य का दूसरा चरण शुरू हुआ । इस चरण में राहत के तौर पर राशन सामग्रियां बांटी गई।

15 दिनों के राहत कार्य का पहला दिन सबरीनगर ख़लीलपुरा क्षेत्र में रेलवे लाइन के किनारे झुग्गी झोपरी में रहने वाले लोगों के बीच किया गया जिसमें 100 परिवार को महीने भर का राशन दिया गया । यह राहत का कार्य अगले 15 दिनों तक किया जाएगा, जो कार्य ख़लीलपुरा क्षेत्र जगजीवन स्टेडीयम से शुरू हुआ है जो नहर किनारे किनारे रेलवे लाइन किनारे होते हुए  दीघा तक 1500 झुग्गी झोपड़ी में बाँटा जाएगा ।

कौन-कौन रहे शामिल

राहत कार्य में आस्था के सचिव डॉक्टर उमा शंकर सिन्हा, राजन  पाठक, डॉक्टर अक्षय, दुर्गेश, अविनाश कुमार सिंह, डॉक्टर सोनाली चौधरी, श्यामजी, दुखितजी, रिंकु देवी समेत आस्था के सदस्यगण मौजूद रहे।

ये क्रम दूसरे दिन 23 मई शनिवार को भी चला और रेलवे लाइन के किनारे ही सब्जपुरा बस्ती में राशन का वितरण किया गया।

संस्था के सचिव क्या बोले-

आस्था के सचिव डॉ उमाशंकर सिन्हा ने मौर्य न्यूज18 से बातचीत में कहा कि करीब एक माह का राशन एक परिवार को दिया जा रहा है। इसमें 10 किलो चावल, दाल, आलू-प्याज, नमक और सरसों तेल शामिल है।

उन्होंने कहा कि बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ नोर्थ अमेरिका न्यू जरसी, अमेरिका ( बजाना, यूएस ) की सहयोग से ये सब हो रहा है। इसका प्रचार प्रसार हमलोग बिल्कुल नहीं कर रहे हैं।

डॉ सिन्हा कहते हैं कि इस कठिन बेला में गरीबों की सहायता करना हम सब का कर्तव्य । जो भी ईमानदारी से किया जा सकता है किया जा रहा है। सभी जरूरतमंदों के नाम औऱ नम्बर नोट हैं। कोई भी इनसे पूछ सकता है। आस्था की पूरी टीम इस कार्य में लगी हुई है ताकि अमेरिका में रह रहे बिहार-झारखंड के भाई-बंधु की सहायता राशि का सही उपयोग हो सके। ये दूसरा चरण अभी दिनों तक चलेगा।

चलते-चलते एक बात और

संकट की बेला में जरूरमंदो की सहायता करने वालों की कमी नहीं लेकिन कौन किस तरह से सहयोग के लिए आगे बढ़ रहा है ये भी बहुत बड़ी बात होती है। ऐसे में पटना के झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाके में राशन वितरण काफी सराहनी कदम है। अमेरिका में बिहार-झारखंड के लोगों की सहायता राशि का भेजना और आस्था की टीम का पटना में सर्वे कर जरूरतमंदों तक राशन सामग्री का वितरण करना। मानवता का परिचय है। मौर्य न्यूज18 की टीम इसकी सहारना करती है। सहयोग करने वाले सभी सदस्यों को सैल्यूट करती है।

पटना से मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट ।