एक शाम गलवान घाटी में शहीद वीरो के नाम ! Maurya News18

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वीर अब्दुल हमीद फाउंडेशन के बैनर तले देशवासियों ने किया शहीदों को सैल्यूट

नई दिल्ली, मौर्य न्यूज18 ।

एक शाम हमारे वीर शहीदों के नाम, वीर अब्दुल हमीद फाउंडेशन के बैनर तले सुल्तानपुर स्थित कैरियर मिशन के प्रांगण में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई । जहां लद्दाख के गलवान में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।

शहीद होने वालों में बिहार रेजिमेंट के सबसे ज्यादा 13 और दूसरे रेजिमेंट के 7 सैनिक शामिल थे, इस फाउंडेशन से जुड़े सभी लोगो ने शहीद हुए हमारे वीर जवानों को याद करते हुए दृढ़ संकल्प लिया कि इन जवानों की शहादत को इस तरह व्यर्थ नहीं जाने देंगे ।

चीन के साथ लड़ाई में भारतीय होने के नाते वो भी देश का साथ देंगे, और चाइनीज सारे प्रोडक्ट का बहिष्कार करेंगे ,लेकिन सब कुछ इतनी जल्दी मुमकिन नहीं है इसलिए हमें धैर्य रखना होगा, हमें कूटनीति से काम लेना होगा ,जोश से नहीं, होश से काम लेना होगा । वीर अब्दुल हमीद फाउंडेशन से जुड़े कार्यकर्ताओं से हमने कुछ प्रश्न किए कि वे क्या सोंचते हैं और किस प्रकार हम चीन को मात दे सकते हैं, तो उनकी प्रतिक्रिया कुछ इस प्रकार से रही।

शहीदों के लिए देशवासियों को क्या करना चाहिए ?

फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के एल गुप्ता ने कहा कि जो भी हमारे वीर जवान है, जिन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया है, उन सभी को शत शत नमन है। हमारी सेना शरहद पर सुरक्षा करती है तभी हम अपने घरों में चैन से सोते है ,अपना घर वार परिवार सब कुछ छोड़ देश कि सेवा में अपना सर्वस्व देते है, हम घर में सोते है तब वे बर्फ में गर्मी में हर ओर से दुश्मनों से घिरे होने के वावजूद जहां पल पल मौत का खतरा है ,ये जानते हुए पूरी निष्ठा से अपना फ़र्ज़ निभाते है,उन्होंने कहा क्या सिर्फ उनका ही फ़र्ज़ है देश की सेवा करना हम भी भारतीय है हमें भी अपने फ़र्ज़ को समझना होगा और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ना होगा और हम लड़ेंगे और शहीदों की फैमली के लिए सब मिलकर उसकी रक्षा व मदद करेंगे ।

सवाल ये कि क्या सोचते हैं, चीन के बारे में जो अपने आपको बहुत ही मजबूत मानता है फिर भी धोखे से वार करना उसकी फितरत है ।

फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के एल गुप्ता । मौर्य न्यूज18 ।

फाउंडेशन के प्रधान महासचिव रोशन कुमार सिंह ने कहा कि चीन को जवाब हमारी भारतीय सेना बॉर्डर पर दे रहीं हैं, 1962 में भी उन्होंने ऐसी हरकत की थी, और 2020 में भी उन्होंने ऐसा ही किया , चीन धोके के लिए जाना जाता है और अब अपने देशवासियों को चीन का पूर्ण रूप से बहिष्कार करना चाहिए ,लेकिन साथ साथ हमे अपने आप को भी मजबूत करना हो हमे चीन के साथ साथ पाकिस्तान और नेपाल से भी अपने रिस्तो के बारे में सोचना चाहिए, और उन्हें ये बताना चाहिए कि अब हम 2020 में हैं,हमारे 20 जवान निहत्थे थे और उनके पास उपकरण था फिर भी हमारे जवानों ने बल प्रयोग से ही उनके43 सैनिकों को ढेर कर दिया।

क्या सिर्फ बायोकॉट चाइना कह देने से हम आत्मनिर्भर बन जाएंगे और दूसरे देशों का सामान खरीदना छोड़ देंगे?

इस प्रश्न पर कैरियर मिशन के फाउंडर आलोक गुप्ता ने कहा कि हम अभी भी दूसरे देशों पर निर्भर है । हमें अब भी उचित शिक्षा पाने के लिए दूसरे देशों का रुख करना पड़ता है,सस्ते उपकरणों के लिए दूसरे देशों से सामान खरीदना पड़ता है , उनके पास अधिक टेक्नोलॉजी है, पैसा है हमें अब भी अच्छे फोन,टेलीविजन,बड़े बड़े ऐप ,मशीन,हथियार ,लाइट,और भी बहुत कुछ सस्ते दाम में दूसरे देशों से खरीदना पड़ता है जब तक हम ये सारी चीज़े अपने देश में ही नहीं बनाएंगे हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होगी,और इसके लिए हमारे आने वाली पीढ़ी युवाओं को शिक्षित बनाना होगा ,उन्हें उचित शिक्षा मिले इसका प्रबंध करना,तभी देश आगे बढ़ेगा,उन्होंने ये भी कहां की कैरियर मिशन पूरे वर्ल्ड में बच्चो को एडमिशन करवाती है लेकिन अब वो चीन में अपने बच्चो का एडमिशन नहीं करवाएंगे ।

युवाओं में एक होड़ है tik tok और पब जी को लेके वो चाइनीज सारे ऐप डिलीट करने को तैयार हैं लेकिन टीक टोक और पब जी नहीं इतने addicted हो चुके हैं।


इस सवाल पर फाउंडेशन की प्रवक्ता प्रियंका निर्मल कहती हैं कि युवाओं में ये धारणा बन गई है कि उनमें बहुत टैलेंट है वो भी अच्छी ऐक्टिंग सिंगिंग कर सकते है ,मै ये नहीं कहती ये गलत है हां लेकिन इन सारे ऐप की वजह से वो अपना ज्यादा से ज्यादा वक़्त मोबाइल फोन में बिताते है । अपनी फैमली और पढ़ाई से दूर होते जा रहे है । अपनी प्रतिभा को दिखाना अच्छी बात है, हां लेकिन किसी एप्प के जरिए नहीं अपनी पढ़ाई के जरिए अपने सोच से अपने विचार से आगे बढ़ें जिस पब जी के पीछे समय बर्बाद कर रहे है, वो चीन का मायाजाल है युवा पीढ़ी को बर्बाद करने के लिए जिससे वो युवाओं को गलत राह पे लेके जा रहा है और अपनी जेब भर रहा है ये उसकी सोची समझी चाल है।

चीन को मात देने के लिए हमारी कूटनीति क्या होनी चाहिए।

इस प्रश्न पर फाउंडेशन के शिव शक्ति गुप्ता ने कहा कि चीन को मात हम तभी दे पाएंगे जब वो आर्थिक और मानसिक रूप से कमजोर हो आर्थिक रूप से देने के लिए देश ने कदम उठा लिया है और दे भी रहे है उनसे बहुत सारे कॉन्ट्रैक्ट हमने छीन भी लिया है,चाइनीज सारे सामानों का उपयोग धीरे धीरे कम हो रहा है,और आगे भी ऐसा ही होगा और अब वो बौखलाया हुआ है,और मानसिक उथल पुथल उसमे वैसे भी मची हुई है ,जब हमारे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस से मुलाकात कर कुछ बड़ी डील करने गए हैं, जिससे सेना को और सहायता मिल सके।

नई दिल्ली से मौर्य न्यूज18 के लिए बबली सिंह की रिपोर्ट ।