वर्तमान समय में कैसे बढ़ाएं कारोबार जानिए दीपक कपूर से ! Maurya News18

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 मौर्य न्यूज 18 से exclusive बातचीत में जानिए दिल्ली के सीए दीपक कपूर की राय

बबली सिंह, बिजनेस रिपोर्टर, नई दिल्ली ।

एक तरफ जहां पूरा देश आर्थिक संकट से जूझ रहा है ,वहीं दूसरी तरफ हमारा पड़ोसी मुल्क हमें कमजोर करने में अंदर-बाहर दोनों तरफ से लगा हुआ है । फिर चाहे वो चीन हो,पाकिस्तान या फिर नेपाल , इन सभी के नापाक इरादे सामने आ रहे हैं। जबकि उन्हें पता है कि हमारा देश अगर दोस्ती करना जानता है , तो आंख में आंख मिलाकर ललकारना भी जानता है । और इसकी शुरुआत हो भी चुकी है , हमारा देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बहुत तेजी से बढ़ चला है। इस वैश्विक आपदा में आम जन बखूबी अपना फ़र्ज़ निभा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने हमेशा लोकल को वोकल बनाने पर जोड़ दिया है ,अब हमारा फ़र्ज़ है कि हम इस आपदा से निपटने में उनकी मदद करे ,और जितना हो सके मेक इन इंडिया में अपना योगदान दे ,लेकिन इसे संभव बनाने के लिए अपने रोजगार की शुरुआत कैसे करें । सरकार की आर्थिक सहायता पैकेज का लाभ कैसे उठाएं। बैंक से कैसे सहायता लें। स्वरोजगार को कैसे बढ़ावा दें। छोटी सी पूंजी में कैसे समृद्द तरीके से बिजनेस करें। कई मुद्दे हैं जो आर्थिक सलाहकार ही बता सकते हैं । इस संबंध में मार्गदर्शन के लिए मौर्य न्यूज18 से खास बातचीत की है दिल्ली के जाने-माने युवा चार्टर्ड एकाउंटेंट यानि सीए दीपक कपूर ने। तो आइए जानते है हमारे कुछ प्रश्नों के उत्तर औऱ उनके दिए सुझाव को। हमे उम्मीद है कि आपको इससे मार्गदर्शन मिलेगा।

दीपक कपूर, सीए…।

DEEPAK KAPOOR , CA, NEW DELHI
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सवाल ये कि संकट की इस बेला में अर्थव्यवस्था को कैसे ठीक कर सकते हैं।

दीपक कपूर कहते हैं कि लास्ट ईयर हमारे देश की जो इकोनॉमी थी उसके मुकाबले इस साल काफी पीछे है और ये सब कोविड 19 और दूसरे देशों से सामान खरीदने की वजह से हुआ है। अगर हमें अपने देश की इकोनॉमी को सुधारना है तो सबसे पहले हमें देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ाना होगा । क्यूंकि यही एक ऐसा सेक्टर है जो और भी दूसरे सेक्टरों को लाभ देता है ।

सीए श्रीकपूर कहते हैं कि देश में सबसे पहले तो हमे मैन्युफैक्चरिंग हाउस बनाना होगा । हमारे प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया पर काफी जोड़ दिया है ,लेकिन आज भी हम मेड इन चाइना , मेड इन जापान के बने हुए सामान का वैल्यू देते हैं ,हालाकि हमारे देश के युवाओं में ये क्षमता है कि वो एक पैन से लेके हवाई जहाज तक बना सकते है ,और अगर ये सारी चीज़े हम खुद बनाने लगें तो हमारे देश की इकोनॉमी में खुद सुधारने लगेगी।

आर्थिक संकट से उबरने को आप क्या सलाह देना चाहेंगे अपने clients को ?

श्री कपूर कहते हैं कि ये समय है सर्वाइवल का। इसमें नफा नुकसान नहीं सोंच सकते ,ये समय है आपदा में अवसर तलाशने का। क्यूंकि किसी को नहीं पता था कि ऐसा भी एक दिन आएगा, मेरा मानना है कि चुनौतियों से ही इंसान उबर कर आगे निकलता है ,और इस वक़्त मेरी यही सलाह है अभी अपने व्यापार को फिजिकल से वर्चुअल मोड़ में आगे बढ़ाएं ,उन्होंने ये भी कहा कि कोई भी कंपनी अपना रेपुटेशन नहीं खोना चाहता ,वो हमेशा दिखाना चाहता है कि वो अभी भी सक्षम है आगे बढ़ने में। बस थोड़ा जोड़ लगाना है और अपनी स्ट्रेटजी चेंज करनी है फिर ये समय भी निकल जाना है।

हमारा अगला प्रश्न ये कि सरकार जिस तरह से इकोनॉमी ठीक करने में लगी है, इस फैसले से आप कितना सहमत है या अभी भी कुछ सुधार की गुंजाइश है?

इस संबंध में सीए कहते हैं कि अभी देश के सामने तीन बड़ी चुनौतियां है ।

1.हैल्थ केयर सेक्टर – क्यूंकि ये इतनी बड़ी महामारी है जिसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था। तो एक हैल्थ केयर पे पैसा लगाना

2.हमारे पड़ोसी मुल्क जो आंख गराए बैठे हैं हमें मानसिक त्रासदी दे रहे है उन्हें भी जवाब देना है,और देशवासियों को बचाना है, अपने सेना को भी मजबूत बनाना है। साथ- साथ जो हमारे गरीब गुरबा जनता है उनकी भी सहायता देनी है ,ऐसे में सरकार की बीस लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा सराहनीय है । ये एमएसएमई सेक्टर को दिया गया है लेकिन उनका ये सुझाव है कि अगर कुछ पैसे गरीबों को इन हैंड दिए जाते तो और भी अच्छा होता । जिससे वो अपना कोई रोजगार शुरू कर पाते क्यूंकि हर कोई एमएसएमई के थ्रू लोन नहीं ले सकता। ऐसी आबादी बहुत बड़ी है। बेरोजगारी भी बड़ी है। ऐसे में छोटे-छोटे कारोबारी को आर्थिक सहायता पहुंचा बहुत जरूरी है। बैंक का रवैया भी ठीक करना होगा। बिना गारंटी वाला रिस्क तो उठाना ही होगा। बैंक की ओर से परेशनी होती है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन हमलोग अपने कलाइंट को सही तरीके से कागजात तैयार करवाते हैं औऱ मदद की ओर कदम बढ़ाते है।

महामारी के चलते बहुत सारे लोग बेरोजगार हो चुके है ,और जो नौकरी कर भी रहे है उन्हें 20%से 30% तक की सैलरी काटके दी जा रहीं है इस पर उनका क्या कहना है?

इस प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहां कि अभी जो समय है उसमे आशावादी बनें । अभी भी निराश ना हों, ये कठिन समय में निखरना है बिखरना नहीं ,आपको जिस भी क्षेत्र में रुचि हो उसमे आगे बढ़ें , कुछ नया सीखें, नए-नए टेक्नोलॉजी पे अपडेट रहें । उनसे नई-नई चीज़े सीखे अपने समय को बर्बाद ना होने दें ।,अगर आप पढ़ाना चाहे तो बच्चो को ट्यूशन दे,जो कि एक बहुत अच्छा काम है और आपको इसका लाभ भी मिलेगा,आप वेबसाइट बनाना सीख सकते है ,कोई पोर्टल बनाइए ,ऑनलाइन कोर्स के द्वारा अपना खुद का कुछ काम शुरू कर सकते है। जहां तक लोगो की सैलरी कट करके मिलने की बात है तो ऐसा तो होना नहीं चाहिए लेकिन कंपनियों को अगर रेवेन्यू नहीं आयेगी तो वो भी लाचार हैं, हम उन्हें भी दोष नहीं दे सकते है।

एक CA की क्या भूमिका होती है रोजगार बढ़ाने में ,क्या बिना सीए की मदद से आगे बढा जा सकता है?

इस पर उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोगो के मन में ये धारणा है कि हम सीए के पास जायेंगे तो कुछ उल्टा हो जाएगा वो लेकिन मै ये बताना चाहूंगा कि अगर आप बीमार होंगे तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेंगे लेकिन अगर आपको आर्थिक सलाह की जरूरत है तो को एक सी ए (C A) से बेहतर कोई नहीं दे सकता ।अगर आपको अपना बिजनेस एक्सटेंड करना हो तो आप टैक्सेशन कि नॉलेज होनी चाहिए, आपको लॉ की नॉलेज होनी चाहिए, आपको प्रॉपर एकाउंटिंग करनी होगी, आपको कहां से पैसा जुटाने है , फाइनेंस कि जानकारी होनी होगी तो ये सारी चीज़े एक बिजनेसमैन नॉलेज में नहीं रखता ।

क्यूंकि उन्हें बिजनेस पे भी फोकस करना होता है उनका लाभ और हानि सब एक सी ए ही बता सकता है कहां इन्वेस्टमेंट होनी चाहिए और कहां हानि हो सकती है वो सब एक CA। ही बता सकता है।और अगर कोई बिजनेस बढ़ेगा तो उसके मालिक के साथ साथ जो वर्कर्स काम करते है उनका भी लाभ होगा और सरकार का भी फायदा होगा टैक्स के जरिए अगर बिजनेस ग्रो करेगा तो उन्हें लोन लेने भी आसानी होगी तो उनका चौतरफा फायदा होगा।

अगर आम जनता को बिना पूंजी अपना काम स्टार्ट करना हो तो वो क्या करे?

उनका कहना था कि अगर जज्बा है आपके अंदर तो आप जरूर कुछ भी कर पाएंगे ,क्यूंकि बहुत लोग आर्थिक किल्लत से जूझ रहे है इस क्रोना काल में , तो इस्पे ही सरकार ने अलग अलग प्रोविजन बनाएं हैं, जिसमें बीस लाख करोड़ की मेन हाईलाइट दी ,जो यहीं थी कि लोग एमएसएमई के साथ जुड़कर अपना रोजगार शुरू कर सके,उसमे अपना रजिस्ट्रेशन करवा कर वहां से लोन पा सके।इसमें बहुत सारे फायदे है अगर एमएसएमई की हेल्प से हम अपना रोजगार बढ़ाते है तो हमें और भी फायदे मिलते है जैसे कि टैक्स में छूट ,बिजली बिल की बचत इत्यादि।

सरकार आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना चाहती है ये कैसे संभव हो सकेगा इसके बारे में अपने विचार हमें बताए?

दीपक कपूर का इस बारे में कहना था कि आत्मनिर्भर भारत एक लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट है ये धीरे धीरे संभव हो पाएगा ,सबसे पहले हमें आयात को कम कर के मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाना होगा , जितना हो सके निर्यात पे जोड़ देना होगा ,जैसा कि प्रधानमंत्री ने बताया है कि लोकल को भोकल बनाना होगा । एशिया के न.1 गारमेंट इंडस्ट्री हमारे देश में है फिर भी हम अपनी कंपनियों को वो ब्रांड नहीं दे पा रहे है । हम अपनी कंपनियों कि ग्लोबल लेवल तक नहीं पहुंचा पा रहे है ,जो कि हमें करना है लोकल को वोकल बना के, हमे कुछ ऐसे ब्रांड बनाने होंगे अपनी बड़े बड़े कंपनियों के साथ मिलकर जिससे कि हमारा निर्यात बढ़े। हम दूसरे देशों के प्रोडक्ट पे ज्यादा आकर्षित होते हैं यही वजह है कि दूसरे देश हमारे ही पैसे से आगे बढ़ रहे है,इस कोरॉना ने हमे बहुत कुछ सीखा दिया है, जो पी पी किट हमे दूसरे देशों से मंगवाना पड़ रहा था, आज ओ ही हमारे देश में खुद बनाए जा रहे है और हम दूसरे देशों को निर्यात कर रहे है बस यहीं जज्वा चाहिए हम कुछ भी कर सकते है।

चलते-चलते…

आपने मौर्य न्यूज18 से खास बातचीत की। देश के युवाओ औऱ रोजगार करने वालों को आपके जरिए महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती रहे। आगे और भी बातचीत की जाएगी। दर्शकों को अगर कुछ सवाल करना हो तो मैसेज जरूर करें। फेसबुक पर Mauryanews18 नाम से पेज को भी लाइक कर वहां कॉमेंट बॉक्स में अपने सवाल दे सकते हैं। या फिर आप अपने सवाल मेल करें.
[email protected] पर । सीए दीपक कपूर आपके सवालों का जवाब देंगे।

नई दिल्ली से मौर्य न्यूज18 की खास रिपोर्ट ।