एलियंस के संदेश ? जरूर पढ़ें ! Maurya News18

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GUEST REPORT

डॉ ध्रुव गुप्त की कलम से …।

गुफाओं और पत्थरों पर अनगिनत चित्र मिलते

दुनिया के लगभग सभी देशों में गुफाओं और पत्थरों पर ऐसे अनगिनत चित्र और लेख मिले हैं जिनकी उम्र पांच से पचास हज़ार साल तक बताई जाती है। क्या यह संभव है कि लकड़ी की बनी कोई कृति भी हजारों सालों तक सुरक्षित रह जाय ? रहस्यमय तकनीक से बनी लकड़ी की ऐसी एक मूर्ति सवा सौ साल पहले साइबेरिया के शिगीर इलाके में मिली थी जिसकी उम्र ग्यारह हज़ार वर्षों से भी ज्यादा पाई गई। इसकी संरचना आधुनिक अमूर्त मूर्तिकला जैसी है। नक्काशीदार मूर्ति का चेहरा तो है, लेकिन गर्दन के नीचे का शरीर सपाट, आयताकार है। अलग-अलग कोणों से देखने पर मूर्ति के सात चेहरे दिखते हैं जिनमें से एक आश्चर्यनक रूप से थ्री डायमेंशनल है। शिगिर आइडल के नाम से प्रसिद्ध इस मूर्ति को रूस के येसटेरिनबर्ग म्यूजियम में रखा गया है जिसे देखने के लिए सैलानियों की भीड़ लगी रहती है।

मिस्र के पिरामिड से भी पुरानी इस मूर्ति पर अज्ञात लिपि में शब्द खुदे हैं और वक्र ज्यामितिक रेखाएं भी। उन्हें डिकोड नहीं किया जा सका है। परग्रही वैज्ञानिकों का मानता है कि प्रस्तर युग में अत्याधुनिक तकनीक से बनी ऐसी मूर्ति का निर्माण और संरक्षण संभव नहीं था। यह दूसरे ग्रहों से आने वाले एलियंस की रचना हो सकती है। अपने कथ्य के समर्थन में वे दुनिया की कई प्राचीन गुफाओं में मिले रहस्यमय शिलाचित्रों के उदाहरण देते हैं जिनमें उड़न तश्तरी जैसी वस्तुओं और अन्तरिक्ष यात्रियों जैसे परिधान पहने विचित्र लोगों का अंकन हुआ है।

एलियंस के संकेत

उनका मानना है कि एलियंस ने शिगीर आइडल पर पृथ्वीवासियों या बाद में आने वाले एलियंस के लिए कोई गुप्त संदेश लिख छोड़ा है। मूर्ति की आड़ी-सीधी रेखाओं को वे अलग-अलग दुनियाओं के बीच की विभाजक रेखा और उनका अतिक्रमण करने के जरुरी संकेतों की तरह देखते हैं।

मूर्ति पर अभी रूस समेत पूरे यूरोप में शोध हो रहे हैं। जर्मन वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने इसका रहस्य लगभग सुलझा लिया है और जल्द ही यह दुनिया के सामने होगा। जिस दिन ऐसा होगा उस दिन शिगिर आइडल से ही नहीं, शायद प्राचीन विश्व के कई दूसरे रहस्यों से भी पर्दा उठ सकेगा। 

GUEST REPORT

आपने रिपोर्ट लिखी है ।

डॉ ध्रुव गुप्त

आप आईपीएस हैं। आप बिहार से हैं। आप जाने-माने रचनाकार, लेखक, साहित्यकार हैं। आपकी लेखनी से देश और समाज को नई दिशा मिलती रहती है। आपकी लेखनी देश-दुनिया की प्रतिष्ठत पत्र-पत्रिकाओं में आये दिन प्रकाशित होती रहती है ।

आभार।