दोस्त, एक बार तो देखो न मुझे! Maurya News18

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FRIENDSHIP DAY : मित्रता दिवस ।

डॉ ध्रुव गुप्त की कलम से …।


दोस्ती इम्तेहान लेती है…दोस्ती के कई मायने हैं। सोंच आपको आपके जैसे दोस्त से मिलवाती है। ये भी एक रिश्ता कहलाता है। प्रस्तुत है डॉ ध्रुव गुप्त की कलम से दोस्ती के लिए दो शब्द ….! जो सबको पढ़ना चाहिए।

दोस्ती का नाम जिंदगी…जिंदगी का नाम दोस्ती ..।

हम सबको जीवन भर सच्चे दोस्तों की तलाश रहती है। ऐसे दोस्त जिनके कंधों पर हम अपनी अपेक्षाएं टिका सकें। जो हमारी खुशियों में ही नहीं, हमारे दुख और ज़रूरतों में भी हमारे साथ खड़े हो सकें। टुकड़ों में यह संभव है,लेकिन अपेक्षाओं की भारी गठरी साथ हो तो तलाश किसी की पूरी नहीं होती। आपसे अलग भी आपके दोस्तों के सुख-दुख हैं, जिम्मेदारियां हैं, प्राथमिकताएं हैं।

ज़िम्मेदारियां और प्राथमिकताएं

ज़िम्मेदारियां और प्राथमिकताएं वक़्त के साथ बदलती भी रहती हैं। यह मुमकिन नहीं कि किसी और की ज़िंदगी में हमेशा आपकी वही अहमियत बनी रहे। या ख़ुद आपकी अपनी ज़िंदगी में भी किसी और की जगह एक-सी रह जाय। जीवन प्रायः आदर्शों से नहीं, ज़रूरतों से संचालित होता है। जीवन भर की वंचनाओं के बाद आखिरकार आपको यही लगेगा कि दोस्तों की भीड़ में आप अकेले रह गए। इसके पहले कि मृगतृष्णाओं की इस यात्रा मे आप खुद को ठगा महसूस करें, एक बार आपकी नज़रों से ओझल अपने उस एक दोस्त के बारे में सोचकर देखें जो जन्म से लेकर आज तक आपके साथ रहा। जिसकी हर सांस आपके साथ चली। आपकी खुशियों में जो आपके साथ हंसा। आपके दर्द में जिसने आंसू बहाए। आपके प्रेम को जिसने गुनगुनाया। आपकी तमाम प्राथमिकताओं की सूची में जो कभी शामिल नहीं रहा, लेकिन जिसने आपकी बेहिसाब उपेक्षाओं की कभी शिकायत नहीं की।

अगर मौत के बाद भी कोई यात्रा होती है तो वह आपका अकेला शरीक़-ए-सफ़र होगा।

आज ‘मित्रता दिवस’ पर आईने के सामने खड़े होकर एक बार ख़ुद से ज़रूर कहें – थैंक्स दोस्त, आई लव यू !

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GUEST REPORT

आपने रिपोर्ट लिखी है…।

डॉ ध्रुव गुप्त

आप आईपीएस हैं। आप बिहार से हैं। आप जाने-माने रचनाकार, लेखक, साहित्यकार हैं। आपकी लेखनी से देश और समाज को नई दिशा मिलती रहती है। आपकी लेखनी देश-दुनिया की प्रतिष्ठत पत्र-पत्रिकाओं में आये दिन प्रकाशित होती रहती है ।

आभार।

दोस्त, एक बार तो देखो न मुझे!हम सबको जीवन भर सच्चे दोस्तों की तलाश रहती है। ऐसे दोस्त जिनके कंधों पर हम अपनी अपेक्षाएं…

Posted by Dhruv Gupt on Thursday, July 30, 2020