मिलिए चिराग कालीदास, ललन सुरदास से…! Maurya News18

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लोजपा आग उगल रही तो जदयू ओले बरसा रही

पॉलिटिक्स में पार्टी वर्कर के बयान भी एक से एक

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18 ।

तू कालीदास है, तो तू सुरदास है। तू ये तो…तो तू वो है। जुबानी जंग। पॉलिटिक्स। पॉलिटिकल बयानबाजी। फिर बिगरते बोल। और फिर भौंए ताना-तनी। एक दूसरे को फूटी कौरी ना सुहाने वाली स्थिति। फिर पुरानी-पुरानी बातों को उधेरने का सिलसिला । गरे मुर्दे को उखाड़ना। ये सब एक साथ देखने को मिलने लगना। अगर ये सब देखना समझना है तो आइए मिलिए बिहार के एनडीए के दो घटक से। एक है लोजपा- लोकजनशक्ति पार्टी और दूसरी है जदयू – जनता दल युनाइटेड। दोनों के बीच मजे ले रही बिहार भाजपा – भारतीय जनता पार्टी।


इन सब को समझने के लिए चलते हैं पहले लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के पास। वो अपना एक एंगल पकड़े हुए हैं। मैं और मेरी पार्टी। केन्द्र में भाजपा के साथ तो बिहार में जदयू से क्या लेना देना। फिर नीतीश कुमार की ही क्यों सुनूं – इसी अंदाज में सत्य वचन वाली बोल में टाइम टू टाइम आवाज बुलंद करते रहते हैं। कहते हैं- बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट । और फिर शुरू हो जाते हैं- बिहार की खामियों को गिनाने । ये बात जदयू को अंदर-अंदर टिस मारती रहती है। लगता है कि हमारे सुप्रीमो और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोल रहे हैं। उनकी घेरा बंदी की जा रही है।

इस संबंध में लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान से पत्रकारों ने कई बार पूछा भी तो साफ कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री को मेरे लिए टाइम ही नहीं। वो मेरी सुनना ही नहीं चाहते। कई बार फोन करके टाइम मांग चुका हूं लेकिन कभी टाइम नहीं देते औऱ ना ही फोन पर ही बात करते हैं। तो फिर मैं कैसे बोलूं, कहां बोलूं सो मेरी मजबूरी है पब्लिक के बीच बोलूं। अगर वो मुख्यमंत्री है और बिहार का हित चाहते हैं तो मैं भी केन्द्र में सत्ता में हूं और जनता मुझे भी काम करने के लिए, बिहार की तरक्की के लिए चुनकर भेजती है। तो, मैं तो आवाज उठाउंगा।

सांसद चिराग पासवान का यही रूख जदयू को कचोटता है। अंदर ही अंदर से कई महीनों से चिराग की लगातार नीतीश कुमार को सलाह के तौर पर बयान देना । जदयू को अंदर से उबाले जा रही थी। सो, कोरोना काल में…चुनाव आते-आते फट ही गई।

शुरूआत हुई जदयू के सांसद ललन सिंह के उस कॉमेंट से जिसमें सांसद चिराग पासवान को कालीदास कह दिया।

दरअसल, सोशल मीडिया के जमाने में बात निकलते ही आग की तरह फैल जाती है। जदयू के ललन सिंह की एक वीडियो खूब वायरल हो रही है। जिसमें कोरोना जांच को बढ़ाने जैसी बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कहने पर चिराग ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री पर हमला बोला कि अब तो प्रधानमंत्री भी कह रहे हैं, जो मैं शुरू से कह रहा था, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री समझ ही नहीं रहे थे।

इसी जवाब में जदयू सांसद ललन सिंह ने सांसद चिराग पासवान को खरीखोटी सुना दी। कालीदास कह दिया । यानि जिस डाल पर बैठते है उसी को काटते हैं।

ऐसा बोलना था कि लोजपा के लीडर भी टूट पड़े। लोजपा प्रवक्ता ने जदयू सांसद ललन सिंह को निशाने पर लिया। लोजपा प्रवक्ता असरफ अंसारी ने ललन सिंह को सूरदास कह डाला।

फिर अगला बयान बिहार लोजपा के प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल का भी आ गया — अब अग्रवाल ने जदयू सांसद ललन सिंह को क्या-क्या कहा ये भी सुन लीजिए …ये अंसारी से भी दस कदम आगे निकले। ये गरे मुर्दे उखाड़ने लगे। कहने लगे कि याद है यही ललन सिंह..मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पेट में दांत होना कहते थे…कहते थे…नीतीश कुमार किसी के नहीं है।

प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल यहीं नहीं रूके … कहने लगे कि आपको याद दिला दूं कि ये वही ललन सिंह हैं जब इन्हें अपने मनचाहे इलाके से टिकट नहीं मिल रहा था तो लोजपा नेता पूर्व सांसद सूरजभाजन सिंह अपनी पत्नी वीणा देवी की सिंटिंग सीट इनके लिए त्याग दिया था और तब जनप्रतिनिधि बन पाए…। अब उसी पार्टी के सुप्रीमो सांसद चिरोग पासवान पर टिप्पणी करते हैं, इसी बात से समझिए कि ये किस किस्म के इंसान हैं। शर्म आनी चाहिए इन्हें।

इतना ही नहीं लोजपा प्रवक्ता अग्रवाल ने क्या-क्या कहा सुनेंगे तो जदयू औऱ धधक सकती है…सुनिए जरा अग्रवाल कि …ये कहते है…ललन सिंह को जब नीतीश कुमार ने पार्टी से निकाल बाहर कर दिया था तो… यही कहते फिरते थे…नीतीश कुमार की पार्टी एक गैंग की पार्टी है। प्राइवेट गैंग है। भांट, कोढ़, आसामन में थूकने वाला…वैगरह-वैगरह। पता नहीं अग्रवाल साहब पार्टी के प्रवक्ता होकर इतना खिसिया कर गरे मुर्दे को क्यों उखाड़ दिया। कहते हैं, लाजमी है कोई पार्टी हमारे नेता पर व्यक्तिगत हमला करेगा तो वर्क क्यों ना जवाब दे।

मौर्य न्यूज18 ने इन बयानों पर जदयू खेमे के कुछ प्रमुख नेता औऱ प्रवक्ताओं से संपर्क साधा औऱ जानने की कोशिश की अब आखिर क्या कहेंगे । तो अजीब वाक्या सामने आया।

सांसद ललन सिंह की पार्टी के लोग कुछ भी बोलने से कतराते रहे।

मसलन हमने जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह से पूछा आपका इस पर कुछ कहना…तो उन्हें तो कुछ पता भी नहीं था…उन्होंने कहा – क्या क्या बोला लोजपा ने जरा बताइये तो। फिर जब जानकारी हुई तो कहा कि बाद में बात करेंगे।

हमने जदयू नेता रणवीर नंदन को फोन लगाया- तो उन्होंने कहा कि मैं नहीं बोलूंगा। किसी प्रवक्ता से पूछ लीजिए।

हमने जदयू प्रवक्ता नीखिल मंडल को डायल किया— कहने लगे कि इसके लिए त्यागीजी से बात करिए । वही बोलेंगे। यानि दिल्ली में रह रहे जदयू वरिष्ठ लीडर के सी त्यागी से बात करने को कहकर फोन रख दिया।

फिर हमने भाजपा के विधान पार्षद संजय मयूख से बात की वो भी साफ मुकर गए। बोले कुछ और पूछ लीजिए । बाद में बात करूंगा।

इतना के बाद तो लगा कि अब कोई कुछ बोलेगा नहीं। सांसद ललन सिंह के नाम पर किसी की जुब़ान नहीं चलने वाली थी। सबके सब बचते रहे।  

लेकिन लोजपा पूरी बैटिंग जारी रखी। इन प्रवक्ताओं के बाद लोजपा सांसद चंदन सिंह भी आग उगलने लगे। और जदयू सांसद ललन सिंह को जमकर खरी खोटी सुना दी।

अब इतना तो तय है कि लोजपा-जदयू आमने-सामने आ गई है। एक दूसरे पर बयानबाजी थमने वाली नहीं है। अब इसमें भाजपा क्या करती है ये देखने वाली बात होगी।

फिलहार महागठबंधन के नेता खूब मजे ले रहे हैं।

पटना से मौर्य न्यूज18 की पॉलिटिकल रिपोर्ट ।