बड़ी खबर – जदयू का हिलेगा किला, मंत्री श्याम रजक छोड़ेंगे तीर, थामेंगे लालटेन ! Maurya News18

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नयन की नज़र से पॉलिटिक्स !

फुलवारीशरीफ में 15 अगस्त को कार्यकर्ताओं से मिटिंग की, सबने कहा जदयू छोड़ दीजिए।

लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान औऱ जाप सुप्रीमो पप्पू यादव की मिटिंग वाली खबर भी सुर्खियों में है

इधर, हम पार्टी के सुप्रीमो जीतनराम मांझी अचानक से नीतीश प्रेम अलापने लगे हैं।

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18

राजद सुप्रीमो लालू यादव, जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार के साथ जदयू मंत्री श्याम रजक । फाइल फोटो।

बिहार विधान सभा चुनाव 2020 होने को है। अभी तारीख तय नहीं हुई है। कोरोना के बीच समय पर चुनाव होंगे, नहीं होगे की राजनीति चल रही है । इन सबके बीच आप लोग पॉलिटिकल बयानबाजी सुन ही रहे होंगे। जरा घटनाक्रम पर गौर करिए तो इनदिनों बयानबाजी में जदयू और लोजपा आमने-सामने है । जदयू को धकियाने के लिए लोजपा के चिराग पासवान ने जाप के पप्पू यादव से मिलकर हॉकी स्टीक तक थाम ली है । इधर, महागठबंधन में “डगरा का बैगन” वाली स्थिति में चल रहे हम के जीतनराम मांझी का “टेलीफोन” नीतीश कुमार के “प्यार” में खूब घनघनाने लगा है। यही सब चलता रहा तो जदयू के मंत्री श्याम रजक तीर छोड़ेंगे और लालटेन से चिपक जाएंगे। ये कुछ ऐसी खबरें हैं जो आपका माथा सन कर देगी लेकिन इन खबरों के लिए आप हमेशा तैयार रहिए। आश्चर्य और अचरज में मत पड़िए। खैर, आगे पूरी खबरों को जरूर पढ़िए और जानिए माजरा क्या है। कैसी चल रही है अंदरखाने की पॉलिटिक्स नयन की नज़र से।

अब खबरें विस्तार से…!

बिहार में विधानसभा चुनाव 2020 से पहले कई सनसनी खबरें सुनने को मिल सकती है। जदयू का किला हिल सकता है। शनिवार को देर रात मिली खबर के अनुसार जदयू के मंत्री श्याम रजक नीतीश कुमार का दामन छोड़कर लालू प्रसाद का दामन थामने वाले हैं। यानि मंत्री श्याम रजक का जनता दल युनाइटेड से मोहभंग हो चुका है। अब राजद का दामन थामेंगे । यानि घर वापसी करेंगे। बस सोमवार यानि 17 अगस्त तक इंतजार करना होगा। या हो सकता है – जल्द ही मंत्री पद से और पार्टी सदस्यता से इस्तीफा देकर वो राजद ज्वाइन भी कर लें। हमने इस खबर की पुष्टि के लिए मंत्री श्याम रजक के फोन पर डायल भी किया लेकिन फोन बंद बता रहा है । देर रात होने के कारण जदयू औऱ राजद नेताओं से भी फोन से संपर्क नहीं हो पाया ।

आप सोंच रहे होंगे के ये सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए खबर है तो ऐसा नहीं है। जिस तरह से शनिवार को खबर सामने आई की लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान और जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ने बंद कमरे में चार घंटे तक मिटिंग की है। औऱ बिहारभर में ये खबर आग की तरह फैल गई कि अब लगता है कुछ ब़ड़ा होने वाला है और जदयू पर बड़ा अटैक किया जाना है। ठीक वैसी ही खबर ये भी है। बस, देखिए आगे क्या गुल खिलता है।

कैसे मन बना ….

जदयू मंत्री श्याम रजक । फाइल फोटो । मौर्य न्यूज18 ।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के आधार पर चीजें सामने आ रही है कि जदयू के उद्योग मंत्री श्याम रजक जनता जनता दल युनाइटेड को छोड़ने का पूरा मन बना लिया है। अब वो फिर से घर वापसी करेंगे और राष्ट्रीय जनता दल का दामन थाम लेंगे। थामने के पीछे सूत्र बताते हैं कि फुलवारी विधानसभा इलाके में मंत्री श्याम रजक ने बंद कमरे में अपने महत्वपूर्ण कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और पार्टी छोड़ने पर अंतिम मुहर लगा दी।

क्या-क्या है कारण जो सूत्र बता रहे वो आप भी जानिए …।

सूत्र ये भी बताते हैं कि इन दिनों जदयू के मंत्री श्याम रजक की मुख्यमंत्री से नजदीकियां भी ना के बराबर रह गई थी। अंदर खाने के जानकार बताते हैं कि इन दिनों दलित नेता के तौर पर मुख्यमंत्री श्याम रजक की जगह मंत्री अशोक चौधरी को काफी महत्व दे रहे हैं। उनके आगे श्याम रजक की कोई पूछ नहीं हो रही थी। वैसे भी बता दें कि जब राजद-जदयू औऱ कांग्रेस की सरकार बनी थी तब से अशोक चौधरी की नजदीकी जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार से काफी बढ़ गई थी । औऱ आगे सबने देखा कि अशोक चौधरी कांग्रेस तक का दामन छोड़कर नीतीश कुमार के साथ हो लिए। और दोनों गठबंधन में मंत्री भी बने। जबकि महागठबंधन में श्याम रजक को मंत्री भी नहीं बनाया गया था। माना जा रहा था कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के कारण ये सब हुआ । वैसे, एनडीए के गठबंधन में श्याम रजक को मंत्री बनाया गया। वर्तमान में हैं भी ।

लेकिन अब सीन बदलता दिख रहा है। सूत्र बताते हैं कि जब से अशोक चौधरी की नजदीकी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बढ़ी है तब से मंत्री श्याम रजक को ये सब पसंद नही आ रहा था। अब तो फिर से एक औऱ दलित नेता हम के जीतनराम मांझी को भी नीतीश कुमार अपने सीने से लगाने को बेताब हैं। ऐसे में वो खुद का कद समझ रहे हैं। और इधर, चुनाव करीब है …ऐसी स्थिति में कुछ तो रास्ता निकालना पड़ेगा, सो, अब एक नई कहानी शुरू हो गई है।

कार्यकर्ताओं के साथ की बैठक

इसके पीछे एक औऱ बड़ा कारण ये भी माना जा रहा है कि मंत्री श्याम रजक जिस विधान सभा क्षेत्र से चुनाव जीतते रहे हैं वो है पटना जिले का ही फुलवारीशरीफ विधानसभा क्षेत्र है। और ये इलाका दलित औऱ अल्पसंख्यक बहुल्य इलाका है । खबर है कि यहां के अल्पसंख्यकों ने पूरी तरह से जदयू से किनारा करने का मन बना लिया है और दलित समुदाय भी जदयू से खफा हैं। ऐसे में इस इलाके के कार्यकर्ताओं का इन दिनों काफी दवाब था पार्टी छोड़ने का। सो, मंत्री श्याम रजक ने फुलवारी शरीफ के अपने प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ 15 अगस्त को काफी देर तक मिंटिंग की , जहां ये सब तय हुआ कि यदि इस विधानसभा से चुनाव लड़ना है तो राजद का दामन थामना ही होगा। जदयू छोड़ना ही होगा। और इसी मिटिंग में कैसे क्या करना है इसकी स्किप्ट भी तैयार हो गई ।

सूत्र ये भी बताते हैं कि फुलवारीशरीफ के राजद कार्यकर्ता भी इस मिटिंग में शामिल थे। मंत्री श्याम रजक की राजद सुप्रीमो से भी हरी झंडी मिल गई है। और प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के साथ-साथ राजद के कर्ताधर्ता तेजस्वी यादव ने भी उन्हें अपनी पार्टी में लेने के लिए तैयार हैं। ऐसे में सब तरफ से हरी झंडी मिल जाने के बाद मिटिंग में सारा चीज तय हो गया। जो तय हुआ है उसके अनुसार, सोमवार यानि 17 अगस्त को मंत्री पद से और जदयू से इस्तीफे की घोषणा के साथ ही राजद को भी ज्वाइंन कर लेंगे।

वैसे, हमने इस खबर की पुष्टि के लिए श्याम रजक के साथी नेता से भी बात की लेकिन उन्होंने ऐसी जानकारी होने से इनकार कर दिया औऱ कहा कि वो जदयू छोड़कर राजद में जाएंगे ऐसी कोई जानकारी मुझे नहींं है। लेकिन उन्होंने ये जरूर कहा कि हर कोई अपनी जीत के लिए पॉलिटिक्स करता है । जब पार्टी के शीर्ष नेता अपने फायदे के लिए पार्टी बदल सकते हैं तो फिर कोई विधायक औऱ मंत्री क्यों नहीं। जनता मालिक है। कार्यकर्ताओं के बल पर ही नेता चुनाव मैदान में उतरता है, ऐसे में यदि जदयू मंत्री श्याम रजक कार्यकर्ताओं की सलाह पर पार्टी बदलने वाले हैं तो कोई बड़ी बात नहीं है। यदि वो ऐसा करते हैं तो ये मान कर चलिए कि वो घर वापसी कर रहे हैं।

एक औऱ पॉलिटिकल समझिए – जब लोजपा नेता चिराग औऱ जाप नेता पप्पू यादव का मिलन हुआ

लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ।

बिहार पॉलिटिक्स में एक और सनसनी तब मच गई जब लोजपा सुप्रीमो और जाप सुप्रीमो पप्पू यादव के मिलन की खबर सामने आई। खबर आई की पटना में बंद कमरे में दोनों नेताओं की चार घंटे तक मिटिंग चली। कहा जा रहा है कि इन दिनों लोजपा सांसद औऱ पार्टी के अध्यक्ष बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम काज को लेकर जिस तरह से आवाज बुलंद कर रहे हैं …इसे देखकर लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। जिसकी एक क़ड़ी जाप नेता पप्पू यादव से मुलाकात है। कहा ये भी जा रहा है कि लोजपा बिहार में जदयू के कारण नीतीश सरकार से अपना समर्थन वापस लेगी। इनसब के पीछे भाजपा पर सक की सुई घुम रही है लेकिन लोजपा नेता चिराग पासवान कह रहे हैं कि हो सकता है आने वाले समय में लोजपा सभी सीटों पर चुनाव लड़े। यही तो है पॉलिटिक्स।

जाप सुप्रीमो पप्पू यादव ।

अब जब ये दोनों बातें सामने आ रही है तो जाहिर है जाप नेता पप्पू यादव के साथ कोई नई रणनीति बनाई गई है , जो चुनाव की तारीख आने पर सब कुछ साफ हो। वैसे इतना तो तय है कि बिहार विधान सभा चुनाव 2020 कुछ नये धमाके के साथ होने वाला है। जिसे आप पॉलिटिकल 2020 मैच भी कह सकते हैं।

अचानक जीतनराम मांझी का नीतीश प्रेम भी जाग उठा ….

जदयू सुप्रीमो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और हम पार्टी के सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी

इस सनसनी की एक और कड़ी को देखें तो इन दिनों हम पार्टी के सुप्रीमो जीतनराम मांझी भी अचानक से नीतीश राग अलापना शुरू कर चुके हैं। जिसे लेकर पॉलिटिक्स में नया गुल खिलने लगा है। माना जा रहा है कि मांझी जदयू का दामन थामेंगे या नीतीश के सहारे बिहार एनडीए का हिस्सा होंगे। इन सब के बीच बिहार भाजपा चुपचाप तमाशा देख रही है। आप भी देखेते रहिए, समझते रहिए- पॉलिटिक्स।

पटना से मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट ।