बिहार में हेलीकॉप्टर से उड़ रहे नीतीश सरकार के प्रधानसचिव ! Maurya News18

0
403

कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उड़ रहे आसमान में

उड़िए पर स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक कर दीजिए..!

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18 ।

नमस्कार !

चलिए लिए चलते हैं बिहार सरकार के पास।

नीतीश सरकार। नीतीश सरकार के अधिकारी। स्वास्थ्य विभाग। और हेलीकॉप्टर से उड़ान। ये सब विल्कुल नया-नया हो रहा है। कह लीजिए स्वास्थ्य विभाग का कायपलट हो गया। कोरोना काल में दो प्रधान सचिव बदले गए..ये हुई पहली कायापलट। अब आये हैं तीसरे अधिकारी। नाम है प्रत्यय अमृत । मुख्यमंत्री के खास हैं। ये है दूसरी कायापलट।

जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल मधेपुरा का निरक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के प्रधानसचिव प्रत्यय अमृत, सचिव लोकेश कुमार व अन्य ।

इनसे सबको भरोसा है कुछ कर्तव्य दिखाएंगे। सो, दिखा भी रहे। क्या मजाल की इससे पहले कोई अधिकारी हेलीक़ॉप्टर की सैर पर हो लेकिन ये हैं औऱ इनके साथ कुछ औऱ भी अधिकारी हैं…जो इनके साथ हेलीकॉप्टर से उड़ रहें हैं।  अब सवाल है कि नीतीश सरकार के ये अधिकारी आखिर हेलीक़ॉप्ट से क्यों उड़ रहे, कहां उड़ रहे। ये जानने के लिए बताता हूं विस्तार से।

आप सबको पता है बिहार इन दिनों कोरोना की चपेट में बुरी तरह से घिरा है। स्वास्थ्य विभाग की रोज खिंचाई हो रही है। स्वास्थ्य मंत्री भी रोज अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं, लेकिन अपने चार चक्का वाहन से। लेकिन इस विभाग के साहब हेलीक़ॉप्टर से उड़ रहे। भाई मुख्यमंत्री के खास जो ठहरे। इससे पहले वाले प्रधान सचिव जो भी रहे उनको ये सब नसीब ना था, हो सकता है इसकी कल्पना भी ना की हो कि हेलीकॉप्टर यूज किया जाए। लेकिन प्रधानसचिव प्रत्यय अमृत साहब को मुंहमांगी फैसलिटी उपलब्ध है।

बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत । फाइल फोटो।

अब सवाल है कि हेलीकॉप्टर से कहां जा रहे तो, बता रहा हूं। ये इन दिनों पटना के अलावा बिहार के विभिन्न जिलों के अस्पतालों के निरीक्षण पर निकलें हैं। देख रहे हैं कहां क्या है…किस हालत में अस्पताल है। कहां क्या इंतजाम है। इसके लिए इन्हें हेलीकॉप्टर मिल गया है। काफी नसीब वाले हैं ये अधिकारी लोग।  

क्योंकि शायद, इससे पहले अपने ही राज्य के अंदर अस्पतालों का निरीक्षण करने के लिए किसी और अधिकारी को हेलीकॉप्टर मिला हो। शायद, विभाग के मंत्री भी हेलीकॉप्टर से दौरा ना किए होंगे। लेकिन नीतीश सरकार के ऐसे चहेते अधिकारी हैं कि हेलीकॉप्टर तक दे दिया गया है। अब करिए..कुछ करिए। जो चाहिए लीजिए…लेकिन कुछ करिए…। चुनाव का टाइम है। कुछ ऐसा करिए कि जनता के बीच जाकर जवाब दिया जा सके। कहते हैं…इनके साथ कुछ और अधिकारी भी उड़ रहे हैं। जिसमें से एक हैं स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार।

जरा इनके बारे में भी जान लीजिए …।

 ये भी नीतीश सरकार के चहेतों में से एक हैं। पहले ये स्वास्थ्य समिति में कार्यपालक निदेशक थे…फिर यहां से इन्हें राजस्व विभाग में भेजा गया, फिर शिक्षा विभाग में भेजा गया लेकिन फिर घुम-फिरके स्वास्थ विभाग में पहुंच गये। बहुत लगाव है इनको स्वास्थ्य विभाग से।

 वैसे जानकारी के लिए बता दूं कि स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार की पहले वाले प्रधान सचिव सजय कुमार से तनिक भी नहीं बनती थी, कहा जाता है कि इसलिए वो दूसरे विभाग की ओर निकल लिए लेकिन फिर सरकार की कृपा हुई और मनचाहा विभाग मिल गया। लेकिन इस बार स्वास्थ्य समिति की जगह स्वास्थ्य सचिव बनकर आए। चलिए, कोई बात नहीं वर्तमान वाले प्रधानसचिव के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इनके पावर के बारे में उन्हें पता है, इसलिए यहां साथ चलने में ही भलाई है।

खैर, जो भी हो स्वास्थ्य विभाग स्वस्थ्य हो जाए इससे अच्छी बात क्या हो सकती है। विभाग के मंत्री भी इन अधिकारियों पर खूब भरोसा करते हैं। लेकिन ये समझ में नहीं आया कि जिले के अस्पतालों का निरीक्षण सिर्फ अधिकारी ही क्यों, मंत्री जी भी साथ में हो सकते थे, जब हेलीकॉप्टर उड़ ही रहा था तो मंत्री जी भी देखते अस्पतालों की हालत। लेकिन खैर, चलिए कोई बात नहीं। इससे इतना तो साफ है कि मुख्यमंत्री का ही ऐसा कोई आदेश रहा होगा। समझने वाले समझें ।

जनता को तो कोरोना से मुक्ति का उपाय चाहिए।

आपको बता दें कि पिछले दिन मंगलवार को प्रधान सचिव बोध गया औऱ मधेपुरा मेडिलक अस्पताल के दौरे पर थे। वहां पहुंच कर अस्पताल की जो हालत देखी, उससे अधिकारी काफी खफा हुए। प्रधानसचिव ने अपस्ताल के प्रभारी को चेताया भी कि यही हालत रही तो कार्रवाई होगी। कहा -सुधर जाइए । औऱ आदेश दिया कि सब कुछ दुरूस्त करिए…जो जरूरत है बताइए। जय हो प्रधानसचिव की। आपने कुछ तो डांट पिलाई। लगता है इससे पहले वाले अधिकारियों की ये लोग सुन नहीं रहे थे। और ना ही कुछ करना चाह रहे थे। क्योंकि जिस तरह से सरकार दावा करती रही कि हम जनता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर हैं और हमारे चिकित्सा कर्मी भी तत्परता से काम कर रहे हैं। इन सब शिकायतों से जाहिर है कि जिले के अस्पातलों में कोई सिरियस नहीं था, काम चलाउ कार्यक्रम चल रहा था। तभी तो विभाग के मंत्री कहते हैं – इतनी मेहनत करता हूं। सारी सुविधाएं देता हूं , फिर भी जनता की ओर से शिकायत क्यों आती है। अब शायद, समझ में आ रही है बात, बीमारी कहा है।

लेकिन कहने वाले कहते हैं कि डॉक्टर पर ज्यादा दबाव नहीं बनाया जा सकता। कोई सख्त कार्रवाई करेंगे डॉक्टर पर तो सब एकजुट हो जाएंगे और हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसा हमेशा से देखा गया है। जिसको बड़े अधिकारी तो क्या मंत्री तक हैंडल करने में नाकाम होते रहे हैं।

लेकिन यहां देखना होगा कि प्रधानसचिव प्रत्यय अमृत कार्रवाई करते हैं औऱ ऐसी हालात बनती है तो आखिर कैसे निपटते हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि चिकित्सका कर्मियों के इसी रवैये को हैंडल करना इस विभाग की सबसे बड़ी चुनौती रही है। जिसके कारण विभाग चाहकर भी तरक्की की ओऱ नहीं बढ़ पाता है।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बिहार के हेल्थ मिनिस्टर मंगल पांडेय । मौर्य न्यूज18 ।

खैर, स्वास्थ्य विभाग को प्रत्यय अमृत जैसे तेज तर्रार आईएएस अधिकारी प्रधानसचिव के रूप में मिल गए हैं तो उम्मीद काफी बंधी है। जनता को भी औऱ जनप्रतिनिधियों को भी, मंत्री को भी औऱ मुख्यमंत्री को भी।

वजह भी है, ये पथ निर्माण विभाग में रहे तो कायापलट की। ऊर्जा विभाग में रहे तो कायापलट की। अब स्वास्थ्य विभाग में मौका मिला है। इसलिए काम के मामले में माहिर हैं, इसमें किसी को शक नहीं औऱ टाइम टू टाइम साबित भी किया है।

धन्यवाद।

आप जुड़े हैं मौर्य न्यूज18 डॉट कॉम के साथ। खबरों के बारे में आपकी प्रतिक्रिया मिलती रहनी चाहिए। हो सके तो खबरों को शेयर भी करें। सभी सोशल साइट पर उपलब्ध है ।   

पटना से मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट ।