बिहार सरकार का बड़ा फैसला, रामाश्रय हत्याकांड में SIT गठन का आदेश, भाजपा के पूर्वमंत्री सम्राट चौधरी के पत्र का असर । Maurya News18

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सारण डीआईजी के नेतृत्व में टीम करेगी काम, अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी का आदेश

गोपालगंज जिले के भोरे थाने का है मामला, कांड को लेकर मचा था काफी बवाल

पटना, मौर्य न्यूज18 ।

बिहार सरकार ने गोपालगंज के बड़े व्यावसायी रामाश्रय सिंह कुशवाहा हत्याकांड में बड़ा फैसला लिया है। हत्यारे की गिरफ्तारी के लिए SIT गठन का आदेश जारी कर दिया है। डीजी कार्यलय से जारी पत्र में सारण डीआईजी के नेतृत्व में टीम काम करेगी। आपको बता दें कि हाल ही में 11 अगस्त 2020 को भाजपा नेता पूर्व मंत्री और एमएलसी सम्राट चौधरी ने डीजी को पत्र लिखकर SIT गठन कर हत्यारे की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की थी। सरकार के इस फैसले को जहां पूर्व मंत्री श्री चौधरी ने स्वागत योग्य कदम बताया है औऱ पीड़ित परिवार ने खुशी जाहिर की है। वहीं परिवार वालों का कहना है कि एसपी पर भरोसा नहीं था, इसलिए इसकी मांग की जा रही थी। अब न्याय मिल सकेगा।

आपको बता दें कि डीजी कार्यालय से आज 25 अगस्त 2020 को एक पत्र जारी कर सारण डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार करने और आवश्यक कार्रवाई करने आदेश दिया है।


डीजी कार्यालय से जारी पत्र –

भाजपा नेता और पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी ने 11 अगस्त को डीजी को लिखा था पत्र

आपको बता दें कि 11 अगस्त को भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को पत्र लिखकर पुलिस महाननिरीक्षक या पुलिस उपमहानिरीक्षक के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर अतिशीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई थी। कहा था कि बिहार के डीजीपी से उम्मीद है, इस पत्र को गंभीरता से लेंगे और जल्द हत्यारों को सलाखों में डालेंगे।

मामला क्या था…

गोपालगंज जिले में ही पड़ने वाले भोरे थाना के का ये मामला है। जब 13 जून 2019 को रामाश्रय सिंह कुशवाहा की हत्या कर दी गई। ये उस इलाके के चर्चित व्यवसायी थे। रामश्रय सिंह कुशवाहा की पेट्रोल पंप पर सरेआम हत्या कर दी थी। परिवार वालों ने नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। छह नामजद अभियुक्त हैं। इन अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग की।  स्थानीय लोगों ने व्यापक आंदलोन किया। पत्नी सुनीता सिंह ने जलसत्या ग्रह किया, बेटी भी सत्याग्रह की। दोनों मां-बेटी जल सत्याग्रह के दौरान गले तक पानी में डूबकर रही।

इसमें कुल नौ नामजद अभियुक्त हैं। छह लोगों पर नामजद हत्या का आरोप है औऱ तीन नामजद पर साजिश करने का आरोप है। कहा जाता है कि ये सभी नामजद काफी रसूक वाले हैं। बाहूबली लोग हैं। और 1983 से पूरे गैंग की आपराधिक हिस्ट्री रही है। सालभर हो गए लेकिन पुलिस हत्यारे को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। मृत्तक की पत्नी सुनीता सिंह हत्यारे की ओर से धमकी दिए जाने की बात भी पुलिस से कह चुकी है। फिर भी कुछ हो नहीं पाया है। मामला सालभर से लटका पड़ा है। हाल में पीड़ित परिवार ने आमरण अनशन भी किया।

पटना से मौर्य न्यूज18 की रिपोर्ट ।