तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है…! मिलिए फिल्मी दुनिया के मन और चेतन से । Maurya News18

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खास बातचीत – एक्टर मन और गीतकार चेतन से

क्या बॉलीवुड में नेपॉटिजम है ?

अपने बच्चों में छिपे हुनर को पहचाने और वो जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं उन्हें प्रोत्साहित करें और उनका साथ दें।

बबली सिंह , नई दिल्ली, मौर्य न्यूज18 ।

कला जगत में आप कैसे एक मुकाम हांसिल कर सकते हैं , इसबारे में जानेंगे हमारे दो मेहमान से जिन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिनय और संगीत के फिल्ड को चुना। कहते हैं दोनों मित्रों की एक्टिंग और संगीत में ऐसी लगन लगी कि मुंबई महानगरी खींचे चले आए और बीते दो सालों से एक अपनी एक्टिंग और दूसरे गायन के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हांसिल करने में लगे हैं…भिड़े हैं । संघर्ष जारी है। दो जिगरी दोस्त एक का नाम है मन तो दूसरे हैं चेतन । बॉडिंग ऐसे कि दोनों एक दूजे के लिए बस यही कहते हैं..तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है।

आज मौर्य न्यूज की एक्सक्लूसिव बातचीत में हम इन दो मित्रों से जानेंगे कि कैसे कोई कैसे अभिनय और गायन के क्षेत्र में अपना कैरियर बना सकते हैं ।

मन जो गाजियाबाद और मेरठ के पास के गांव दौसा के रहने वाले है । और प्रेजेंट में वो अभी अंधेरी वेस्ट मुंबई में रहते है , मन जिनकी रुचि अभिनय और लेखन दोनों में है ,गाजियाबाद से मुंबई तक का सफर उन्होंने कैसे तय किया ,कितने संघर्षों का सामना करना पड़ा इसके बारे में हमने उनसे जानने कि कोशिश की ,ताकि जो युवा पीढ़ी चाहते हैं कि वो भी बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाए उनके लिए मार्गदर्शन हो।

मन एक थिएटर आर्टिस्ट हैं और उन्होंने कुछ गाने भी लिखे हैं । और उन गानों में स्वर उनके मित्र चेतन रूपावत ने दिया है ,एक अभिनय में माहिर हैं तो दूसरे गायन में। मन बॉलीवुड के जाने माने एक्टर पीयूष मिश्रा के शिष्य हैं और उनके थियेटर तम्बू के लिए काम करते हैं। मन जिन्होंने आई आई टी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है , चेतन और मन का कैंपस सलेक्शन अभयानंद कि सुपर 30 जो कि दिल्ली में है उसमे हुआ ,और वहीं इन दोनों दोस्त की मुलाकात हुई और दोनों ने मिलकर मुंबई जाने का सोचा ।

चेतन रूपावत राजस्थान के अजमेर के रहने वाले है ,और इनके पिता आर्मी में थे ,चेतन बताते है कि उन्होंने अपने स्कूल कि पढ़ाई केद्रीय विद्यालय से की, और उसके बाद आई आई टी रुढ़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कंप्लीट की । फिर सिंगिंग में अपना कैरियर शुरू किया। ,आई आई टी में एक म्यूजिक सेक्शन हुआ, जिसमें ऑडिशन दिया और सलेक्शन हो गया ।

चेतन बताते हैं कि उन्होंने आई आई टी कि डिग्री सिर्फ गायन में आगे बढ़ने के लिए ली ,क्यूंकि मुंबई में अगर आपको सर्वाइव करना है तो फाइनेंशियली आपको मजबूत होना होगा और पैरेंट्स तो सपोर्ट करेंगे लेकिन आपको अपने पैरो पर खुद खड़ा होना पड़ेगा, इसलिए इंजीनियरिंग की डिग्री से बहुत हेल्प मिला ,और पढ़ाई में अच्छे होने की वजह से टीचिंग करके पैसे कमाते और फिर उस पैसे को खर्च कर म्यूज़िक सीखते । चेतन ने संगीत की बारीकियां फादर चार्ल्स से सीखी । चार्ल्स उनके गुरु है। दोनों बॉलीवुड से जुड़े हुए है तो अब हम उनसे जानेंगे कि मुंबई मायानगरी में आउटसाइडर्स के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है ।

हमारा पहला प्रश्न मन से रहा कि कितना संघर्ष है फिल्म या थियेटर में बने रहने के लिए?

मन कहते हैं कि मुम्बई आकर फिल्मीलाइन या थियेटर में टिके या बने रहने के लिए संघर्ष दो तरह के होते हैं –

1.मुंबई में सर्वाइव करने के लिए आपके पास जीने-खाने और रहने के लिए पर्याप्त पैसे होने चाहिए और पैसे की पूर्ति के लिए पैरेंट्स पे दबाव नहीं डाल सकते । और इसलिए मैंने अपनी पढ़ाई का लाभ धन अर्जन करने में लगया, इसके लिए टीचिंग शुरू की। और उन्हीं पैसे से अपना कैरियर आगे बढ़ाया ।

2 .अच्छे लोगो से मुलाकात होना अगर आपने एक अच्छे आर्टिस्ट के साथ काम सीखना शुरू किया है तो आपको मार्गदर्शन अच्छा होगा ,जैसे उन्होंने बताया जब वो मुंबई पहुंचे तो सड़क के किनारे उनकी मुलाकात पीयूष मिश्रा से हुई तब उन्होंने मुझे अपना प्ले जो उन्होंने लिखा था 25 साल पहले उसमे एक रोल दिया, जिसमे मैंने भगत सिंह पर बेसड एक प्ले किया जिसका नाम गगन द मामा बाज्यो था और इसका बहुत ही नाम हुआ । मन का कहना था कि फिल्म या थियेटर इन दोनों में बहुत सारे अच्छे लोग है जो नए प्रतिभाओं कों आगे बढ़ाते है और जिसका सीधा उदहारण है पीयूष मिश्रा ,वो हमेशा नए कलाकारों को मौका देते है।अभी हाल ही में हमने पृथ्वी थियेटर में एक साल में आठ शोज किए है।

हमारा दूसरा प्रश्न चेतन से रहा कि क्या बॉलीवुड में नेपोटिज्म है?

इस प्रश्न पर चेतन का कहना था कि नेपोटिजम तो हर जगह है ,हम अपने आस पास ही देखें तो अगर हमारी पहचान है तो हमें कोई भी काम मिलने में आसानी होती है ,अगर हम कहीं काम भी करते है तो हमारे बॉस अगर किसी नए बंदे को रखने चाहते है तो हम उन्हें अपने जान पहचान वालो को रखने का सुझाव देते है ,तो यह भी तो नेपोटीज्म ही है।क्यूंकि जान पहचान वालो पर भरोसा होता है।चेतन का कहना था कि हमे खुद के हुनर को इतना परिपक्व बनाना होगा कि हम नहीं बड़े बड़े कलाकार हमे मौका देने पर मजबूर हो जाए।

अब हमारा अग्ला प्रश्न मन से था, क्या बॉलीवुड में आउटसाइडर्स के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता ?

इस प्रश्न पर मन का कहना था कि आउटसाइडर्स और इनसाइडर जैसा कुछ भी नहीं है ये सभी कलाकार हैं और ऐसा नहीं है कि बाहर से आनेवालों के साथ कुछ गलत व्यवहार किया जाता है ,अगर हम ऐसा सोचने लगेंगे तो जो युवा पीढ़ी इस क्षेत्र में आना चाहते हैं ,वो बॉलीवुड में आने से डरेंगे और कहीं ना कहीं अपने सपनों को मार देंगे लेकिन मेरा मानना है कि संघर्ष हर क्षेत्र में है,और जो इसे पार पा गया वो सफल हो गया ,आज बहुत सारे एक्टर और एक्ट्रेस हैं जो आउटसाइडर्स होने के बावजूद अपना एक मकाम हासिल कर चुके हैं ।

जिन्हे उनके नाम से नहीं काम से जाना जाता है, जैसे – मनोज बाजपई,राज कुमार राव,नवाजुद्दीन सिद्दीकी,आयुष्मान खुराना ,पंकज त्रिपाठी,संजय मिश्रा,कृति सेनन,कंगना रनौत बहुत सारे अभिनेता और अभिनेत्री है अगर इन्हें मौका नहीं मिलता तो आज ये सफल नहीं होते क्यूंकि इनके पास डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स खुद जाते है काम देने क्यूंकि इनका काम बोलता है नाम नहीं।

चेतन आप तो संगीतकार हैं आजकल गानों में रैप का तड़का डालके संगीत बनाए जा रहें हैं…क्या ये सही है ?

चेतन कहते हैं कि ये सही नहीं है । बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि जिस संगीत की पूजा कि जाती है और जिसको मां सरस्वती का वरदान माना जाता है ,उसे आज इस तरह से परोसा जा रहा है ,लेकिन काफी हद तक इसके जिम्मेवार ऑडिएंस भी हैं। जो ऐसे संगीत को पसंद करते है ,हमारी युवा पीढ़ी ऐसे यो ,यो टाइप्स गाने सुनना चाहते हैं । जिनमें ना सुर का पता है ना मीनिंग का ।

हमारा अगला प्रश्न मन से लॉकडाउन का असर बॉलीवुड पर कितना देखने को मिला?

मन का कहना था कि क्रोना का असर हर क्षेत्र में देखने को मिला है ,हां लेकिन इंडस्ट्री पर कितना असर हुआ तो मैं कहना चाहूंगा बहुत हुआ ,बहुत सारे हमरे शोज डिले हुए लेकिन लॉकडाउन में बहुत समय मिला और ज्यादा नई चीज़ें सीखने को , चूकिं मुझे लिखने का शौक भी है तो मैने कुछ गाने लिखे कुछ नईं नई चीज़े लिखीं और सीखी । एक बहुत अच्छी चीज यह हुई की जो नए कलाकार है उन्हें खूब मौका दिया गया ,पुराने कलाकारों के मुकाबले ।

वहीं बुरा ये हुआ कि बड़े बजट की फिल्में अधर में लटक गई, छोटे बजट की फिल्में ओ टी टी प्लेटफॉर्म पे रीलिज कर दी गई, बहुत सारे कलाकारों की नौकरी भी चली गई ,जिन एक्टर ,एक्ट्रेस की फीस ज्यादा है उन्हें अपने काम से हाथ धोना पड़ा।और जो नए कलाकार कतार में थे उन्हें मौका दिया गया , शॉर्ट में कहे तो कहीं खुशी ,कहीं गम।

हमारा प्रश्न इन दोनों मित्र से रहा कि कभी काम नहीं मिलने के कारण टेंशन या डिप्रेशन हुआ ?

मन कहते हैं. डिप्रेशन बहुत भारी शब्द है ,और अगर बॉलीवुड में कदम रखना है तो धैर्य रखना होगा क्यूंकि यहां मुकाम हासिल करना है खुद के सपनों को पूरा करना है तो अखरोट के जैसे सख्त होना पड़ेगा , मुश्किलें आयगी और आपको चट्टान की तरह उसका सामना करना पड़ेगा तभी आप यहां अपने पैर जमा सकते है ,छोटे से मौके को भी भुनाना होगा और यहां बहुत अच्छे अच्छे लोग है जो आगे बढ़ने में आपकी मदद करेंगे ।

वहीं चेतन का कहना है कि काम नहीं मिलने से टेंशन थोड़ी बहुत होता है लेकिन अगर हमारे अंदर हुनर है तो अपनी पहचान हम खुद ही बना सकते है फिर हमे काम मिलने में कोई कमी नहीं होगी ,सिंह का कहना था कि आज हर कोई स्टार बन सकता बशर्ते उनमें वो बात हो तो आज बहुत सारे प्लेटफॉर्म है जहां हम अपना हुनर दिखा सकते है,हम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने गाने या अभिनय को पब्लिश कर सकते है ,चेतन ने खुद के बहुत सारे गाने जियो सावन ,हंगामा म्यूजिक या यूं ट्यूब पर अवैलेबल है और चेतन के चैनल का नाम चेतन रूपावत है ,

चेतन का कहना था कि आज बहुत कुछ पॉसिबल है अगर आप गाना चाहते है ऐक्टिंग करना चाहते है तो अपना खुद का चैनल बनाए और पैसे कमाए अगर आप में वो बात होगी तो आपको काम मागने कि जरूरत नहीं है ,काम खुद चल के आपके पास आयगा। टैलेंट कि कद्र सभी करते है ।

चलते-चलते एक बात और…

दोस्तो आपको ये इंटरव्यू कैसा लगा कॉमेंट में जरूर बताएं ,मौर्य न्यूज 18 का प्रयास है कि ऐसे बहुत सारी नए प्रतिभा से मिलकर उनसे छोटी से छोटी जानकारी हासिल करें । जिससे जो भी हमारे नए युवा हैं उनका मार्गदर्शन हो और अगर वो भी अभिनय और सिंगिंग में अपना कैरियर बनाना चाहते है तो बेझिझक अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़े,और हम उनके मार्गदर्शन के लिए और ज्यादा से ज्यादा जानकारी उन सभी तक पहुंचा सके।

धन्यवाद।

नई दिल्ली से मौर्य न्यूज18 के लिए बबली सिंह की रिपोर्ट ।