बिहार की राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागीदारी शुभ संकेत : संतोष रंजन राय ! Maurya News18

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खास मुलाकात :  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष रंजन राय, भाजपा युवा मोर्चा

बिहार के बह्मपुर विधानसभा क्षेत्र से दिल्ली तक जनता की आवाज उठाते रहे हैं ।

नयन, नई दिल्ली, मौर्य न्यूज18

नमस्कार मैं हूं नयन औऱ आप हैं मौर्य न्यूज18 के साथ। तो चलिए आज हम बात करते हैं राजनीति में युवाओं की, युवाओं की राजनीति की। बिहार की राजनीति की । राजनीति में बिहार की। युवा बिहार की।  

युवा देश और युवाओं का राजनीति में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना। शुभ संकेत है। औऱ देश के युवा इस दिशा में आगे बढ़े हैं। बिहार भी इसमें आगे है। पार्टी चाहे जो भी हो युवा नेतृत्व का रिजल्ट भी देखा जा सकता है। परिणाम सुखद हैं लेकिन परंतु भी साथ-साथ है। इन्हीं सब बातों को लेकर मौर्य न्यूज18 ने खास मुलाकात की भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष रंजन राय से। और जानने की कोशिश की युवा नेतृत्व औऱ बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में क्या कुछ होने को है।   

कहते हैं…

संगठन में दायित्व मिला । सेवा का मौका मिला । स्वयंसेवी के तौर पर कार्य में जुट गया । जनता के बीच रहकर दुखदर्द को समझना। उसका निवारण करना। युवाओं को प्रेरित कर उसकी समस्याओं का निदान निकालना। संगठित करना। शीर्ष नेतृत्व से मिले दायित्व को पूरा करना। गरीब-गुरबों को उसकी मूल-भूत आवश्यकताओं को पूरा कराने के लिए हर संभव प्रयास करना। इसी सब काम में लगा हूं।

संकल्प : आत्मनिर्भर देश, आत्मनिर्भर बिहार, आत्मनिर्भर बह्मपुर विधानसभा क्षेत्र बनाना

बिहार से हूं। शाहबाद इलाके से हूं। बक्सर जिले के बह्मपुर क्षेत्र की जनता के बीच रहकर सेवा देता हूं। ये सब मेरा पैशन है। समाज सेवा के प्रति मेरी गहरी रूची हमेशा से ये सब करने के लिए प्रेरित करती रही है। एक बिजनेस मैन के तौर पर देश की आर्थिक स्थिति को कैसे सबल करूं…मजबूत करूं। इसका भी पूरा ख्याल रखता हूं। आत्म निर्भर भारत, आत्म निर्भर बिहार, आत्मनिर्भर बह्मपुर के सपने को साकार करने की दिशा में जो भी कर सकता हूं करता रहूंगा।

नई दिल्ली में मौर्य न्यूज18 के साथ खास  मुलाकात में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष रंजन राय जो बातें कहीं हैं उससे यही सारी बातें सामने आती है। और क्या कुछ कहा है ये भी जानिए।

देशभर में युवाओं की राजनीति में भागदारी तेजी से बढ़ी है। इसकी क्या वजह मानते हैं।

वजह साफ है। देश युवा है और हमारा देश लोकतांत्रिक और संवैधानिक कानूनी प्रक्रियाओं से चलता है। इसमें राजनीति एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए देश का नेतृत्व करने का अवसर प्राप्त होता है। देश के अंदर तमाम राज्य और ग्राम पंचायत स्तर तक यही व्यवस्था है। पूरी तरह से लोकतांत्रिक तरीका। ऐसे में गांव से लेकर राज्य और देशस्तर तक जन भागीदारी जरूरी है। ऐसी व्यवस्था में युवाओं को शामिल तो होना ही चाहिए। सो, हो रहे हैं। जागरूकता आई है।

केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के साथ भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संतोष रंजन राय ।

बौद्दिक विकास हर क्षेत्र में तेजी से हुआ है, राजनीति में भी इसकी झलक दिखती है। और ऐसा नहीं है कि ये सब अब और इन दिनों हो रहा है। शुरू से युवाओं की भागीदारी रही है। छात्र राजनीति की व्यवस्था भी महाविद्यालयों में है। यानि आप महाविद्यालय में अपनी किताबी ज्ञान के साथ छात्र राजनीति में भी हिस्सा लेकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझ सकते हैं। वहां से आगे बढ़ सकते हैं। हां, ये बात जरूर है कि जब से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बने हैं तब से युवाओं की बात ज्यादा होने लगी। युवाओं को प्रधानमंत्री के जरिए प्रोत्साहित किया जाना भी, युवाओं की राजनीति में बढ़-चढकर सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का सिलसिला चल पड़ा है। बढ़ा है। पार्टी चाहे जो भी हो। अब तो युवाओं ने एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। अपनी राजनीतिक पार्टी बनाकर भी इस फील्ड़ में आगे बढ़ रहे हैं।

नये-नये चेहरे देखे जा सकते हैं।

सवाल ये कि आपने भारतीय जनता पार्टी को ही क्यों चुना, देश के अंदर तो औऱ भी राजनीतिक पार्टियां हैं।  

कहते हैं, बात सही है देश के अंदर बहुत सारी राजनीतिक पार्टियां हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ही चुना इसकी वजह भी साफ है। किसी भी संगठन और पार्टी को चुनने के पीछे औरों का जो भी मकसद रहा हो, मेरा एक ही मकसद रहा है- लोकतांत्रिक तरीके से देश और समाज सेवा में हिस्सा लेना। और इस मामले में मैंने छात्र जीवन से भारतीय जनता पार्टी के अनुशासन और देश के प्रति समर्पित कार्य शैली हमेशा से प्रेरित रहा हूं। इसी वजह से आकर्षण बढ़ा और जुड़े।

यहां जनसेवा की भावना कूट-कूट कर भरी जाती है। काफी कुछ सीखने को मिलता है। यहां आप मनमानी नहीं कर सकते। सब कुछ अनुशासन के साथ करना होता है। सेवा का भाव जरूरी होता है। छोटे-से-छोटे कार्यकर्ताओं के सेवा व समर्पण भाव को प्रोत्साहित किया जाता है। आगे भी बढ़ने का मौका मिलता है। जैसे मेरे ही केस में लीजिए मैं बिहार के भोजपुर इलाके से हूं। बह्मपुर विधानसभा क्षेत्र मेरी कर्म भूमि भी है। यहां से आगे बढ़ा औऱ पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर दायित्व सौंपा। इसे निभा रहा हूं औऱ आगे जो भी दायित्व मिलेगा निभाउंगा।

ये तो रही पार्टी की बात… लेकिन जनता के बीच आप अपने कार्य को कैसे अंजाम देते हैं। आज की तारीख में युवाओं वाले इस देश में युवा ही संकट में हैं। रोजगार की समस्या है। इस पर आप क्या कहेंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ

जी, सही है हमारे देश में लगभग 60 प्रतिशत युवा हैं। समस्याएं हैं लेकिन भाजपा की सरकार इन समस्याओं को गंभीरता से दूर कर रही है। नौकरी ही रोजगार है ऐसा नहीं है। रोजगार के कई आयाम हैं। कई रास्ते हैं जिसके जरिए बेरोजगारी दूर की जा सकती है। भाजपा इस दिशा में कई योजनाएं चला रही है। युवाओं को रोजगार देने के लिए छोटे-छोटे लोन दिए जाते हैं। उन्हें साधन संपन्न बनाने के लिए कई योजनाएं हैं। किसानी से जुड़े युवा, बिजनेस से जुड़े युवा, शिक्षा से जुड़े युवा सबके लिए योजनाएं हैं। औऱ इन्हीं सब योजनाओं को लेकर अपने क्षेत्र ही नहीं देश के विभिन्न इलाकों में जाकर जागरूकता फैलाने का काम करते रहे हैं। आप बह्मपुर विधान सभा क्षेत्र में जाकर जनता से पूछिए..युवाओं से मिलिए वहां से आपको पता चलेगा कि मैंने भाजपा संगठन में रहकर किस तरह से सबका साथ, सबका विकास पर किस तरह से कार्य कर रहा हूं।

बिहार में विधानसभा चुनाव है और वहां विकास से ज्यादा जाति हावी है। ऐसे में यदि आपको संगठन की ओऱ से किसी भी विधानसभा इलाके से नेतृत्व का मौका मिला तो आप किस तरह विकास करेंगे।

देखिए । मैं तो अभी ये नहीं कह सकता कि मुझे पार्टी आगे कौन सी जिम्मेदारी देगी। लेकिन इतना तो तय है कि जनता के बीच विकास करने की मेरी शैली साफ है। मैं हरेक पंचायत में कैंप लगाकर सरकार की तमाम योजनाओं को हर हाल में लागू कराउंगा। कैंप ऐसा होगा कि जबतक उस पंचायत की एक-एक जनता के बीच जो सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले हैं उनको दिलवा ना दूं…तब तक कैंप जारी रहेगा। फिर दूसरे पंचायत में कैंप लगाउंगा। इस तरह लगातार क्षेत्र में रहकर कैंप लगाकर जनता की हर समस्याओं का समाधान करूंगा। ये मेरा पक्का इरादा है। कहते हैं मैने जनता के दर्द को समझा है, वो समस्याओं से घिरे रहते हैं और दर्द में ही जीते हैं। अपने जनप्रतिनिधि तक पहुंच नहीं पाते हैं। जो जनप्रतिनिधि तक पहुंचते हैं उनका तो काम हो जाता है लेकिन जो नहीं पहुंच पाते वो वंचित रह जाते हैं। मैं ऐसा हरगिज नहीं होने दूंगा। इतना तो साफ है कि जनता को ये कहने का मौका नहीं दूंगा कि अपने जनप्रतिनिधि से कहां औऱ कैसे मिलूं। गरीब-गुरबा, महिलाएं-युवा शक्ति को रोजगार की दिशा में बढ़ाने के लिए काम करूंगा।

केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री व बक्सर के सांसद अश्विनी चौबे के साथ भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष संतोष रंजन राय ।

ये सब तो ठीक है लेकिन जातिवाद को कैसे निपटेंगे।

देखिए । जातिवाद की जहां तक बात है तो ये सब विकास के आगे कुछ भी नहीं। हर किसी को रोजी-रोटी औऱ क्षेत्र का विकास चाहिए। हर किसी को सड़क, बिजली, पानी, सिचाई, पढ़ाई, कमाई चाहिए। अगर इस दिशा में काम करूंगा तो मुझे नहीं लगता है कि जातिवाद फिर कोई फैक्टर होगा। आखिर किस जाति या धर्म के लोगों को ये विकास नहीं चाहिए। दरअसल, जो सिर्फ जातिवाद के सहारे टिके हैं या उस नाम पर राजनीति या जनता के बीच जाते हैं उनके लिए सिर्फ और सिर्फ जातिवाद है। औऱ वो इसी के सहारे आगे बढ़ना चाहते हैं। हमारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी जातिवाद को लेकर कभी नहीं चली है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सबका साथ, सबका विकास औऱ सबका विश्वास पर काम करते हैं औऱ अपने कार्यकर्ताओं को इसी मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। यही मूल मंत्र है। जिसके सहारे आगे बढ़ रहा हूं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमारा के साथ उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी । मौर्य न्यूज18 ।

बिहार में बहार है नीतीशे कुमार है, फिर भाजपा कहां है।

कहते हैं…ये तो एक नारा है, जो दी जाती रही है। बिहार में एनडीए की सरकार में जदयू-भाजपा और लोजपा सब साथ अब तो हम के सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भी साथ है। रही बात बिहार में बहार है नीतीशे कुमार है इसको लेकर मीडिया में तरह-तरह की बातें होती है। लेकिन आप बताइए जब हमारी पार्टी ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में बिहार को एक बेहतर सरकार दी है तो नाम तो नीतीश कुमारजी का ही तो लिया जाएगा, अच्छा-बुरा जो भी कहेंगे नेतृत्वकर्ता के बारे में ही चर्चा होगी ना। भाजपा जिसका साथ देती है पूरी तरह से समर्पित होकर देती है। जनता सब जानती है कि भाजपा अपने कार्य को, किए गये वायदे को सबके साथ बेहतर और ईमानदारी पूर्वक निभाती है। इस बार भी विधानसभा चुनाव में शीर्ष नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि नीतीश कुमारजी के नेतृत्व में ही बिहार एनडीए चुनाव लड़ेगी और जनता फिर से सरकार बनाने का मौका देगी।

बिहार की एनडीए सरकार विकास से ज्यादा जनता को लालू राज के 15 साल का हवाला देकर डराती रही है। क्या यही सब कहकर चुनाव लड़ेंगे।

विचार वयक्त करते भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष संतोष रंजन राय़ ।

कहने लगे – ऐसा नहीं है। बिहार में विपक्ष के नेता लालू यादव के पुत्र हैं  और वो बार-बार अपने पिता लालू प्रसाद और मां राबड़ी देवी के शासन की दुहाई देते हैं। तो काउंटर तो करना होगा। याद तो दिलाना होगा। विपक्ष के लिए कहने को कुछ भी नहीं है। एक परिवार का शासन देश और अपने बिहार को भी बर्वाद कर दिया। उस बर्वादी को ध्यान में रखकर देखें तो बिहार में एनडीए की सरकार के सामने बहुत बड़ी चुनौती थी, खजाना खाली और स्टेट में विकास के नाम पर सिर्फ और सिर्फ घोटाला और अपहरण, लूट जैसे अपराध थे। लोगों का घर से निकलना दूभर था, शाम होते-होते घर लौट जाना होता था, बिजनेस ठप पड़ गया था, पुलिस-प्रशासन आम जनता की आवाज को दबा देती थी, जुल्म बेइंतहा थे। गड्ढों में सड़कें थीं, बजबजाते नाले, सड़ांध मरती गलियां, पीने का पानी नहीं, बिजली नहीं, अंधेरी में गुजरती रही बर्षों तक शाम औऱ रातें।

भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व विधान पार्षद संजय मयूख व साथ में भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष संतोष रंजन ।

दिन में भी बिजली की आंख मिचौनी से लोग तबाह थे, सिचाई ठप, खेती ठप, उद्योग ठप, बिजनेस ठप, पढ़ाई ठप, कमाई ठप, महिलाओं की सरेआम लुटती रही अस्मत ये माहौल था । नतीजा, देश-दुनिया में बिहार की छवि चौपट होती चली गई। क्या अब हो हालात हैं। क्या अब कह सकते हैं कि गांव-गांव में बिजली नहीं है, सड़के नहीं है। पढ़ाई ठप है। हर काम की शुरूआत करनी पड़ी। अब जाके स्थिति बनी है कि यहां से और तेजी से बिहार का विकास हो, इसके लिए जनता एनडीए को फिर से मौका देगी। विपक्ष नकारे जाएंगे।

बिहार में इन दिनों सुशांत का मुद्दा है। चुनावी रंग में है। क्या इसे चुनाव में भी भंजाएंगे।

ऐसा नहीं है। सुशांत सिंह का मुद्दा देश भर का मुद्दा है। ये मुद्दा इंसाफ का मुद्दा है। इंसाफ दिलाने औऱ इस तरह के घिनौने कामों में जुटी हस्ती को बेनकाब कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाने का मुद्दा है। इसे सिर्फ बिहार और महाराष्ट्र का मुद्दा बताना बिल्कुल सही नहीं है। रही बात बिहार विधानसभा चुनाव का तो इन मुद्दों का चुनाव से कोई लेना देना नहीं है। हां, भाजपा सुशांत केस में इंसाफ की लड़ाई लड़ेगी। औऱ लड़ भी रही है। याद कीजिए निर्भया कांड उसे लेकर भी राजनीति हुई लेकिन भाजपा इंसाफ के लिए लड़ती रही। और इंसाफ मिला। हर केस को चुनाव से जोड़ कर देखना सही नहीं है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अपने पिता लोजपा नेता रामविलास पासवान के साथ सांसद चिराग पासवान ।

जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार और लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान के बीच जो ठनी है कहा जाता है कि सब भाजपा करा रही है।

कौन कह रहा है। विपक्ष में बैठे लीडर को ये सब लगता है। और वो जनता को भी ये सब कह कर बड़गलाते हैं। इसमें कोई दम नहीं है। भाजपा अपने कमिटमैंट पर काम करती है ना कि कौन क्या कह रहा इस पर। रही बात जदयू और लोजपा की तो दोनों ही अलग-अलग पार्टियां हैं। दोनों के अपने-अपने सिद्दांत हैं, विचार धारा है। एजेंडा है। और उसके तहत कोई बात पार्टी अपनी बाच रखती ही है। लोजपा का अपना एजेंडा है इसमें भाजपा क्या करेगी, जदयू अपनी पार्टी के विकास को लेकर अपना एजेंडा और प्लान तैयार करती है इसमें भाजपा क्या करेगी। और भाजपा अपने सिद्दांतों के आधार पर काम करती है। इसमें लोजपा-जदयू क्या करेगी। हां, ये अलग बात है कि सभी एनडीए के घटक दल हैं। तो एनडीए में सभी पार्टियां एक-दूसरे के साथ कमिटमेंट औऱ समझौते के आधार पर काम करती है। उसमें कोई बात तो है नहीं। अलग-अलग मुद्दों पर किसके क्या विचार हैं उसमें भाजपा को जोड़ देना ठीक नहीं है। भाजपा सबको साथ लेकर चलती है औऱ आगे भी चलेगी। ये कोई मुद्दा नहीं है। ना ही कोई टकराव ।

चलते-चलते

बिहार विधानसभा चुनान2020 को देखते हुए युवाओं की राजनीति में भागीदारी को देखते हुए आगे इसी तरह युवा लीडर से खास मुलाकात में जानेंगे कि आखिर वो पॉलिटिक्स में क्यों आये और क्या कुछ करने वाले हैं। आप बने रहिए मौर्य न्यूज18 के साथ । Mauryanews18.com

नई दिल्ली से नयन की रिपोर्ट ।