आखिरकार डीजीपी के इस्तीफे की खबर पर मौर्य न्यूज18 की ब्रेकिंग सच साबित हुई, डीजीपी का इस्तीफा हुआ मंजूर, अब क्या बोलेंगे मीडिया के बारे में ! Maurya News18

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22 अगस्त की मौर्य न्यूज18 ने लिखी थी खबर, डीजीपी ने किया था खंडन

अब क्या बोलेंगे इस खबर के बारे में ।

क्या इस्तीफे के बाद वो ट्वीट कर लिखेंगे कि पत्रकारिता पर सवाल खड़ा करना मेरी गलती थी।

क्या वो ये सार्वजनिक तौर पर लिखेंगे कि मैंने इस्तीफा भेजा था और मौर्य न्यूज18 ने सही खबर लिखी थी,

क्या वो सार्वजनिक तौर पर ये कहेंगे कि उस वक्त में अपने डीजीपी होने के कारण खरी-खोटी सुना दी थी। जो मुझे नहीं करनी चाहिए थी।

नयन, पटना, मौर्य न्यूज18

एक इस्तीफा । इस्तीफे पर गरजना। खिसियानी जुबान। हंगामा खड़ा करना। ट्वीट करना। पत्रकारिता पर सवाल खड़ा करना। आखिरकार सब टांय-टांय फीस हो गया। झूठ बोलने की हद होती है। सुर्खियां बटोरने की भी हद होती है। बटोर गए। पत्रकारिता पर खरी-खोटी सुना गए। 22 अगस्त 2020, उस आधी रात को याद करिए जब डीजीपी के इस्तीफे की खबर सनसनी की तरह फैल गई थी। याद आया कुछ । जिसपर डीजीपी ने खंडन तक कर डाला था। आखिरकार उस खंडन की 22 सितम्बर 2020 आते-आते यानि एक माह के अंदर ही हवा निकल गई । हवा-हवाई हो गई।

आपको बता दें कि मौर्य न्यूज18 ने डीजीपी के इस्तीफे की खबर ठीक एक माह पहले 22 अगस्त 2020 को लिखी थी। लिखा था कि बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने केन्द्र सरकार को इस्तीफा भेज दिया है। सिर्फ मंजूरी मिलनी रह गई है। मंजूरी मिलने में वक्त लगता है। और इस्तीफा देकर साहब चुनाव मैदान में उतरना चाहते हैं। ऐसा मौर्य न्यूज18 ने लिखा था, लेकिन उस रात डीजीपी ने फोन कर मौर्य न्यूज18 पर खूब गरजा था, पत्रकारिता को कलंक तक बताया था, इसके खिलाफ अपने ट्वीटर एकाउंट पर ट्वीट तक कर डाला था…आपको उस ट्वीट को भी प्रस्तुत कर रहा हूं। देख लीजिए।

आईपीएस गुप्तेश्वर पांडेय, जब डीजीपी, बिहार थे, मौर्य न्यूज18 इस्तीफे की खबर को गलत बता कर ट्वीट किया था। और पत्रकारिता पर सवाल उठाया था।

ये सब मैं इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि आखिरकार मौर्य न्यूज18 की खबर के ठीक एक माह पर 22 सितम्बर को बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का  इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। सरकार की ओर से नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। नोटिफिकेशन भी पेश कर रहा हूं। क्योंकि उस वक्त जब मौर्य न्यूज18 ने बिग ब्रिकिंग चलाया था तो डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा था कि इस खबर के बारे में क्या सबूत है प्रस्तुत करिए । फिर खंडन लिखने को कहा था।  

अब क्या बोलेंगे इस खबर के बारे में । क्या इस्तीफे के बाद वो ट्वीट कर लिखेंगे कि पत्रकारिता पर सवाल खड़ा करना मेरी गलती थी। क्या वो ये सार्वजनिक तौर पर लिखेंगे कि मैंने इस्तीफा भेजा था और मौर्य न्यूज18 ने सही खबर लिखी थी, क्या वो सार्वजनिक तौर पर ये कहेंगे कि उस वक्त में अपने डीजीपी होने के कारण खरी-खोटी सुना दी थी। जो मुझे नहीं करनी चाहिए थी।

खबर ये है कि इस्तीफे का कारण चुनाव मैदान में जाना है। साफ है वो विधायक बनना चाहते हैं। नौकरी फरवरी 2021 तक ही बची थी। सो, चार माह की नौकरी छोड़कर चले हैं विधायक बनने। चुनावी मैदान में कूदने के लिए ऐसा पहले भी कर चुके हैं। जानकारी के अनुसार, बक्सर या बक्सर जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। वैसे, इनके रंग-ढंग से दुनिया भर के लोग समझते थे कि ऐसा ही करने वाले हैं लेकिन साहब थे जो अपनी सफाई ऐसे दिए जा रहे थे कि ये सब करेंगे ही नहीं। इसलिए मौर्य न्यूज18 ने इस्तीफे की खबर के साथ ये सब भी साफ कर दिया था कि साहब चुनाव मैदान में जाएंगे और जनप्रतिनिधि बनने की अपनी पुरानी लालसा पूरी करेंगे। लेकिन ये लालसा पूरी होगी कि नहीं होगी ये तो जनता तय करेगी।

खैर, जो भी हो खुशी की बात है कि साहब का छिपा हुआ मनसा जल्द ही जाहिर हो गया। शुभकामना है उन्हें वो चुनाव मैदान में जाएं लेकिन मौर्य न्यूज18 को जिस तरह से गलत बताने की कोशिश की थी, पत्रकारिता पर जिस तरह से सवाल खड़ा किया था उन सवालों का भी जवाब सार्वजनिक तौर पर देना चाहिए।

कुल मिलकार इस इस्तीफे के कारण डीजीपी ने पत्रकारिता की इज्जत भी दांव पर लगा दिया था। लेकिन आखिरकार पत्रकारिता सच साबित हुई। मुझे पूरी उम्मीद है कि वो इस गलती को आगे नहीं दुहराएंगे।   

उस खबर को भी पढ़ लीजिए जो मौर्य न्यूज18 ने 22 अगस्त की रात बिग ब्रेकिंग के जरिए डीजीपी के इस्तीफे की खबर लिखी गई थी । और डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने खबर का खंडन किया था।

मौर्य न्यूज18 के लिए नयन की रिपोर्ट ।