बिहार की जनता बोली : सीएम बदलना चाहते हैं पर कोई दूसरा दिखता भी तो नहीं ! Maurya News18

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मूड : मुझे जो पसंद है वही बात करेंगे।

बबली सिंह, पटना, मौर्य न्यूज18 ।


बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी चरम पर  है । नेता अपनी तैयारी में हैं और राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारी में हैं। वहीं जनता भी पूरी तरह से अपने मूड में है पर क्या करना है। ऐसे में ये जनना जरूरी है कि जनता क्या चाहती है। किसकी सरकार चाहती है। ये जनने के लिए मौर्य न्यूज18 पहुंची बिहार की जनता के बीच । आए इस रिपोर्ट के जरिए जानते हैं कि आखिर जनता जनार्दन क्या चाहती है।

हाउस वाइफ है ,पटना के बैंक कॉलोनी लेन नंबर 8 में रहने वाली मनीषा और कल्पना कहती हैं मेरी पहली पसंद बीजेपी है। वजह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काम काज को मानती हैं। कहती हैं महिलाओं के लिए गैस सिलिंडर देना, देश की खातिर 370 धारा हटाना, सीएए कानून लागू करना, तीन तालाक हटाना ये सब प्रभावित करता है। बिहार में भी नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं और भाजपा के साथ सरकार है तो प्रधानमंत्री के किए कार्यों का लाभ बिहारवासियों को भी बड़े पैमाने पर मिल रहा है। पटना में तो बीजेपी को ही लाइक करेंगे ।

बिहार में आप सीएम कंडीडेट ये रूप में किसे देखना चाहेंगी और क्यों ?

कहती हैं बिहार में नीतीश कुमार के अलावा मुख्यमंत्री कोई भी ऐसा चेहरा नहीं है जिसे पसंद किया जाए। लेकिन ये बात भी सही है कि बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 15 साल का वक्त मिला लेकिन रोजगार पैदा नहीं कर सके। पलायन जारी रहा। उद्योग धंधे को खड़ा नहीं कर सके। घरेलू उद्योगों की हालत भी ठीक नहीं है। बाजार नहीं बन सका है बिहार में जहां पूरी दुनिया या देशभर से लोग बिजनेस करने आएं। ये सब ऐसी बातें हैं जो जनता तलाशेगी। हम लोग भी यही देख रहे हैं। शिक्षा की हालत में भी कोई सुधार नहीं दिख रहा, स्वास्थ्य की हालत को पूछिए मत। ऐसी हालत में नीतीश कुमार मजबूरी में चुने जाने वाले कंडिडेट हैं। सामने जो भी है उनकी हिस्ट्री डराने वाली है। व्यवहार में अब भी कोई बदलाव नहीं दिखता । इसलिए यहां की जनता के सामने सांप-छुछुनंदर वाली स्थिति है।



बॉलीवुड  एक्टर और पटना निवासी सुशांत सिंह राजपूत के मौत पर बिहार में  खूब राजनीति  हो रही है। इसपर क्या कहेंगे।

इस सवाल के जवाब में जनता की स्पष्ट राय है, किसी की मौत पर राजनीति तो कभी नहीं होनी चाहिए। हां, न्याय मिले इसके पक्ष में खड़े रहना सही है। लेकिन इसे चुनावी मुद्दा बनाकर वोट लेना सही नहीं होगा। ये सब जनता पर छोड़ देना चाहिए। अब ये आग सिर्फ बिहार ही नहीं देश के बाहर भी लग चुकी है। सो, न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। उसके लिए वोटिंग भी जरूरी है तो जनता तैयार है।


अगर नीतीश नहीं तो कौन होता सीएम कैंडिडेट आपकी राय में?



कहते हैं, अगर नीतीश नहीं तो फिर कोई युवा चेहरा को आगे आने चाहिए , लोजपा सांसद चिराग पासवान को आप मौका दे सकते हैं ,,लेकिन अभी कुछ कहना जल्द बाजी होगी । बिहार का विकास अच्छी तरह से हो वही चेहरा चाहिए। फिलहाल कोई चेहरा दिखता नहीं है। राजद के युवराज तेजस्वी मुख्यमंत्री का चेहरा पेश कर रहे हैं लेकिन तेजस्वी को सिर्फ और सिर्फ अपने पिता के नाम की वजह से जाने जाते हैं। ऐसे में तेजस्वी जैसे नेता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी एक झटके में नहीं दी जा सकती है।


राजनीति में परिवार वाद के बारे में आपका क्या ख्याल है ?



परिवार वाद हर क्षेत्र में है ,और राजनीति में सबसे अधिक है। परिवार वाद के वजह से अच्छे लोगो को मौका नहीं मिल पाता ।जब नेता और अभिनेता के बच्चो को ही मौका मिलता रहेगा ,आम जनता को कभी मौका नहीं मिल पाएगा इसलिए हर क्षेत्र में आम जनता को भी मौका मिलना चाहिए जिनमे काबिलियत है और परिवारवाद ख़त्म होनी चाहिए।


युवा जिस तरह नशे में पूरी तरह डूबे हैं, उन्हें कैसे इस दलदल से निकला जाए?



कहते हैं युवा पीढ़ी को अगर इस लत से निकालना है तो उनसे बात कीजिए उनका सपोर्ट कीजिए ,उनके पैरेंट्स नहीं दोस्त बनिए उन्हें गलत और सही का फर्क समझाइए ,दोस्त बनकर उनके साथ रहिए उन्हें एक मिनट भी अकेला मत छोड़िए उनकी मदद कीजिए उसके इस लत से उबरने में और गलत संगत में कभी भी मत जाने दे ,अपने बच्चो के दोस्तो को भी  जानिए की वह कैसे है ,उनकी कोई गलत आदत तो नहीं है तभी आपके बच्चे सही दिशा में आगे बढ़ेंगे और आप निश्चिंत रहेंगे अपने बच्चे के भविष्य के लिए।



पटना से निकल के कुछ दूर चलके मौर्य न्यूज 18 कि टीम पहुंची है बिहार के वैशाली जिले में।



बिहार में होने वाले चुनाव  में किसको मिलेगी मुख्यमंत्री की  कुर्सी  ! जनता  किसको सर आंखों पर बिठाएगी इस बार ,वो जानेंगे हम बिहार कि जनता से । पटना के बाद मौर्य न्यूज 18 कि टीम पहुंची वैशाली जिले में  एक छोटा सा गांव है लगुराव , रानिपोखर के निकट बसा हुआ एक बहुत ही सुन्दर गांव लगुराव  ,यहां के लोग बहुत ही शिक्षित और जागरूक है ।लेकिन  मौजूदा सरकार से इनको बड़े सिकवे शिकायत है ,इनका कहना है कि जो भी विधायक है वो बस चुनाव के समय ही दिखाई देते है , लेकिन जब इन्हें सरकार से मदद चाहिए होती है तब कोई भी नेता इनकी सुद लेने नहीं आता ।आइए जानते है कि इन्हें  अबकी बार किसकी सरकार चाहिए ।सबसे पहले जानते है पूनम सिंह से जो कि आंगनबाड़ी सेविका है उनके  विचार ,अबकी बार किसकी सरकार के बारे में।


सबसे पहले हमने मिस पूनम से पूछा कि आप मौजूदा सरकार से खुश है ? क्या उन्हें एक बार और मौका देना  चाहेंगी?



इस पर मिस सिंह का कहना था कि सरकार के द्वारा किए गए कामों से वह पूरी तरह संतुष्ट नहीं है ,आंगनबाड़ी में कार्य करते हुए मुझे 20 वर्ष हो गए लेकिन आज भी मेरी सैलरी से में संतुष्ट नहीं हूं । 9 घंटे काम करने के बाबजूद भी वेतन कभी भी समय पे नहीं मिलता ।बच्चों का पहला शिक्षण संस्थान जहां उन्हें उठने बैठने के तौर तरीके मैनर्स लिखना ,पढ़ना सब कुछ आंगनबाड़ी सिखाता है,उसके बावजूद भी हमे हमारी मेहनताना बहुत कम मिलता है ,इसलिए सरकार चाहे किसी कि भी हो उसका काम अच्छा होना चाहिए और हर क्षेत्र में विकास होना चाहिए ।।




हमारा अगला प्रश्न अबकी बार वो किसको मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहती है?



मिस सिंह का कहना था कि अबकी बार भी नीतीश कुमार कि ही सरकार होगी क्यूंकि उनके अलावा और कोई बढ़िया नेता हमे नहीं दिखता और जितना अच्छा काम अभी तक नीतीश सरकार ने किया है ऐसा किसी और मुख्यमंत्री ने नहीं किया है ।इसलिए हम बिहार में नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार समझते है।



आगे हमने किरण सिंह से जाना कि वो नीतीश कुमार की सरकार से कितना खुश है?



मिस किरण ने कहां कि नीतीश कुमार के आलावा और कोई भी परफेक्ट चेहरा नहीं है बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए ,अाज गांव – गांव में बिजली और पानी की सुविधा घर घर में है ।अच्छी पक्की सड़क है ,नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद हर तरफ विकास हुआ है।


आगे हमने मिस रेखा से जाना उनके पसंदीदा उम्मीदवार कौन है?



मिस रेखा ने कहां कि मेरा  पसंदीदा पार्टी भाजपा है । मै नरेंद्र मोदी की बहुत बड़ी फैन हूं ,और इसलिए बीजेपी कि सरकार से अगर कोई उम्मीदवार होता तो मै उन्हें ही चुनती लेकिन जदयू की सरकार ही बिहार के लिए सर्वोत्तम है,और इसमें भाजपा कि गठबंधन है इसलिए हम नीतीश कुमार को ही समर्थन देंगे।




हमारा अगला प्रश्न अविनाश से रहा कि क्रोना का असर प्राइवेट नौकरियों पर कितना रहा?



इस पर अविनाश ने कहा कि क्रोना की वजह से प्राइवेट जॉब वालो को बहुत सफर करना पड़ रहा है ,पूरे भारत में हर नौकरी पेशा वालो को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा है ,अपना पूरा दिन देने के वावजूद भी सैलरी 50% कट कर के दिया जा रहा और ये हवाला दिया जाता है कि बिजनेस हो नहीं रहा है तो पैसे इतने ही मिलेंगे।बहुत लोगो ने तो शहर की नौकरी को छोड़ गांव का रुख करने को मजबूर हो गए और अपने गांव वापस आ गए। मै डिजिटल मार्केटिंग का काम करता हूं और दिल्ली में रहता हूं लेकिन इस क्रोना कि वजह से अभी अपने गांव आने को मजबूर हो गया और अभी यहीं पर रहके अपना काम ऑनलाइन कर रहा हूं।क्यूंकि जितनी सैलरी मिल रहीं है वो सर्वाइव करने के लिए काफी नहीं थी।

चलते-चलते



हमारे इस विशेष अंक में इतना ही ,आगे हम और ज्यादा से ज्यादा लोगो  से मिलेंगे और जानने की पूरी कोशिश करेंगे कि लोगो के मन में क्या है ,बिहार की जनता अबकी बार किसकी सरकार को मौका देगी ।


धन्यवाद !

पटना और वैशाली से मौर्य न्यूज18 के लिए बबली सिंह की रिपोर्ट ।