इंसाफ दिला दो – दिल्ली के जंतर-मंतर पर तीन दिनों तक भूखे रहे सुशांत के दोस्त ! Maurya News18

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नई दिल्ली, बबली सिंह, मौर्य न्यूज18 ।

सिने अभिनेता सुशांत के मित्र गणेश हीबारकर और अंकित आचार्य दोस्त के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए बिना किसी स्वार्थ के तीन दिनों तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूखे बैठे रहे। कहते रहे – सच्चाई सामने आनी चाहिए। सीबीआई पर कोई दवाब नहीं होना चाहिए। मेरे दोस्त के परिवार को इंसाफ चाहिए। महाराष्ट्र सरकार किसी को बचाने की कोशिश ना करे। तीनों दिनों की भूख हड़ताल के दौरान पूरी दिल्ली की जनता का सपोर्ट मिला। इस मौके पर राजनीतिक विशेषज्ञ और जानी मानी एक्टिविस्ट ममता काले ने भी आवाज बुलंद की और कहा हर हाल में इंसाफ मिले। संदेह के घेरे में सारा कुछ ऐसा नहीं होना चाहिए। आखिर कैसे मिलेगा इंसाफ सबको मिलकर सोंचना होगा। उन्होंने साफ कहा कि इंसाफ मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

रही बात दोनों दोस्तों कि इनका साफ कहना है कि वो बस इतना चाहते है कि उनके दोस्त सुशांत के परिवार को इंसाफ दिला दो। कहते हैं ,सुशांत सिंह की मौत ने सबको चौका दिया ,किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि वह अब हमारे बीच नहीं रहे ,फिर चाहे वो फैमिली ,फैन ,दोस्त या कोई भी करीबी रिश्तेदार हो,सबको इस आकस्मिक मृत्यु पर विश्वास नहीं हो पा रहा है । उन्हें कहीं ना कहीं लगता है कि सुशांत आत्महत्या कर ही नहीं सकता ,यहां तक कि जो लोग सुशांत के साथ रहते थे ,उनके फ्रेंड ,फैमिली या कोई भी करीबी जानने वाले हो उन सभी का मानना है कि सुशांत जैसा लड़का जो कि दूसरों के लिए प्रेरणस्रोत था ।

। जिसने ना जाने कितने संघर्षों का सामना करके बॉलीवुड में अपनी एक पहचान बनाई वो आत्महत्या जैसा काम कर ही नहीं सकता ।उनके दोस्त गणेश ने तो सीधे सीधे रिया और संदीप सिंह पर आरोप लगाया है कि सुशांत कि मौत के जिम्मेवार वहीं दोनों है और महाराष्ट्र सरकार सच को बाहर नहीं आने दे रहीं है । गणेश और अंकित बस इतना ही चाहते है कि सुशांत की फैमिली और उनके मित्र को न्याय मिले और अब इसमें देरी ना हो ,गणेश और अंकित शुरू से इस मुद्दे को उठा रहे लेकिन जिस तरह से मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठ रहे है तो कहीं ना कहीं यह लगता है कि किसी बड़ी मछली को बचाने की कोशिश की जा रही ।

जैसे ही सुशांत केस में कंगना रनौत ने अपनी आवाज बुलंद की और महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस को आड़े हाथों लिया ,तब उधव ठाकरे ने उसका ऑफिस 24 घंटे में समशान बना दिया ,आखिर इतना डर क्यूं और किस चीज की वजह से ये आम जनता को समझ नहीं आता अब तो आलम यह है कि एम्स की फाइनल रिपोर्ट पर भी सवालिया निशान है कि जो एम्स के डॉक्टर कुछ दिन पहले बोल रहे थे कि सारे तथ्यों को देखने के बाद ऐसा लगता है कि ये हत्या है ,वह अब अचानक उठ कर बोलने लगे है कि ये आत्महत्या है ,अभी तक कुछ साफ नहीं है जब तक सीबीआई कुछ क्लियर नहीं कर देती ,अब तो बस सारी आस सीबीआई से है कि सीबीआई कहां तक सफल हो पाई सच को उजागर करने में क्यूंकि कहीं ना कहीं देरी कि वजह से जो सबूत है वो ख़त्म हो चुके है कोई एविडेंस बचा नहीं है दो महीने काफी थे सबूतों को ख़त्म करने के लिए आज जो बड़े बड़े नाम आ रहे है एनसीबी के द्वारा वो कहीं ना कहीं आश्चर्यजनक है ।

बॉलीवुड के अंदर की जो सच्चाई है वो अब उजागर हो चुकी है और वो बड़े बड़े सितारों के चेहरे से मुखौटा उतर रहा है और उनकी असलियत सामने आ रहीं है जिन्हे वो भगवान बनाते है वो ड्रगी ,चार्सी ,और गजेरी है यानी कि सीधे सीधे कहे तो एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते है लोग वैसे वाली सिट्यूएशन है ,और जंतर मंतर पर हो रहीं इस प्रोटेस्ट का हिस्सा बनने मौर्य न्यूज 18 कि टीम भी पहुंची और इस इंसाफ की मुहिम में गणेश और अंकित के साथ इसका हिस्सा बनी ।

जंतर मंतर पर पहुंच कर हमने इस मुहिम से जुड़े कुछ आम जनता और कुछ समाजसेवी से मुलाकात कि और जाना की आखिर वो क्यूं इस प्रोटेस्ट का हिस्सा है ,उनका क्या फायदा है ,सुशांत उनका तो कुछ नहीं लगता था फिर वो क्यूं आए है।जंतर मंतर पर पहुंच कर हमने हमारे कुछ प्रश्न के जवाब यहां एकत्रित हुए लोगो से जाना कि वो यहां क्यूं आए है ।

सबसे पहले हमारी मुलाकात हुई दुलारी फाउंडेशन की ऑनर प्रीति पांडेय से जो शुरू से सुशांत के मुद्दे को उठाती आई है और उनके जस्टिस के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करते आई है , तो आइए जानते है हमारे कुछ प्रश्न का उत्तर प्रीति से।

सोशल वर्कर और ऑनर ऑफ दुलारी फाउंडेशन प्रीति पांडेय

हमारा प्रश्न प्रीति से रहा कि वह सुशांत के लिए इस मुहिम से कब और कैसे जुड़ी और आखिर उन्हें क्यूं लगता है कि ये सुसाइड नहीं मर्डर है?

इस पर प्रीति का कहना है कि अगर ये सुसाइड है तो सुशांत कि पंखे से लटकी बॉडी का कोई प्रूफ क्यूं नहीं है ,कमरे में एक स्टूल तक नहीं है ,ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई इंसान जो फांसी लगा रहा हो वो बिना किसी टेबल या स्टूल के पंखे में लटक जाए ,और दूसरी बात अगर ऐसा हुआ भी था तो जो लोग घर में मौजूद थे उन्हें थोड़ा भी आभास नहीं हुआ जब उन्होंने काफी देर सुशांत का दरवाजा बंद देखा , तब दरवाजे को खुलवाने की कोशिश क्यूं नहीं कि ,अचानक उसी दिन घर की चाभी हम हो गई,13 जून को ही सीसीटीवी कैमरा खराब हो गया ,अगर हमारा कोई अपना काफी देर तक दरवाजा नहीं खोलता तो क्या हम चाभी बनाने वाले का इंतज़ार करते है या हमारा पहला रिएक्शन होता है कि दरवाजा तोड़ दे ,घर में इतने सारे लोग मौजूद थे फिर भी चाभी वाले का वेट किया गया और सिद्धार्थ पिठानी के पास चाभी वाले का नाम भी अवैलेबल था क्या उस पहले से पता था कि सुशांत सुसाइड करने वाला है, अगर कोई भी इंसान सुसाइड करने वाला है तो वो हैरान, परेशान रहेगा उसका मन व्यथित रहेगा ना की मरने से एक दिन पहले अपनी आने वाली फिल्म के बारे में डिस्कस करेगा अपनी आने वाले दिनों की प्लानिंग करेगा ।

मरने वाले दिन अनार का जूस और नारियल पानी लेगा और अचानक उसके दिमाग में आएगा कि मै सुसाइड कर लेता हूं।मुझे कहीं ना कहीं लगता है कि ये हत्या है और महाराष्ट्र सरकार इसको छुपाने की पूरी कोशिश कर रहीं है , मै शुरू से ही इंसाफ कि इस मुहिम में सुशांत के मित्र और उनके परिवार के साथ हूं ।और आज इस प्रोटेस्ट का हिस्सा हूं और मुझे गर्व है ऐसे दोस्तो पर जो अपने मित्र को खो चुके है ,उसके वाबजूद उनके लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे है ।तीन दिन से बिना कुछ खाए – पिए शान्ति से अहिंसा के मार्ग को अपना कर गांधी जयंती वाले दिन इस मुहिम का आगाज़ उन्होंने किया और मौजूदा सरकार से बस इतनी विनती है कि इनके मित्र को इंसाफ मिले, जिससे कि कोई भी हमारे नौजवान जो बाहर से आकर बॉलीवुड में अपना कैरियर बनाना चाहते है, उसके साथ सुशांत जैसा हाल ना हो।

आगे हमने प्रीति से जाना कि उन्हें सीबीआई पे कितना ट्रस्ट है क्या सीबीआई सच्चाई उजागर कर पाएगी और जो भी दोषी है उन्हें सजा मिलेगी?

प्रीती का कहना था कि जिस तरह से मुंबई पुलिस जांच को भड़का रही थी ,बिना बात की पूछताछ कुछ बड़े बड़े डायरेक्टर और प्रोड्यूसर से करके लास्ट में केस बंद करने वाले थे तब कहीं ना कहीं लगता था कि किसी ना किसी बड़े नेता या अभिनेता को बचाने की कोशिश हो रहीं है तब लोगो ने इसका विरोध किया और सीबीआई जांच की मांग की लेकिन आज इस केस में तीन बड़ी एजेंसी इन्वॉल्व है सीबीआई, ईडी,और एनसीबी ,तो हम सभी चाहते है कि सुशांत को जल्द से जल्द इंसाफ मिले ,लेकिन कहीं ना कहीं जो दो महीने का जो समय था जब सीबीआई नहीं आयी थी इस केस में वो समय एविडेंस खराब करने के लिए काफी था ,वो कमरा जिसमें सुशांत कि मौत हुई उसका सफाया कर दिया गया सब कुछ टेंपर कर दिया गया लेकिन फिर भी देश कि बड़ी एजेंसी है सीबीआई और मुझे पूरा विश्वास है कि वो निष्पक्ष जांच करेगी इस मामले की,कहीं ना कहीं दिशा और सुशांत की मौत एक दूसरे से जुड़े हुए है और जो दिशा के दोषी है वो ही सुशांत की मौत के भी जिम्मेवार है ,ऐसा कैसे हो सकता है कि 8 जून और 14 जून दोनों दिन कि सीसीटीवी खराब हो गई ,जिस दिन दिशा और सुशांत की मौत हुई दोनों दिन कि रजिस्टर की एंट्री फट गई ऐसा कैसे हो सकता है ।प्रीति ने जहां कि उन्होंने एनसी डब्लयू को एक चिट्ठी लिखी थी दिशा कि मौत को लेके जिसमें प्रीति ने लिखा था कि वो इस मामले की संज्ञा न ले क्यूंकि खबरे ये भी अाई थी कि दिशा जब बिल्डिंग से नीचे गिरी तो निर्वस्त्र थी अगर ऐसा था तो वो इसके बारे में पता करे कि ये अफवाह है या सच्चाई और इस तरह की बातें कहां से आ रहीं है वो भी इस देश की बेटी थी उसके साथ भी न्याय होना चाहिए ।और ये बात समझ से पड़े है कि दिशा का पोस्टमार्टम तीन दिन बाद हुआ ऐसा क्यूं कौन से निशान मिटाना चाहती मुंबई पुलिस जब ये सवाल किया गया तो उनका कहना था कि कोविड टेस्ट की रिपोर्ट का वेट कर रहे थे डॉक्टर अगर ऐसा था तो सुशांत का कोविड टेस्ट क्यूं नहीं किया गया उसके पोस्टमार्टम कि इतनी जल्दी क्यों थी समझ नहीं आता । पी एम रिपोर्ट में डेथ का टाइम तक नहीं हद है ,खैर अब जो भी है यह सारी चीज़े सीबीआई क्लियर करे हम बस उसी का वेट कर रहे है।

आगे हमने राजनीतिक विश्लेषक ममता काले से जाना कि वो इस मुहिम से कब और क्यों जुड़ी?

सिद्धार्थ पिठानी उर्फ बुद्घा जिसने हर चीज की तस्वीर ली लेकिन सुशांत का फंदे से लटके हुए शव की तस्वीर नहीं ली ऐसा क्यों ,जिस चाभी वाले को बुलाया उसे दरवाजा खुलने के बाद अंदर देखने तक नहीं दिया ऐसा क्यों ,क्या ये सभी बातें संदिग्ध नहीं है , पीठानी सब कुछ जानता है, सीबीआई को उसी को तोड़ना चाहिए तभी सच्चाई बाहर आ सकती है, सीबीआई बस सच निकाल कर ले आए हम सभी उसी का वेट कर रहे है।

राजनीतिक विश्लेषक ममता काले मौर्य न्यूज 18

अब जानते है सुशांत के जिम पार्टनर सुनील शुक्ला से उन्हें क्या लगता इंसाफ मिलेगा सुशांत को ?

शुक्ला का कहना था कि हम सुशांत के मित्र है और आज मुंबई से बस इसलिए यहां आय है कि हमारे भाई को इंसाफ मिले ,हमारा कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं हम बस अपने भाई को इंसाफ दिलाना चाहते है वो बहुत होनहार और अच्छे विचारों वाला लड़का था ,लेकिन रिया और उसकी फैमिली ने उसे बर्बाद कर दिया ,ये बॉलीवुड में जो गैंग है ,जिन्हे सुशांत से डर था कि कहीं वो उनसे भी आगे ना निकल जाय वो भी दोषी है ,रिया और उसकी फैमिली उसी गैंग के इशारों पर काम करती थी ,आज जो बड़े बड़े नाम आ रहे है एनसीबी के द्वारा वो आप देख ही सकते है ,जिन्हे हम भगवान बनाते है वो अंदर से कितने चरसी,और गंजेरी है,इनकी असलियत बाहर आ रहीं और मेरा दोस्त जो चाहता था वो आज हो रहा है जिन्होंने भी उसका दिल दुखाया था उन सभी को सबक मिल रहा है और आज आम जनता जाग चुकी है और सुशांत के साथ खड़ी इंसाफ की इस लड़ाई में , मै उन सभी का आभारी हूं ,मुझे पूरा विश्वास है इंसाफ जरूर मिलेगा हम सभी फैंस और फैमिली को।

सुनिल शुक्ला मौर्य न्यूज 18

आगे हमने मानवी तनेजा से जानने की कोशिश की आखिर महाराष्ट्र सरकार किसको बचाने कि कोशिश कर रहीं है और क्यों?

मानवी तनेजा जो कि इंडियन मॉडल और टीवी पैनलिस्ट है जो शुरू से ही सुशांत से रिलेटेड हर डिबेट का हि स्सा रहीं है और अपना पक्ष हमेशा बेझिझक रखती है उनका कहना था कि महाराष्ट्र सरकार बेबी पेंगुइन और बाबा पेंगुइन को बचा रहीं है जब हमने पूछा कि कौन है ये दोनों तो उनका कहना था कि ये तो 130 करोड़ भारतवासी जानते है आप किसी से भी पूछ सकते है ।महाराष्ट्र सरकार की सता डगमगाई हुई है कि कहीं उनका कोई अपना ना फस जाय इसलिए एडी चोटी का जोड़ लगा रहीं है कि कैसे भी इस केस को आत्महत्या बना कर बंद कर दे ,लेकिन जनता ऐसा होने नहीं देगी क्यूंकि सुशांत के लिए हर दिल में प्यार और दुलार है ,कोई नहीं बचेगा जो भी जिम्मेवार है इस मामले में।

अमित और मुनिश का कहना था कि हमने ही सारे खान और बच्चन को सर आंखों पर बिठाया है और हम ही उन्हें उनकी सही जगह दिखायेंगे आज हम जान चुके है कि ये सभी कैसा व्यवहार करते है हमारे यूपी ,बिहार के बच्चो के साथ सुशांत भाई गुजर गए और एक ट्वीट तक नहीं निकला इन बड़े बड़े कलाकार के द्वारा शर्म आनी चाहिए अब जनता जाग चुकी है हम ही ने इन्हे अर्श पे रखा है और हम सब मिलकर ही इन्हे फर्श पर गिराएंगे नहीं चलने देंगे इनकी कोई भी मूवी बायकॉट बॉलीवुड ,बायकॉट कारण जोहर ,सलमान ,शाहरुख,महेश भट्ट ,आलिया ,और सारे नेपोटीज्म के दादा नाना को।

फ़ाइल फोटो अमित सिन्हा अभिनेता रवि किशन के साथ

कुछ आम जनता से भी हमने उनकी राय मांगी वो यहां क्यों एकत्रित हुए है जिसमें मुनिश,गोपाल ,साक्षी,रवि शंकर,रोशन ,छाया ,स्वेता ,प्रेक्षा, जयति,अमित सिन्हा और भी बहुत सारे लोग मौजूद थे इस प्रोटेस्ट में जिनका एक ही मकसद था सुशांत को इंसाफ मिले उनकी फैमिली को सुकून मिले जिन्होंने अपने घर के लड़के को इतनी जल्दी खो दिया ,चुकी सुशांत तो अब वापस नहीं आ सकता लेकिन उसके जीवन के अंत करने वालो को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले बस यही उम्मीद सीबीआई से कि सच्चाई जल्द से जल्द बाहर आय।

बबली सिंह के साथ मुनीश मिश्रा मौर्य न्यूज 18

इस विशेष अंक में बस इतना ही आगे हम और भी मुद्दे को उजागर करते रहेंगे और आम जनता की आवाज सरकार तक पहुंचते रहेंगे क्यूंकि मौर्य न्यूज 18 दिखता है वहीं जो होता है सही

धन्यवाद

नई दिल्ली से मौर्य न्यूज18 के लिए बबली सिंह की रिपोर्ट ।