खाने पीने का सामान हुआ महंगा Maurya News 18

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आलू-टमाटर को छोड़ दाल-तेल से लेकर आटा-चावल-चाय तक के बढ़े भाव

पिछले 3 हफ्ते में आटा-चावल-तेल से लेकर चाय पत्ती-प्याज-तक के दाम में  उछाल देखने को मिला है। खुदरा बाजार में इस दौरान केवल आलू, टमाटर और चीनी के भाव गिरे हैं।  उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर दिए गए खुदरा केंद्रों के आंकड़ों के मुताबिक 1 जनवरी 2021 की तुलना में 22 जनवरी 2021 को पैक पाम तेल 107 रुपये से बढ़कर करीब 112 रुपये, सूरजमुखी तेल 132 से 141 और सरसों तेल 140 से करीब 147  रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। वनस्पति तेल 5.32 फीसद महंगा होकर 105 से 110 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। 

प्याज के दाम बढ़े, आलू-टमाटर हुए सस्ते

इस दौरान प्याज की कीमतें 12 फीसद बढ़ी हैं।  1 जनवरी को प्याज का औसत मूल्य 36.46 रुपये किलो था, जबकि अब यह करीब 41 रुपये किलो पर पहुंच चुका है।  इस समयावधि में टमाटर के रेट में करीब 18 फीसद और आलू के भाव में करीब 18 फीसद की कमी देखी गई। यही नहीं नमक के रेट में करीब 4 फीसद का उछाल आया है। वहीं गुड़ पिछले 3  हफ्ते में 47 रुपये किलो से बढ़कर 48.29 रुपये पर पहुंच गया है।

दालों के भी बढ़े दाम

अगर दालों की बात करें तो मंत्रालय की वेबसाइट पर दिए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक अरहर यानी तूअर की दाल में मामूली इजाफा हुआ। अरहर दाल 103 रुपये किलो से करीब 104 रुपये पर पहुंच गई है। उड़द दाल 107 से 109,  मसूर की दाल 79 से 82 रुपये पर पहुंच चुकी है। मूंग दाल 104 से 107 रुपये पर चली गई है। चावल में 10.22 फीसद का उछाल आया है। 34 से अब यह करीब 38 रुपये हो गया है। 

चाय की कीमतें बढ़ने की वजह

अगर चाय की बात करें तो इसके भाव थमने का नाम नहीं ले रहे। खुली चायपत्ती इस समयावधि में 9 फीसद बढ़कर 246 से 269 रुपये पर पहुंच गई है। किराना कोराबारी वीरेन्द्र मौर्या के मुताबिक, पैकिंग वाले चाय पत्ती पर प्रति किलो 50 से 150 रुपये तक दाम बढ़े हैं। वहीं प्रिमियम कटेगरी की चाय में 300 रुपये से ऊपर वाली खुली पत्ती के दाम भी करीब डेढ़ गुना हो गया है। 

बढ़ सकती हैं चायपत्ती की कीमतें, ये है इसकी बड़ी वजह

खुली पत्ती के थोक विक्रेता राजेश मिश्रा ने बताया कि लाकडाउन में असम व दार्जिलिंग में पेड़ों की कटिंग व अच्छी देखरेख न होने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। अभी कीमतें काबू में आती नहीं दिख रही हैं। थोक कारोबारी केदार गुप्ता बताते हैं कि असम, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, तमिलनाडु के नीलगिरि व कोलुक्कुमालै, केरल के मुन्नार और हिमाचल प्रदेश के पालमपुर से चाय की पत्‍ती आती है। कमोबेश सभी जगह उत्पादन प्रभावित हुआ है।