बंगाल की ‘दीदी’ नहीं लेती हैं सैलरी तो फिर कैसे चलता उनका घर, जानिए…

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Maurya News 18, Patna

बंगाल में सत्ता वापसी को लेकर जहां ममता बनर्जी धुआंधार प्रचार कर रही हैं वहीं भाजपा भी परिवर्तन रथ के जरिए अपनी बातों को लोगों तक पहुंचा रही है। भाजपा जय श्री राम के नारे से हिंदुओं को एक सूत्र में बांधना चाहती है तो दीदी इस पर भड़क जाती हैं। उनका कहना है कि मैं जय श्री राम नहीं जय सिया राम बोलूंगी। जब ममता बनर्जी से जय श्री राम के नारे से दिक्कत के बारे में पूछा गया तो वे बोलीं, धर्म पर्सनल प्रैक्टिस की चीज है और फेस्टिवल साथ मनाने की। मैं क्यों बोलूं जय श्री राम, मैं तो जय सियाराम बोलती हूं। मुझे जो अच्छा लगता है मैं वह बोलूंगी। किसी के कहने पर कुछ नहीं बोलूंगी।

बहरहाल चुनाव है तो आरोप – प्रत्यारोप का खेल चलता रहेगा। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने खर्चे के लिए एक रुपया भी सरकार से नहीं लेती हैं। उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम में बताया कि सात बार सांसद रहने के बाद उनकी पेंशन एक लाख रुपये आती है, जो वे नहीं लेतीं। इसके अलावे वे सीएम के तौर पर मिलने वाली सैलरी भी नहीं लेतीं। उनका कहना है कि मैं अपनी किताबों, म्यूजिक और गाने लिखने से मिलने वाली रॉयल्टी से ही खर्च चलाती हूं।

भाजपा ने बंगालियों को भी बांटा जाति में

ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में कभी जाति की राजनीति नहीं हुई लेकिन बीजेपी ने इसकी शुरुआत कर दी है। बीजेपी के लोग हर धर्म को एक साथ लेकर नहीं चलते हैं और हिंदुओं को भी बांट देते हैं। पंजाब में उन्होंने ऐसा ही किया और अब बंगाल में भी कर रहे हैं। बीजेपीवालों ने बंगालियों को भी बांट दिया है। वे कहते हैं कि ये बांग्लादेश का बंगाली है और ये इधर का बंगाली है।

ममता का दो सौ से ज्यादा सीटें जीतने का दावा

ममता बनर्जी का कहना है कि उनकी पार्टी इस बार पश्चिम बंगाल में पिछले दो बार के मुकाबले ज्यादा सीटें जीतने वाली है। दीदी ने 200 से ज्यादा सीटें मिलने का दावा ठोका है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव सिर पर है, लिहाजा राज्य में राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। हमेशा बंगाल विधानसभा चुनाव में कमजोर रहने वाली बीजेपी ने इस बार पूरी ताकत झोंक रखी है। कारण है 2019 लोकसभा चुनाव में मिली 18 सीटें। बीजेपी इस बार सरकार बनाने के दावे कर रही है।