आरजेडी में ऐसा क्या हो गया कि लालू को संभालना पड़ा मोर्चा, जानिए। Maurya News18

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Maurya News18, Patna

Political Desk

लालू अपनी बीमारी से उतने परेशान नहीं हैं जितना अपने लाल के कारनामों से…पहले तेजस्वी यादव ने दिवंगत रघुवंश सिंह की आलोचना की थी और अब लालू यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने जगदानंद सिंह को खरी-खोटी सुनाई है। विपक्षी पार्टियां खासकर जदयू ने तो इसे राजद की संस्कृति से जोड़कर तेज और तेजस्वी पर हमला बोला है। जदयू नेताओं का कहना है कि ये तो राजद की पुरानी संस्कृति है।

तेजस्वी ने चुनाव के दौरान भी बाबू साहब शब्द का प्रयोग करते हुए चुनौती दी थी। भाषण देने के दौरान वे रौ में बह गए थे और चुनाव को जातीय रंग में रंगने की कोशिश की थी। इधर, तेज और तेजस्वी के बयानों का फायदा उठाते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने भी कहा है कि राजद में विधायक घुटन महसूस कर रहे हैं। उन्हें हर वक्त अपमानित होना पड़ रहा है। जल्द ही वहां भूकंप के आसार हैं।

एमवाई समीकरण का गया जमाना

रघुवंश प्रसाद सिंह के मामले में तो खुद लालू यादव ने हस्तक्षेप कर मामला ठंडा किया था। लेकिन लगातार एक जाति विशेष के लोगों पर टिप्पणी करना पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है, ये लालू अच्छी तरह से जानते हैं। उन्हें पता है कि अब एमवाई समीकरण का दौर नहीं है बल्कि सभी जातियों को लेकर ही कोई अपनी सरकार बना सकता है।

तेज प्रकरण से लालू भी सकते में   

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह इस पूरे प्रकरण पर भले ही कुछ नहीं बोल रहे हों लेकिन तेज के बयान से पार्टी के अंदर जो खलबली मची हुई है, उसका अहसास दिल्ली एम्स में इलाज करा रहे लालू प्रसाद को भी है। आपको बता दें कि दिल्ली में तेजस्वी यादव से मुलाकात के दौरान लालू ने तेज प्रताप से भी इस मामले पर बात करने की इच्छा जताई है। संभव है कि तेज जल्द ही लालू प्रसाद से मिलने दिल्ली जाएंगे।

तेज प्रताप के बयान के बाद पार्टी में असंतोष

तेज प्रताप के इस रवैये के बाद भले ही प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने अपना गुस्सा नहीं दिखाया हो लेकिन इससे पार्टी के गिने-चुने फॉरवर्ड नेताओं के साथ बुजुर्ग खेमे में असंतोष है। सीनियर नेताओं को यह डर लग रहा है कि कहीं जगदा बाबू के बाद अब उनकी बारी न आए जाए।

जगदा बाबू पर भरोसा करते हैं लालू

लालू प्रसाद की तबीयत में धीमी गति से सुधार हो रहा है। अब उन्हें ICU से बाहर वार्ड में रखा गया है। लालू प्रसाद की नजर राजनीति पर भी है। उनके संज्ञान में जगदानंद सिंह-तेज का मामला पहुंच चुका है। जगदा बाबू पर तेजस्वी और लालू प्रसाद, दोनों को ही काफी भरोसा है।

जगदानंद सिंह अपने तरह से अनुशासन प्रिय रहे हैं और इस उम्र में भी नियमित पार्टी ऑफिस के अपने चैंबर में आकर बैठते हैं। पार्टी अनुशासित तरीके से चले, इस पर उनकी कड़ी नजर रहती है। ये सब बातें लालू प्रसाद को भी मालूम हैं, इसलिए बड़े बेटे तेज प्रताप को उन्होंने दिल्ली बुलाया है।