जेडीयू नेता की मुंबई के होटल में मिली लाश, सात बार रह चुके थे सांसद। Maurya News18

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Maurya News18, Patna

Crime Desk

मुंबई के एक होटल के बंद कमरे से लाश मिलने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस महकमा सकते में आ गया क्योंकि मामला हाईप्रोफाइल था। आनन-फानन में पुलिस के बड़े अधिकारी मौका-ए-वारदात पर पहुंचे और छानबीन शुरू की। जल्द ही शव की शिनाख्त हो गई। मरनेवाला कोई मामूली शख्स नहीं था बल्कि एक सांसद था।

दादर और नागर हवेली से लोकसभा सदस्य मोहन डेलकर दक्षिण मुंबई के एक होटल में मृत पाए गए हैं। उनका शव मरीन ड्राइव पर होटल सी ग्रीन में मिला। पुलिस को उस कमरे से गुजराती में लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है। उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। 2019 में कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद फिर से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा सदस्य बने। इसके बाद अक्टूबर 2020 में डेलकर JDU में शामिल हो गए थे।

डेलकर की उम्र 58 साल थी। वे 2019 में केंद्र शासित प्रदेश दादर-नागर हवेली से बतौर निर्दलीय सांसद चुने गए। 1989 से अब तक वे भाजपा, कांग्रेस, भारतीय नवशक्ति पार्टी के उम्मीदवार और निर्दलीय के तौर पर 7 बार लोकसभा के लिए चुने जा चुके थे। उन्होंने 1989 से 2004 तक लगातार 6 बार लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। डेलकर के परिवार में पत्नी कलाबेन डेलकर, दो बच्चे अभिनव और दिविता हैं।

मोहन डेलकर का जन्म 1965 में सिलवासा में हुआ था। डेलकर ने सिलवासा में ट्रेड यूनियन लीडर के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। 1995 में उन्होंने आदिवासी विकास संगठन बनाया और 1989 में दादर-नागर हवेली से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नौवीं लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीते भी। इसके बाद 1991 और 1996 में वे कांग्रेस के टिकट पर सांसद बने।

डेलकर ने 1998 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। कुछ समय बाद उन्होंने भाजपा छोड़ दी और 1999 में निर्दलीय और 2004 में भारतीय नवशक्ति पार्टी के उम्मीदवार के रूप में जीते।

वे 4 फरवरी, 2009 को दोबारा कांग्रेस में शामिल हुए और 10 साल बाद यानी 2019 में कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद फिर से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा सदस्य बने। इसके बाद अक्टूबर 2020 में डेलकर JDU में शामिल हो गए थे।