‘दीदी’, पोती को लेकर घर से निकलीं, क्या है पूरा माजरा, जानिए।Maurya News18

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CBI जब तक घर पहुंचती उससे पहले सीएम ममता बनर्जी उठा ले गई पोती को

जब से लगी है सीबीआई बंगाल में हर रोज सियासत भी गरमा रही

Maurya News18, Kolkata

Political Desk

सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक और उनकी पोती अपने पापा के साथ। फाइल फोटो।
अपने भतीजे अभिषेक के साथ सीएम ममता बनर्जी । फाइल फोटो ।

CBI हाथ मलती रह गई और ‘दीदी’ पोती को लेकर घर से निकल गईं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर सीबीआई से पहले पहुंच गईं और वहां से अपनी पोती को लेकर चली गईं। दरअसल वे नहीं चाहती थीं कि पूछताछ के दौरान उनकी पोती यानी अभिषेक की बेटी वह सब देखे और उसके बालमन पर बुरा असर पड़े।

कोयला घोटाले में ममता बनर्जी की बहू रुजिरा बनर्जी से मंगलवार को CBI ने करीब पौने दो घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक रुजिरा से पैसों के लेनदेन और अचानक संपत्ति बढ़ने को लेकर कई सवाल किए गए। इस दौरान रुजिरा के साथ उनके पति अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे।

सीबीआई टीम कितने देर रही, क्या-क्या की

जांच एजेंसी की टीम अभिषेक के घर पहुंचती, इससे पहले ही ममता, बहू और भतीजे से मिलने उनके घर पहुंचीं। वे यहां करीब 10 मिनट तक रहीं और जाते समय आठ साल की पोती को साथ ले गईं। वे नहीं चाहती थीं कि पूछताछ के दौरान पोती भी वहां मौजूद रहे। सोमवार को CBI ने अभिषेक की साली मेनका से भी करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी।

इसी मामले में CBI ने शुक्रवार को राज्य के पुरुलिया, बांकुरा, बर्दवान और कोलकाता में 13 जगहों पर छापेमारी की थी। ये छापेमारी युवा तृणमूल कांग्रेस के नेता विनय मिश्रा, व्यवसायी अमित सिंह और नीरज सिंह के ठिकानों पर हुई थी। छापे के दौरान कोई भी घर पर मौजूद नहीं था। इससे पहले 11 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हुगली, कोलकाता, उत्तर 24 परगना, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्धमान में छापेमारी की थी।

कोयला जो ना कराए

कोयला घोटाले में तृणमूल के नेताओं पर आरोप लगे हैं। इसमें अभिषेक का नाम भी शामिल है। आरोप है कि बंगाल में अवैध रूप से कई हजार करोड़ के कोयले का खनन किया गया और एक रैकेट के जरिए इसे ब्लैक मार्केट में बेचा गया। इस मामले में दिसंबर के शुरुआती हफ्तों में भी CBI ने कोलकाता के CA गणेश बगारिया के दफ्तर में छापा मारा था।

पिछले साल सितंबर में कोयला घोटाले की जांच शुरू हुई थी। तभी से भाजपा आरोप लगाती रही है कि तृणमूल नेताओं ने कोयला घोटाले से मिली ब्लैक मनी को शेल कंपनियों के जरिए व्हाइट मनी में बदला। इसमें सबसे ज्यादा फायदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक को हुआ है।

कोलकाता से मौर्य न्यूज18 के लिए क्राइम डेस्क की रिपोर्ट।