सदन में बवाल, मंत्री के भाई के कारनामे से CM नीतीश कुमार को झेलनी पड़ी फजीहत। Maurya News18

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Maurya News18, Patna

Political Desk

बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। मामला बिगड़ते देख सीएम नीतीश कुमार ने खुद हस्तक्षेप किया और कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी। अगर ऐसा हुआ है तो यह आश्चर्यजनक है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से पूछा कि मामला क्या है ? फिर जल संसाधन मंत्री संजय झा को कहा कि आप इस मामले की जांच करें। मुख्यमंत्री ने संजय झा से कहा कि यह गंभीर मामला है, इसे अपने स्तर पर जांच कराइए। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर विधान परिषद में विपक्षी नेताओं से भी बातचीत की।

आइए जान लेते हैं पूरा मामला विस्तार से

हाजीपुर में गुरुवार को मत्स्य विभाग की ओर से सरकारी कार्यक्रम आयोजित था। मत्स्य विभाग की योजना के तहत चयनित मछलीपालकों को आइस बॉक्स, मोपेड, बाइक और छोटी मालवाहक गाड़ियां वितरित की जानी थीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि व उद्घाटन के तौर पर मंत्री मुकेश सहनी को पहुंचना था।

मंच के पीछे मंत्रालय का बड़ा-सा बैनर भी लगा था। बैनर पर कार्यक्रम के डिटेल के साथ ही मंत्री जी की फोटो भी लगी थी। उद्घाटनकर्ता के तौर पर मंत्री मुकेश सहनी का नाम भी लिखा था। लेकिन उनकी जगह कार्यक्रम में पहुंचे थे मंत्री जी के भाई संतोष सहनी।

खास बात यह थी कि संतोष सहनी मंत्री की सरकारी गाड़ी से ही कार्यक्रम में पहुंचे थे। मंत्री के भाई को विभाग की ओर से मंत्री के जैसा ही प्रोटोकॉल भी दिया गया।

सुबोध राय ने की मंत्री को बर्खास्त करने की मांग

शुक्रवार को सदन में यह मामला राजद के भाई विरेंद्र और ललित यादव ने उठाया। जैसे ही यह मामला उठा सदन में हंगामा होने लगा। राजद के MLC सुबोध राय ने मंत्री मुकेश सहनी को बर्खास्त करने की मांग की। सुबोध राय ने कहा कि मुकेश सहनी ने सरकार को घर की जागीर समझ रखा है। इसके बाद विपक्ष के सारे नेता खड़े होकर मंत्री मुकेश सहनी को बर्खास्त करने की मांग करने लगे। इस मामले का सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी विरोध किया।

भाजपा के MLC ने भी जताया विरोध

भाजपा के MLC नवल किशोर यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्था के लिए यह कलंक है। लोकतंत्र लोक लाज से चलता है, हम इसकी निंदा करते हैं।

कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि मंत्री के बजाय सरकारी योजना का उद्घाटन उनके परिवार के लोग कर रहे हैं, यह सुशासन नहीं, दुशासन का राज है, महाजंगलराज है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों और मंत्री पर कार्रवाई होनी चाहिए।