जानें बेबी मसाज के फायदे ! Maurya News18

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बच्चों की मालिश करने से शिशु का शरीर मजबूत बनने के साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। मालिश करने से पहले मालिश के सही तरीके को जरूर जान लेना चाहिए, जिससे कि बच्चों को चोट लगने और उनकी मांसपेशियों में खिंचाव के खतरे को कम किया जा सके।
बच्चों की मसाज करने के लिए समय का चुनाव भी बहुत महत्व रखता है। दिन की अच्‍छी शुरुआत के लिए आप सुबह के समय मालिश कर सकते हैं। वहीं, रात को मसाज करने से बच्‍चे को अच्‍छी नींद आती है।
छह महीने के बच्‍चे की मालिश बहुत ही हल्‍के हाथों से करनी चाहिए। वहीं,आमतौर पर बच्चों की मालिश तीन महीने से पहले न करें. इससे मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है।
नाखूनों को काटकर रखें और ज्‍वेलरी न पहनें। मालिश से पहले हाथों को अच्‍छी तरह से धो लें। इसके बाद बच्‍चे को पीठ के बल लिटाएं और उसके कपड़े उतार लें। मालिश के दौरान शिशु की आंखों में देखना जरूरी होता है।
मालिश करते हुए उससे बात करते रहें। अब अपने हाथों पर तेल डालें और उसे बच्‍चे के कानों पर मसलें। इससे शिशु को मालिश के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।
मालिश टांगों से शुरू करें और फिर एड़ी तक आएं। अब कंधों, बांह और सीने पर हाथों को गोल-गोल घुमाते हुए मालिश करें।
छाती की मालिश करते समय हाथों को जरा नरम रखें। अब शिशु को पेट के बल लिटाकर पीठ और कूल्‍हों आदि की मसाज करें। पैरों के तलवों और हथेलियों पर भी मसाज देना न भूलें। आखिर में बच्‍चे की सिर की मालिश करें।