लॉ एंड ऑर्डर पर चाचा-भतीजा आमने-सामने, तेजस्वी ने CM को घेरने के लिए बनाया चक्रव्यूह। Maurya News18

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Maurya News18, Patna

Political Desk

सदन एक बार फिर आज गरमा सकता है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश को घेरने की पूरी तैयारी कर रखी है। सवालों का जखीरा तैयार है। चक्रव्यूह की रचना भी हो गई है। अबतक के तेजस्वी के स्टाइल को देखें तो वे पूरी तैयारी के साथ यानी हर मुद्दे व विषय पर स्टडी करके विधानसभा में आते हैं।

बिहार विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। आज यानी मंगलवार को गृह विभाग के बजट पर चर्चा होनी है। कहा जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री एक बार फिर आमने-सामने होंगे। कानून व्यवस्था के मसले पर सदन में आज दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपनी बात सदन में रखेंगे और सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जवाब देंगे क्योंकि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। 

बता दें कि इसके पहले भी सदन में सीएम नीतीश और तेजस्वी यादव के बीच भिड़ंत हो चुकी है। दरअसल, राज्यपाल के अभिभाषण पर सीएम नीतीश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस दौरान सीएम जब बोल रहे थे तो तेजस्वी लगातार टिप्पणियां कर रहे थे और उन्हें बोलने नहीं दे रहे थे। सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा – सीएम नीताश को जनता की कोई फिक्र नहीं है, उन्हें तो केवल अपनी कुर्सी की चिंता है।  किसानों के मामले में तो उन्हें मोदी सरकार के सामने हाथ खड़े कर दिए हैं।

 

जब तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर सवाल खड़े किए तो सुशासन बाबू ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि आपने जब कहा तो हमने सारी बातें सुनीं। अब आप मेरी बात सुनिए। ये भविष्य में आपको फायदा देगा। मैं तो चाहूंगा कि आपको मौका मिले और आप बोलें। मुझे अच्छा लगता है, जब आप बोलते हैं। 

सदन में सीएम के संबोधन के दौरान जब तेजस्वी ने उन्हें फिर टोका तो नीतीश ने पहले तो प्रतिक्रिया नहीं दी, फिर थोड़ी देर उनकी बात सुनने के बाद कहा, “बैठ जाओ, तुम्हें तो गोद में खिलाया है। मैं जब वहां था तब तुम बच्चे थे।

आज सुबह 11 बजे सबसे पहले प्रश्नोत्तरकाल की कार्यवाही होगी। प्रश्नोत्तरकाल में अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों पर सरकार की तरफ से दिए गए जवाब पर सदस्य पूरक प्रश्न करेंगे। प्रश्नोत्तरकाल के बाद विधानसभा में शून्यकाल की कार्यवाही होगी। गृह विभाग के साथ-साथ विधानसभा में आज सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, निगरानी विभाग और निर्वाचन विभाग के बजट अनुदान मांग और कटौती प्रस्ताव पर चर्चा होगी।