मंत्री रामसूरत राय और तेजस्वी यादव गांधी मैदान में एक-दूसरे से फरियाएंगे, देखिए वीडियो। Maurya News18

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Maurya News18, Patna

Political Desk

बिहार विधानसभा में मंगलवार को जमकर तकरार हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य कई मुद्दों पर भिड़ गए और तू-तू, मैं-मैं की नौबत आ गई। तेजस्वी यादव ने मंत्री रामसूरत राय का नाम लिए बगैर उनके ऊपर आरोपों की झड़ी लगा दी।

दरअसल, वे कुछ दिन पहले मंत्री के भाई के स्कूल से बरामद शराब की बोतलों को लेकर सवाल उठे रहे थे और कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसी बात पर भाजपा और राजद के विधायकों के बीच जमकर हंगामा हुआ।

जब तेजस्वी आरोप लगा रहे थे तब मंत्री रामसूरत राय भी सफाई देनी चाही लेकिन विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने उन्हें रोक दिया और कहा कि आप बाद में बोलिएगा, आपको अलग से समय दिया जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी और अन्य सदस्यों ने अपनी बात रखी।

मामला तब बिगड़ गया जब मंत्री रामसूरत राय को बोलने का मौका मिला और उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के सवालों का बिंदुवार जवाब देना चाहा। उनके हाथ में कुछ पेपर वगैरह भी था। वे कांड संख्या का जिक्र करते हुए अपनी सफाई दे रहे थे। हालांकि इस बीच काफी शोरगुल होने लगा। उन्होंने अपने खानदान को पाक साफ बताया और कहा कि तेजस्वी क्या बोलेंगे, जिनका खुद का दामन साफ नहीं है।

मंत्री रामसूरत राय बांहें चढ़ा कर गांधी मैदान में फरिया लेने की धमकी देते रहे और पास में बैठे सीएम नीतीश कुमार चुपचाप सुनते रहे। बोलते-बोलते मंत्री पूरी रौ में आ गए और विधानसभा अध्यक्ष की बातों को भी अनसुना कर दिया।  

दरअसल, मुजफ्फरपुर में मंत्री रामसूरत राय के भाई के स्वामित्व वाले एक स्कूल के कैंपस से भारी मात्रा में शराब की बोतलें बरामद हुईं थीं। विपक्ष इस मामले को कई दिनों से सदन में उठा रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि मंत्री के भाई के स्कूल कैंपस से शराब बरामद हुई, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई।

तेजस्वी ने पूछा था कि जब सरकार ये कहती है कि जिस जगह से शराब बरामद होगी वहां थाना खोला जाएगा तो फिर मंत्री के भाई की जमीन को जब्त कर थाना क्यों नहीं खोला गया?

बौखलाये मंत्री ने पहले अपने खानदान की खूबियां गिनानी शुरू कीं। उसके बाद उनके तेवर और गरम हुए। भरी सदन में मंत्री ने कहा “मेरे खानदान को सदन में बैठे 50 प्रतिशत लोग जानते हैं। मेरे खानदान औ परिवार पर दाग लगाने वाले व्यक्ति को ये सोचना चाहिए कि मेरा खानदान कैसा है और आपका खानदान कैसा है। मैं सात पुश्तों का इतिहास रख दूंगा।”

मंत्री रामसूरत राय सदन में प्रतिपक्ष के नेता का खानदान बता रहे थे और सत्ता पक्ष के कई विधायक उनका समर्थन करने में लगे थे। सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम मौजूद थे लेकिन वे खामोश बैठे थे।

मंत्री रामसूरत राय पूरी रौ में थे। उन्होंने कहा कि अगर ताकत है तो गांधी मैदान में फरियाने का काम कीजिए। इनकी अगर रिश्तेदारी है तो मेरी भी यहां सौ-सौ रिश्तेदारी है। हजारों परिवार मुझे मानने वाले हैं।

मंत्री का तेवर देख कर विधानसभा अध्यक्ष भी हैरत में थे। वे बार-बार मंत्री को स्थिर होने को कह रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष कहते रहे कि मंत्री मर्यादित तरीके से अपनी बात रखें। लेकिन मंत्री के तेवर अलग ही थे। मंत्री का बयान पूरा हुए बगैर ही सदन की कार्यवाही स्थगित कर देनी पड़ी।