एक चिट्ठी ने खोला राज़, इंस्पेक्टर और CM के संबंधों को लेकर उठ रहे सवाल, पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट। Maurya News18

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Maurya News18, Mumbai

Political Desk

एंटीलिया मामला तूल पकड़ते जा रहा है। मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की एक चिट्ठी ने पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी है। इस चिट्ठी को लेकर बीजेपी ने महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली का टारगेट देने के आरोप लगे हैं, तो ऐसे में सवाल उठता है कि देशमुख ये वसूली अपने लिए कर रहे थे या NCP के लिए या उद्धव सरकार के लिए ?

उन्होंने सवालों की झड़ी लगा दी। कहा कि अगर गृह मंत्री का टारगेट 100 करोड़ था, तो बाकी मंत्रियों का कितना था ? अगर मुंबई से 100 करोड़ वसूलने थे, तो बाकी बड़े शहरों के लिए कितने अमाउंट तय किए गए थे ?

क्यों चुप है सरकार


रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस पूरे मामले पर पवार साहब की खामोशी सवाल उठाती है और उद्धव ठाकरे भी चुप हैं। सदन के अंदर और बाहर वझे का बचाव कर रहे हैं। वझे एक ASI है, जिसे क्राइम CID का चार्ज दिया गया। यह अपने आप में आश्चर्य की बात है।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद

इंस्पेक्टर को सीएम क्यों कर रहे डिफेंड

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘एक सवाल यह उठता है कि वझे से महाराष्ट्र सरकार ने और कितने गंदे काम कराए ? ये बात मैं इसलिए कह रह हूं, क्योंकि एक इंस्पेक्टर को CM डिफेंड कर रहे हैं। यह मैंने पहले कभी नहीं देखा। आखिर उसे बचाने की क्या मजबूरी थी। उसके पेट में ऐसे क्या-क्या राज छिपे हैं। इस बात को समझना चाहिए। हमारी आशंका है कि पूरी महाराष्ट्र सरकार वझे को बचा रही है, क्योंकि उसके पास काफी राज छिपे हैं

किसके दबाव में काम कर रही सरकार


रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि मुंबई पुलिस के पूर्व असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे को किसके दबाव में लाया गया। शिवसेना के दबाव में, मुख्यमंत्री के या फिर शरद पवार के दबाव में ? उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार का मामला नहीं है। यह ऑपरेशन लूट है। रंगदारी एक अपराध है और अगर इस मामले में शरद पवार को ब्रीफ किया जा रहा है, तो सवाल उठता है कि शरद पवार जब सरकार में नहीं हैं, तो उन्हें किस लिए ब्रीफ किया जा रहा है ? सवाल यह भी उठता है कि पवार ने अपने स्तर पर क्या कदम उठाए ?

स्वतंत्र एजेंसी करे जांच

प्रसाद ने आगे कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री उसका बचाव करते हैं। दूसरी तरफ गृह मंत्री कहते हैं कि मुझे 100 करोड़ लाकर दो। यह काफी गंभीर मसला है। इसकी गंभीर और ईमानदारी से जांच जरूरी है। मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए, इसमें पवार साहब की भूमिका हो सकती है। मुंबई पुलिस की भूमिका हो सकती है।

आइए जानते हैं क्या लिखा है चिट्ठी में

देश के सबसे बड़े बिजनेसमैन और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास के पास विस्फोटकों से भरा वाहन पाए जाने के मामले में अब एक सनसनीखेज मोड़ आ गया है।

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने शनिवार को महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर कथित रूप से आरोप लगाया कि मंत्री उनके टीम मेंबर सचिन वाजे से बार और हुक्का पार्लरों से हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलने का टारगेट रखा था।

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त ने देशमुख की उस टिप्पणी पर भी कड़ा प्रहार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र होमगार्ड के कमांडेंट जनरल के रूप में सिंह का ट्रांसफर प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए नहीं, बल्कि उनकी टीम द्वारा ‘अक्षम्य चूक’ के लिए था।

मुंबई के पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को आठ पन्नों की चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

चिट्ठी में परमबीर सिंह ने कहा है कि मुंबई पुलिस के क्राइम ब्रांच के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट की जिम्मेदारी संभालने वाले सचिन वाजे को गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पिछले कुछ महीनों के दौरान अपने आधिकारिक आवास पर कई बार बुलाया था। वाजे को बार-बार गृह मंत्री के लिए पैसा इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया था।

गृह मंत्री ने सचिन वाजे से कहा था कि उन्हें हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूली का टारगेट दिया गया है। इसे हासिल करने के लिए गृह मंत्री ने वाजे से कहा था कि यहां 1,750 बार, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठान हैं। अगर हर एक से 2-3 लाख रुपये आ जाते हैं, तो 40-50 करोड़ रुपये हासिल हो जाएंगे। गृह मंत्री ने आगे कहा कि बाकी का पैसा अन्य स्त्रोतों से जुटाना होगा।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख

वहीं पूरे मामले पर अपना बचाव करते हुए महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि वे भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के लिए मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराएंगे। इससे पहले, राकांपा नेता देशमुख ने ट्वीट कर सिंह के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बार, रेस्त्रां और अन्य प्रतिष्ठानों से हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलने के लिए कहा था।

देशमुख ने सिंह से यह भी पूछा कि वे इतने लंबे समय तक क्यों चुप रहे ? उन्होंने आरोप लगाया कि परमबीर सिंह सचिन वाजे प्रकरण में अपने आपको बचाने की कोशिश कर रहे हैं। देशमुख ने कहा, मुकेश अंबानी एसयूवी मामले और मनसुख हिरेन मौत मामले में वाजे की संलिप्तता के बारे में पता चल चुका है और जांच की आंच परमबीर सिंह तक पहुंचने वाली है। इसी आशंका के चलते उन्होंने ये आरोप लगाए हैं।

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भेजी गई बिना हस्ताक्षर वाली चिट्ठी का सत्यापन कराया जा रहा है। सीएमओ ने कहा, परमबीर सिंह, कमांडेंट जनरल, होमगार्ड के नाम से मुख्यमंत्री सचिवालय के आधिकारिक ईमेल पते पर चिट्ठी आई है। जिस ईमेल पते से चिट्ठी आई है, उसे सत्यापित कराया जा रहा है।