स्पीकर विजय सिन्हा को विधायकों ने बनाया बंधक, DM और SSP ने जमकर कूटा, देखिए वीडियो। Maurya News18

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Maurya News18, Patna

Political Desk

लोकतंत्र के लिए मंगलवार का दिन बहुत ही शर्मनाक रहा। लोकतंत्र का मंदिर कहे जानेवाले विधानसभा में माननीयों की पुलिस ने जमकर पिटाई कर दी। करीब तीन से चार घंटे तक अफरातफरी का आलम रहा। सदन के अंदर मौजूद पत्रकारों को भी नहीं बख्शा गया। चश्मदीदों ने बताया कि यह सब खुद पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह और एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में हुआ।

विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक को लेकर हुआ बवाल

दरअसल, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक (Bihar Armed Police Bill 2021) का सदन में विपक्षी दल विरोध कर रहे थे। विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहीं महिला विधायक विधानसभा अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गईं। हंगामा देखते हुए महिला पुलिस बुलाकर विधायकों को बाहर किया गया।

इससे पहले, बिहार विधानसभा में 4:30 बजे के बाद सदन की कार्यवाही होनी थी लेकिन उससे पहले आरजेडी समेत तमाम विपक्ष के विधायक विधानसभा अध्यक्ष के गेट पर बैठ गए। अध्यक्ष को बंधक बना लिया जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। बारी-बारी से सब विधायकों को पुलिस ने धकियाते हुए सदन से बाहर कर दिया।

विपक्षी सदस्यों ने बिल की प्रति फाड़ी, अवाक रह गए प्रेम कुमार

नीतीश सरकार के बिहार विशेष सशस्त्र के खिलाफ विधानसभा के बाहर से लेकर अंदर तक जो कुछ हुआ उसने लोकतंत्र को तार-तार कर दिया। सदन के बाहर पुलिस विधायकों को लात-घूंसों से पीट रही थी।

इसी बीच आरजेडी के एक विधायक आसन के पास पहुंचे औऱ प्रेम कुमार के हाथों से बिल की प्रति छीन ली। विपक्षी विधायक ने प्रेम कुमार के हाथों से बिल की कॉपी छीन कर फाड़ डाली। प्रेम कुमार विपक्षी विधायक की हरकत देख कर अवाक रह गए।

विधायकों की जमकर हुई धुनाई

इस दौरान सड़क पर गिरे विधायक सत्येंद्र ने आरोप लगाया कि डीएम के कहने पर उनके साथ मारपीट की गई। छाती पर बूट रख कर मारा गया है। विधायक ने दावा किया कि उनकी छाती पर चोट लगी है। उन्होंने कहा कि ये ज्यादती नहीं, लोकतंत्र की हत्या है।

विधायक ने कहा कि महिला विधायकों को मारा गया है। घसीट-घसीटकर विधायकों को सदन के बाहर किया गया है। बाद में जख्मी विधायक को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।