कॉन्टेक्ट लेंस पहनकर नहाते हैं तो आंखों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है ! Maurya News18

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कॉन्टेक्ट लेंस पहनकर नहाते हैं तो अलर्ट हो जाएं। ऐसा करने से आंखों में संक्रमण का खतरा 7 गुना अधिक रहता है। आंखों में दर्द होने के साथ लालिमा और कॉर्निया में अल्सर भी हो सकता है।

यह दावा ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने किया है। शोधकर्ताओं ने कॉन्टेक्ट लेंस पहनने वाले 78 यूजर्स पर रिसर्च की। रिसर्च में सामने आया कि लेंस पहनकर नहाते हैं तो आंखों पर बुरा असर दिखता है। अगर इसका इलाज नहीं कराते हैं तो धुंधला दिखने की समस्या हो सकती है।

इसलिए बढ़ता है खतरा

शोधकर्ताओं का कहना है, नहाने के दौरान अगर लेंस पहने रहते हैं तो बैक्टीरिया को आंखों में संक्रमण फैलाने में मदद मिलती है। नहाने से लेंस की सतह पर नमी बनी रहती है। जिससे बैक्टीरिया अपनी संख्या और संक्रमण का दायरा आसानी से बढ़ाता है।

सोते समय भी अलर्ट रहें

ब्रिटिश शोधकर्ताओं का कहना है, कॉन्टेक्ट लेंस पहनकर सोना भी ठीक नहीं है। इससे बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन का खतरा 3 गुना तक रहता है। इस संक्रमण को विज्ञान की भाषा में माइक्रोबियल किरेटाइटिस कहते हैं।

रिसर्च के मुताबिक, ब्रिटेन में 40 लाख लोग कॉन्टेक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं। इसके कारण आंखों में संक्रमण के मामले कॉमन हैं। जो आगे चलकर आंखों की रोशनी घटाने का काम करते हैं, इसलिए अलर्ट रहना और भी जरूरी है।

78 में 37 संक्रमण से जूझ चुके थे

रिसर्च करने वाली साउथैम्प्टन यूनिवर्सिैटी के शोधकर्ता परवेज हुसैन का कहना है, लैंस के रख-रखाव में साफ-सफाई को नजरअंदाज करने से संक्रमण के मामले बढ़ते हैं। रिसर्च के दौरान लेंस इस्तेमाल करने वाले 78 में से 37 लोग आंखों में संक्रमण यानी माइक्रोबियल किरेटाइटिस से जूझ चुके थे।

25 से 39 साल की उम्र वालों में खतरा ज्यादा

शोधकर्ताओं का कहना है, इसका सबसे ज्यादा खतरा 25 से 39 साल की उम्र वालों को ज्यादा है। कॉन्टेक्ट लेंस का सबसे ज्यादा इस्तेमाल इसी उम्र वर्ग के लोग करते हैं। ब्रिटिश कॉन्टेक्ट लेंस एसोसिएशन के प्रेसिडेंट-इलैक्ट नील रिटेलिक कहते हैं, दुनियाभर में 14 करोड़ लोग सफलतापूर्वक लेंस का इस्तेमाल करते हैं।