नेपाल से मिथिलांचल का रावण गिरफ्तार ! Maurya News18

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मधुबनी नरसंहार का मुख्य साजिशकर्ता रावण सेना का प्रमुख प्रवीण झा पांच अपराधियों के साथ नेपाल में गिरफ्तार

मधुबनी के महमदपुर नरसंहार का आरोपी प्रवीण झा उर्फ रावण को पुलिस ने नेपाल से पकड़ लिया है। खबर है कि प्रवीण वहां से भागने की फिराक में था तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा।

आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला :

रंगदारी के रूप में मछली ले जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
होली के दिन यानी 29 मार्च को जिस नरसंहार को अंजाम दिया गया, उसकी साजिश एक साल पहले रची गई थी। साल 2020 का 20 नवंबर। ग्रामीण बताते हैं कि छठ महापर्व के संध्याकालीन अर्घ्य वाला दिन था। प्रवीण झा और उसके आदमी बेनीपट्टी थाना अंतर्गत महमदपुर गांव के रहनेवाले संजय सिंह के पोखर यानी तालाब से रंगदारी के रूप में मछली ले जाना चाहते थे।
संजय सिंह ने जब इसका विरोध किया तो धारदार हथियार से उसके पैर पर वार कर उन्हें घायल कर दिया गया। अब आगे की जो पुलिसिया कहानी है वह और भी चौंकानेवाली है। संजय सिंह इस घटना की शिकायत लिखवाने स्थानीय थाना गए तो उल्टा उन्हें ही हरिजन एक्ट में फंसाकर जेल भेज दिया गया। किसी दलित, महादलित को सामने खड़ाकर उनके खिलाफ केस करवाया गया। फिलहाल संजय सिंह जेल में बंद हैं।
  • होली के दिन फिल्मी स्टाइल में दिया गया वारदात को अंजाम
  • दोपहर का समय था। प्रवीण झा और उसके आदमी एक महंत की दुकान पर गुटखा लेने पहुंचते हैं। पैसा मांगने पर महंत से कहासुनी होती और फिर वो महंत को वहीं ढेर कर देता है। महंत की दुकान से कुछ दूरी पर ही फौजी सुरेंद्र सिंह का घर है।
  • गोली की आवाज सुनते ही उनके घर से पहले भतीजा बाहर निकला, उसे भी वहीं ढेर कर दिया गया। फिर फौजी के तीनों बेटे बाहर आए तो उन्हें भी एक-एक कर गोली मार दी गई। कहा जा रहा है कि खेत में प्रवीण झा के आदमी छिपे हुए थे और पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया गया।
  • चीख-पुकार से दहल उठा पूरा गांव, खून से लाल हो गईं सड़कें
  • बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव में होली के दिन तीन सहोदर भाइयों सहित कुल पांच लोगों की हत्या कर दी गई। एक गंभीर रूप से घायल है। मृतकों की पहचान बीएसएफ के एएसआई राणा प्रताप सिंह (42), रणविजय सिंह (40), वीरू सिंह (40) व अमरेंद्र सिंह के रूप में की गयी है।
  • सभी महमदपुर के रहनेवाले थे। रणविजय सिंह, वीरू सिंह और अमरेंद्र सिंह सहोदर भाई हैं। वहीं राणा प्रताप सिंह उनके चचेरे भाई हैं। इनके अलावे घायल किसान रुद्र नारायण सिंह की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं घायल मनोज कुमार सिंह जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं।