खगड़िया स्वास्थ्य विभाग में खेल हो गया ! MAURYA NEWS18

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जिले से दबोचे गए स्वास्थ्य विभाग के दो सरकारी बाबू, घूस ले रहे थे, इन दोनों घूसखोरों के सरदार कौन हैं, सिविल सर्जन साहब पर लटकी तलवार…सच्चाई बातएंगे या जाएंगे …।

भाजपा प्रवक्ता संजय खंडेलिया ने स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र, खगड़िया सिविल सर्जन को अविलंब हटाने की मांग की

पटना/खगड़िया ।,
मौर्य न्यूज18 डेस्क ।

खगड़िया सदर अस्पताल औऱ गोगरी रेफरल अस्पताल । इसे तो जानते होंगे। स्वास्थ्य सुविधा के लिए जनता यहां पहुंचती है । लेकिन इसबार जरा हट कर हुआ है । निगरानी की टीम पहुंची । और दो सरकारी बाबुओं को दबोच ले गई । पूछेंगे किसलिए …तो बताने की जरूरत नहीं । घूस लेना इनकी आदत थी । आदत एकबार आती है तो जाती नहीं । सो, हेल्थ डिपार्टमेंट के दोनों बाबू निगरानी के हत्थे चढ़ गए। जिसमें एक सिविल सर्जन खगड़िया के बड़ा बाबू हैं दूसरे गोगरी रेफरल अस्पातल के चिकित्सा पदाधिकारी हैं । अब यहां समझना जरूरी है कि क्या ये दोनों सरकारी बाबू सिर्फ अपने लिए ही घूसकांड करते रहे हैं या इनके पीछे भी कोई इनका सरदार है। अगर है तो इन दोनों बाबुओं को खुलकर बताना चाहिए और निगरानी विभाग को भी पूरी तहकीकात करके ढ़ूढ़ना चाहिए कि सिविल सर्जन साहब के ऑफिस में बैठा बड़ा बाबू इतना कलेजा वाला किस बल बूते हो गया । समझते हैं पूरी रिपोर्ट के जरिए आखिर मामला क्या है । हुआ क्या ।

खगड़िया से रिपोर्ट ये आई कि निगरानी विभाग ने खगड़िया सदर अस्पताल के सिविल सर्जन कार्यलय के बड़ा बाबू जिनका नाम राजेन्द्र प्रसाद है । घूस लेते दबोचे गए। फिर एक खबर ये भी आई कि गोगरी रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एससी सुमन भी दबोचे गए ।


वजह, ये दोनों सरकारी बाबू रंगे हाथ दबोच लिए गए हैं । घटना क्रम को समझें तो एक महिला कर्मचारी जिनका नाम रूबी कुमारी है , मनचाहा पोस्टिंग चाहती थी । इसी नाम पर सिविल सर्जन कार्यालय के बड़ा बाबू राजेन्द्र प्रसाद और गोगरी रेफरल अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुमन सरजी को डेढ़ लाख रूपये चाहिए था । सो, रूबी से दोनों बाबुओं ने मांग की दे दो डेढ़ लाख और ले लो मनचाहा ट्रांस्फर और ड्यूटी ।

रूबी देने में सक्षम नहीं थी, सो, उसने निगरानी विभाग से इसकी शिकायत की । दुखरा रोइ । निगरानी विभाग रूबी की आंखों में आंसू देख द्रवित हुआ । शिकायत को गंभीरता से ली औऱ पहुंच गए खगड़िया । शिकार को पकड़ने के लिए जाल विछाई । जाल ऐसी विछाई गई कि दोनों बाबुओं को इसकी भनक तक नहीं लगे, वही हुआ औऱ महिला कर्मचारी रूबी बड़ा बाबू राजेन्द्र प्रसाद को को खगड़िया के राजेन्द्र चौक पर ही डेढ़ लाख लेने के लिए बुलाई, साहब पहुंच । रूपये को हाथ लगाया औऱ निगरानी विभाग के लोगों ने धर दबोचा । इतने में ही साहब की पतलून गिली हो गई । जबतक कुछ समझते रंगे हाथ दबोच लिए गए। फिर कुछ नाटकीय क्रम में गोगरी के चिकित्सा पदाधिकारी भी दबोचे गए ।


अब सवाल ये उठता है कि मनचाहा ट्रांस्फर-पोस्टिंग दिलाने का ठेका आखिर यही लोग क्यों ले रहे थे। इनके पीछे कौन है । ट्रांस्फर-पोस्टिंग का पावर किसके हाथ में है । किसके इशारे में ये लोग काम करते हैं। सिविल सर्जन साहब को ये सब क्यों नहीं पता रहता है कि उनके कार्यालय से ये सब खेल भी हो रहा है । क्या ये पहली महिला कर्मचारी हैं जिनसे घूस की मांग की गई या कई कर्मचारियों के साथ इसी तरह राशि लेकर काम को अंजाम दिया जाता रहा है । निगरानी को इसके तह में जाना है ।

देखते जाइए इसमें कुछ औऱ बाबू दबोंचे जाएंगे। हो सकता है कि सिविल सर्जन पर भी सवाल खड़ा होगा कि वो अब तक कैसे बचे हैं , क्योंकि इनके बारे में सूत्रों के अनुसार, शिकायत ये है कि स्वास्थ विभाग के प्रधान सचिव के अनुसार पांच-पांच साल में तबादला करना है, लेकिन सिविल सर्जन साहब ने कई कर्मचारियों को 1 साल में ही तबादला कर दिया है। ये रिकार्ड बताता है । खैर, जो भी हो जो रंगेहाथ दबोचे गए वो , रंगा शियार बनकर निगरानी के हथ्ते चढ चुके हैं । अब आगे देखिए क्या होता है ।


सिविल सर्जन साहब के एक करतूत से खगड़िया डीएम भी नाराज हैं….


नर्सिग होम व क्लिनिक के निबंधन के संबंध में अब तक दिए गए आवेदनों को वर्तमान सिविल सर्जन साहब रद्दी की टोकरी में डाल रखे हैं । लंबे समय से लंबित करके बैठे हैं । सिविल सर्जन के इस रवैये की शिकायत जब खगड़िया डीएम को मिली तो उन्होंने पत्र लिखकर सिविल सर्जन से निबंधन लंबित रखने की वजह बताने को कहा है । कहा जा रहा है कि खगड़िया डीएम इस रवैये से काफी खफा हैं । शिकायत दर शिकायत ये भी मिलती रही कि खगड़िया के सिविल सर्जन हैं और सारा काम भागलपुर आवास पर से ही करते हैं । कर्मचारियों की मांने तो उनकी सुनने वाला कोई नहीं है । सिविल सर्जन कार्यालय में घूस लेनदेन हो या कोई भी फाइल बिना सिविल सर्जन के इशारे के बिना आगे बढ़ता ही नहीं है ।

यहां आपके सामने कुछ जरूरी कागजात भी संलग्न कर रहा हूं ।

सिविल सर्जन को हटाए जाने की मांग की है भाजपा के संजय खंडेलिया ने


बिहार भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रवक्त संजय खंडेलिया ने इस घटना को देखते हुए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को पत्र लिखकर घटना से अवगत करते हुए लिखा है कि ऐसे भ्रष्ट सिविल सर्जन के रहते खगड़िया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था कभी दुरूस्त नहीं रह सकती है । यहां के स्वास्थ्य कर्म चाहे वो स्थायी हों या अनुबंध पर हों सबके सब इनके भ्रष्ट रवैये से त्रस्त हैं । भाजपा नेता खंडेलिया कहते हैं कि सिविल सर्जन जिला भ्रमण के नाम पर घूम-घूम कर पूरे इलाके से कर्मचारियों पर कार्रवाई के नाम पर वसूली करते है जो किसी से छिपा नहीं है । ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को तत्काल दायित्व से मुक्त करने की मांग की है ।