पेरेंट्स के डांटने का बुरा असर बच्चों के दिमाग पर: Maurya News18

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बच्चों पर गुस्सा करने, पीटने और चिल्लाने से उनमें डिप्रेशन और बेचैनी बढ़ती है !

  • अमेरिका की मॉन्टेरियल और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने रिसर्च में किया दावा
  • कहा, रिसर्च के नतीजे पेरेंट्स को सख्ती का असर समझाने की कोशिश करेंगे

पेरेंट्स बच्चों को अक्सर तेज आवाज में डांटते हैं और कुछ मामलों में पिटाई भी करते हैं। इसका बच्चों पर क्या असर होता है, इसे समझने के लिए मॉन्टेरियल और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने मिलकर रिसर्च की है। वैज्ञानिकों का कहना है, ऐसा होने पर बच्चों में डिप्रेशन और बेचैनी बढ़ती है, क्योंकि इसका सीधा असर उनके दिमाग पर होता है।

ऐसे हुई रिसर्च

रिसर्च में 2 से 9 साल के बच्चों को शामिल किया गया। पेरेंट्स ने डांटने और पीटने के बाद इनके दिमाग की स्कैनिंग की गई। वैज्ञानिकों ने पाया कि बच्चों पर अधिक सख्ती बरतने से इनके दिमाग के उस हिस्से पर असर पड़ा जो इमोशंस को कंट्रोल करते हैं। नतीजा, इससे बेचैनी और डिप्रेशन बढ़ता है।

सख्ती का असर उल्टा पड़ता है

वैज्ञानिकों का कहना है, दुनियाभर में पेरेंट्स का बच्चों के लिए अधिक सख्ती करना सही माना जाता है, लेकिन इसका असर उल्टा पड़ता है। उम्मीद है, नई रिसर्च के नतीजे पेरेंट्स की मदद करेंगे और पेरेंट्स बच्चों को बातचीत के जरिए समझाएंगे।

बच्चों के इमोशनल डेवलपमेंट पर असर

शोधकर्ता डॉ. सबरीना सफरेन कहती हैं, पेरेंट्स को समझने की जरूरत है कि उनकी सख्ती बच्चों के विकास पर कितना बुरा असर डाल सकती है। इसका असर बच्चों को सोशल और इमोशनल डेवलपमेंट पर दिखेगा। ब्रिटेन में बिना किसी बड़ी वजह के बच्चों को सजा देने पर सख्ती बरती जाती है। चाहे वो पेरेंट्स हो, केयरर हो या कोई और।