कुमार विश्वास के ट्वीट से गरमाई राजनीति। Maurya News18

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आम व खास के इलाज में भेदभाव को देख भड़के रत्नाकर, तेजस्वी को दी नसीहत

मौर्य न्यूज18, पटना

अतुल कुमार

नेता आम जन के वोट से चुनाव जीतते हैं लेकिन जब मदद की बारी आती है तो वे खास के नजदीक ज्यादा दिखते हैं। इसी को लेकर उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठता है। कोरोना काल 2 में ट्वीट का जो खेल चल रहा, वह नेताओं के आचरण को बयां करने के लिए काफी है। किसी खास को लेकर उनकी चिंता साफ देखी जा सकती है।

जाने-माने कवि कुमार विश्वास के ट्वीट से बिहार की राजनीति में ट्वीट वार शुरू हो गया। अब आम और खास कोरोना मरीजों के इलाज पर से पर्दा भी उठने लगा है।

क्या है पूरा मामला, क्यों मचा है बवाल

दरअसल, पूरा मामला यूं है कि सासाराम की रहनेवाली लोक गायिका नेहा सिंह राठौर की मां कोरोना पॉजिटिव हो गईं और उन्हें इलाज के लिए मदद की गुहार लगानी पड़ी। इसी क्रम में कुमार विश्वास का एक ट्वीट वायरल हो गया।

कुमार विश्वास ने ट्वीट कर नेहा सिंह राठौर की मां के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मदद मांगी। इस पर तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर उन्हें हालात से अवगत कराया और कहा कि हमारी टीम लगातार नेहा बहन के संपर्क में है।

तेजस्वी के ट्वीट पर बवाल, क्या प्रतिभा देखकर होगी मदद

तेजस्वी यादव का यह ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोग अपने-अपने तरीके से इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या तेजस्वी यादव की टीम आम लोगों के लिए भी काम कर रही है या फिर केवल खास लोगों के ट्वीट पर ही मदद का इंतजाम किया जा रहा है। आज बिहार में कितने लोग हैं जो कुमार विश्वास को ट्वीट कर इस तरह मदद की गुहार लगा सकते हैं…

जमुई के मूल निवासी और दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएट रजनीश रत्नाकर ने अपने ट्वीट में सीधा सवाल पूछा है कि क्या अब प्रतिभा देखकर ही मदद मिलेगी। आम लोग फरियाद लेकर किसके पास और कहां जाएं ?

सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय रजनीश रत्नाकर का कहना है कि अगर तेजस्वी यादव वाकई में जनता की मदद करना चाहते हैं तो क्या वे कटिहार और मधुबनी में अपने नेताओं के मेडिकल कॉलेज में कोरोना के मरीजों के इलाज की व्यवस्था नहीं करवा सकते ?

उन्होंने बताया कि बिस्फी से राजद के पूर्व विधायक फैयाज अहमद का मधुबनी में और राज्यसभा सांसद अशफाक करीम का कटिहार में मेडिकल कॉलेज है, जहां तेजस्वी यादव चाहें तो उनके प्रयास से कोरोना का इलाज संभव हो सकता है।

कोरोना मरीजों के मुफ्त इलाज की रखी मांग

रजनीश रत्नाकर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मांग की है कि न केवल IGIMS में बल्कि पूरे बिहार में कोरोना मरीजों का इलाज मुफ्त में होना चाहिए। इलाज के नाम पर प्राइवेट अस्पताल लूट मचाए हुए हैं। पांच-पांच लाख तक का बिल बनाया जा रहा है।

रत्नाकर CM नीतीश को भी दे चुके हैं सुझाव

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को नसीहत देने वाले रजनीश रत्नाकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी लोक संवाद कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण सुझाव दे चुके हैं। ठीकेदारी में राशि जमा को लेकर उन्होंने सीएम के सामने अपना सुझाव रखा। यह सुझाव नीतीश कुमार को काफी पसंद आया।

रजनीश रत्नाकर के सुझाव पर CM नीतीश कुमार का आदेश

उसकी महत्ता को समझते हुए उन्होंने तुरंत ही संबंधित विभाग के अधिकारियों से सुझाव के महत्वपूर्ण बिंदुओं को नयी मेंटेनेंस पॉलिसी में जोड़ने को कहा। इससे ग्रामीण सड़कों को बनानेवाले ठीकेदारों को काफी सहूलियत मिली।

लोक संवाद कार्यक्रम में CM नीतीश के सामने अपनी बात रखते हुए रजनीश रत्नाकर

रत्नाकर का कहना था कि विभाग द्वारा 25 प्रतिशत रकम रोक लिए जाने से काम पूरा करने में ठीकेदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन अब उनके द्वारा दिए गए सुझाव से ये परेशानी खत्म हो जाएगी। उन्होंने सुझाव मानने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को साधुवाद भी दिया है।