- राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में ठंड का असर लगातार बढ़ता ही जा रहा है

रांची : राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में ठंड का असर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। रांची समेत सभी 24 जिलों में कनकनी बढ़ गई है और न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि अगले चार दिनों तक यानी 29 और 30 नवंबर की साथ साथ 1 और 2 दिसंबर तक रांची के तापमान में बढ़े बदलाव की संभावना नहीं है। इस दौरान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी, जिससे ठंड का असर कम होगा। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो राज्य का मौसम शुष्क बना रहा। उत्तर पश्चिमी और निकटवर्ती मध्य भाग में शीतलहर देखने को मिली। बता दें कि उत्तर पश्चिमी दिशा से आ रही ठंडी हवा ने तापमान गिरा दिया है। राजधानी में अहले सुबह और देर रात कनकनी का असर कुछ अधिक ही बढ़ जाता है। जिस कारण रात में लोगों की आवाजाही भी सड़कों पर कम हो गई है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री गोड्डा का जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस सिमडेगा का रिकार्ड किया गया। वहीं, राजधानी रांची का अधिकतम 22.4 डिग्री और न्यूनतम 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में दिनभर पछुआ हवाएं चलने से ठंड और बढ़ गई है। सर्द हवा और कनकनी के कारण लोग सुबह से स्वेटर, जैकेट, मफलर, टोपी और ग्लब्स पहनकर बाहर निकल रहे हैं।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान हो रहा है तैयार :
एक ओर जहां राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है तो दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान तैयार हो रहा है। फिलहाल यह चक्रवाती तूफान श्रीलंका और तमिलनाडु तट पर तेजी से बढ़ रहा है। मौजूदा स्थिति के अनुसार इसके उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। वर्तमान में मौसम विज्ञान केंद्र इस चक्रवाती तूफान पर नजर बनाकर रखा जा रहा है। हालांकि झारखंड पर इस तूफान का अधिक असर पड़ने की संभावना नहीं है और सिर्फ आंशिक बादल और तेज हवा बहने की संभावना है। 30 नवंबर को रांची में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच है और मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार मैच के आयोजन में कोई बाधा नहीं आएगी। इसका झारखंड पर फिलहाल तो कोई असर दिखाई नहीं देता है लेकिन सब कुछ इसकी दिशा और गति पर निर्भर करेगा। इससे पहले एक और चक्रवाती तूफान बना था जिसका नाम सीनियार था। दित्वा इस वर्ष का पांचवा चक्रवातीय तूफान है। इससे पहले भी नवंबर के महीने में एक चक्रवात आ चुका है। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि चक्रवाती तूफान मोंथा ने दुर्गा पूजा के समय तबाही मचाई थी। मौजूदा तूफान दित्वा कितना नुकसानदायक होगा यह उसकी दिशा और गति पर निर्भर करेगा।
Maurya News18 Ranchi.

