- आपरेशन एएएचटी के अंतर्गत आरपीएफ रांची द्वारा मानव तस्कर की गिरफ्तारी की गई
रांची : आरपीएफ रांची (RPF Ranchi) के कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर आरपीएफ सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है। इसी क्रम में आरपीएफ पोस्ट रांची द्वारा सीआइबी रांची टीम के सहयोग से रांची रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान प्लेटफार्म संख्या 2 पर एक व्यक्ति के साथ चार लड़कियां संदिग्ध अवस्था में बैठी पाई गईं। गहन संदेह के आधार पर सभी को हिरासत में लेकर आरपीएफ पोस्ट रांची लाया गया।पूछताछ के दौरान चारों लड़कियों ने स्वयं को नाबालिग बताया, जिनकी आयु 16 से 17 वर्ष के बीच पाई गई। साथ में मौजूद व्यक्ति की पहचान आकाश मांझी (उम्र 21 वर्ष), निवासी जिला बेतिया, बिहार के रूप में हुई। नाबालिग लड़कियों ने बताया कि उक्त व्यक्ति उन्हें तिरुपुर, तमिलनाडु नौकरी दिलाने के बहाने 10,000 रुपये प्रतिमाह वेतन का लालच देकर ले जा रहा था। आगे की पूछताछ में आकाश मांझी ने स्वीकार किया कि दयानंद शर्मा, जो तिरुपुर स्थित एक ठेकेदार है, के कहने पर वह लड़कियों को काम के लिए ले जा रहा था तथा प्रति लड़की प्रतिदिन 10 रुपये कमीशन तय हुआ था। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच करने पर व्हाट्सएप में 20,000 रुपये एवं 9,000 रुपये के लेन-देन के स्क्रीन शाट प्राप्त हुए, जो दयानंद शर्मा द्वारा यात्रा एवं टिकट खर्च के नाम पर भेजे गए थे। उपरोक्त तथ्यों से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी द्वारा नाबालिग लड़कियों को अवैध रूप से एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाकर रोजगार के नाम पर मानव तस्करी की जा रही थी। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए रांची से तिरुपुर के लिए जारी पांच सामान्य श्रेणी के रेल टिकट तथा एक सैमसंग मोबाइल फोन को जब्त किया गया। आरोपी को जब्त सामान सहित एएचटीयू थाना कोतवाली को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए सुपुर्द किया गया तथा सभी चारों नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड लाइन रांची को सुरक्षित संरक्षण में सौंप दिया गया। इस कार्य में निरीक्षक शिशुपाल कुमार, उप निरीक्षक सोहन लाल, स्टाफ अभिषेक कुमार यादव, संजय यादव, कुमारी दिव्या सिंह, राखी कुमारी तथा हेड कांस्टेबल संजय कुशवाहा (अपराध शाखा, रांची) का योगदान रहा।
Maurya News18 Ranchi.

