- फाइलेरिया उन्मूलन की मुहिम को मजबूत बनाने की हो रही कवायद
भोजपुर : फाइलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। इस मुहिम को सफल और सशक्त बनाने के लिए जिला के 7 प्रखंडों के 27 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) पर रोगी हितधारक मंच यानी पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म का गठन किया गया है। जिला के चयनित 7 प्रखंड हैं, बड़हरा, कोईलवर, चरपोखरी, शाहपुर, संदेश, आरा सदर ग्रामीण और गढ़हनी। रोगी हितधारक मंच के गठन का उद्देश्य लोगों में वेक्टर जनित रोग व अन्य बीमारियों के प्रति जागरूकता लाने, फाइलेरिया मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने, नाइट ब्लड सर्वे में सहयोग करने आने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान के दौरान फाइलेरियारोधी दवा सेवन कराने तथा इसका काम में स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग प्रदान करने तथा हाथीपांव व हाइड्रोसील के मरीजों तक समाज कल्याण की योजनाओं की पहुंच को बढ़ाना है। इस प्लेटफॉर्म के तहत वार्ड सदस्य, हाथीपांव मरीजों, पंचायत प्रतिनिधियों, राशन डीलर, सामाजिक उत्प्रेरक, आशा, आंगनबाड़ी सेविका सहायिका, शिक्षक और ग्रामीणों आदि को शामिल किया गया है।

फाइलेरिया की समझ बढ़ाने में PSP मददगार :
शाहपुर प्रखंड के बिलौटी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की CHO प्रीति सिंघानिया ने बताया कि संपन्न हुए नाइट ब्लड सर्वे के दौरान रोगी हितधारक मंच के सदस्यों के द्वारा जागरूकता ले जाने का काम किया गया है। मंच के सदस्य फाइलेरिया से बचाव संबंधी जागरूकता अभियान भी चला रहे हैं। आगामी वर्ष फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन अभियान होना है। हाथीपांव रोग के प्रति जनजागरूकता लाने तथा आमजन को फाइलेरिया रोधी दवा सेवन कराने के लिए मोबिलाइजेशन आवश्यक है। इसमें हाथीपांव मरीजों की महत्वपूर्ण भूमिका है। हाथीपांव रोगी इस अभियान में पूरी मदद करेंगे। CHO ने बताया कि आगामी सर्वजन दवा सेवन अभियान के दौरान समुदाय को जागरूक कर दवा सेवन के लिए प्रेरित कर विभाग की हरसंभव मदद की जाएगी। फाइलेरिया मरीज सह रोगी हितधारक मंच की सदस्य रूपा देवी बताती हैं कि उन्होंने फाइलेरिया का दंश झेला है और वह चाहती हैं कि कोई और व्यक्ति फाइलेरिया से ग्रसित न हो। उन्होंने कहा मैं हाथीपांव की मरीज हूं और मंच से जुड़कर मैंने जाना यह रोग अगर एक बार हो जाए तो इसका उपचार संभव नहीं है। इसलिए मैं समुदाय के लोगों को फाइलेरिया से बचाव की जानकारी देती हूं। नाइट ब्लड सर्वे के लिए मैंने समुदाय को रक्त के नमूने देने का लिए जागरूक किया और सबसे जरुरी बात यह है कि आगामी एमडीए अभियान के दौरान मेरे गांव के सभी योग्य व्यक्ति फाइलेरिया की दवा का सेवन करें और इसके लिए मैं लोगों से नियमित संवाद करती हूं।

क्या है रोगी हितधारक मंच :
डॉ. अतिउल्लाह, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, शाहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने बताया कि रोगी हितधारक मंच की अवधारणा आयुष्मान आरोग्य मंदिर के स्तर पर होती है। इसके तहत CHO के साथ एवं उनकी अध्यक्षता में फाइलेरिया (Filaria) रोगी और पंचायत स्तर के प्रमुख प्रतिनिधि जिनकी आसान पहुंच समुदाय तक होती है, शामिल रहते हैं। इनका मुख्य मकसद समुदाय स्तर पर फाइलेरिया उन्मूलन को गति देना और जागरूकता फैलाना है। इसके अलावा नए फाइलेरिया रोगियों की खोज कर उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना भी है।
Maurya News18 Bhojpur.

