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Jharkhand में संचालित 26 सरस्वती विद्या मंदिर के 96 प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं को किया सम्मानित

  • वनवासी कल्याण केंद्र द्वारा संचालित विद्यालयों के छात्रों का आयोजित हुआ अभिनंदन समारोह
  • 80 प्राथमिक मध्य विद्यालय के मेधावी छात्र प्रतियोगिता के 6 सफल विद्यार्थियों को भी पुरस्कार स्वरूप नकद राशि देकर सम्मानित किया गया

रांची : वनवासी कल्याण केंद्र से संबद्ध श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा झारखंड के ग्रामीण अंचलों में सरस्वती विद्या मंदिर के नाम से संचालित विद्यालयों के छात्र छात्राओं का मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी रांची (DSPMU Ranchi) के सभागार में आयोजित किया गया। इस वर्ष 10वीं जैक बोर्ड की परीक्षा में संस्था द्वारा झारखंड में संचालित 26 सरस्वती विद्या मंदिर के 96 प्रतिभाशाली छात्र, जिन्होंने 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं उन बच्चों को अभिनंदन के साथ पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही 80 प्राथमिक मध्य विद्यालय के मेधावी छात्र प्रतियोगिता के 6 सफल विद्यार्थियों को भी पुरस्कार स्वरूप नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। प्रांत शिक्षा प्रमुख सुभाष चंद्र दुबे ने कार्यक्रम की प्रस्तावना में बताया कि वनवासी कल्याण केंद्र की शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति द्वारा झारखंड के विभिन्न जिलों में 80 प्राथमिक और 26 उच्च विद्यालय संचालित हो रहे है। इन विद्यालयों के 1266 छात्र छात्राओं ने 10वीं बोर्ड की परीक्षा दी थी जिसका संपूर्ण परीक्षाफल 97.15 प्रतिशत रहा। सिमडेगा जिला अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर, सलडेगा की भारती कुमारी और सुमन सिंह ने 94 प्रतिशत अंक लाकर जिला में प्रथम स्थान तो वहीं अनुज कुमार साहू ने 93 प्रतिशत के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बसिया की छात्रा सोनी कुमारी 94.2 प्रतिशत प्राप्त कर गुमला जिला में पांचवें स्थान पर रहीं। वहीं विद्यालयों के जनजाति छात्रों की बात करें तो बबलू उरांव ने 90.4, पिंटू उरांव ने 90.4 और ममता सोरेन ने 88 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

वनवासी कल्याण आश्रम अपने 14 आयामों के साथ बढ़ रहा आगे :
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कहा वनवासी कल्याण आश्रम अपने 14 आयामों के साथ सामाजिक उत्थान, ग्राम विकास, स्वास्थ्य, संस्कारयुक्त शिक्षा, राष्ट्रभावना और जनजाति नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर रहा है। भारतीय आदर्शों के अनुरूप शिक्षा, संस्कार एवं खेलकूद के माध्यम से ग्रामीण बच्चों की प्रतिभा को निखारते हुए शैक्षणिक जगत के प्रतिस्पर्द्धा में सरस्वती शिशु विद्या मंदिरों ने अपने आपको स्थापित किया है, जिसका प्रमाण ये उपस्थित मेधावी बच्चे हैं। विशिष्ट अतिथि पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने शिक्षा को जीवन का मूलभूत आवश्यकता बताते हुए कहा कि मिशनरी स्कूलों का झारखंड में विस्तार होने से यहां के बच्चों के पास शिक्षा के लिए कोई विकल्प नहीं था लेकिन अब सरस्वती शिशु विद्या मंदिर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान स्वरूप शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सेवाभाव से समर्पित आचार्यों के मार्गदर्शन में है संचालित :
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीहरि वनवासी विकास समिति की अध्यक्ष डा. तनुजा मुंडा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति, सीमित संसाधन और आर्थिक बाधाओं के बावजूद छात्रों के संस्कार व संस्कृति की बहुमुखी प्रतिभा को निखारते हुए सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सेवाभावी समर्पित आचार्यों के मार्गदर्शन में उत्तरोत्तर प्रगति का पथगामी है। प्रांत अध्यक्ष सुदान मुंडा ने सभी उपस्थित बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का संचालन दीनबंधु सिंह और धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री धनंजय सिंह ने दिया। कार्यक्रम में रिझु कच्छप, पवन मंत्री, सूर्यनारायण सूरी, प्रफुल्ल अकांत, सुशील मरांडी, संदीप उरांव, जगमोहन बड़ाइक, हीरालाल महतो, विजय केशरी, रणधीर सिन्हा के साथ छात्र छात्राओं और आचार्यों की उपस्थिति रही।
Maurya News18 Ranchi.

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