- शहर के चुटिया स्थित महर्षि मेहीं आश्रम में गुरु पूर्णिमा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

रांची : शहर के चुटिया स्थित महर्षि मेहीं आश्रम में गुरु पूर्णिमा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गुरुदेव महर्षि मेहीं परमहंस जी महाराज द्वारा रचित रामचरित मानस सार सटिक से बालकांड से गुरु महिमा का वर्णन किया गया। आश्रम प्रमुख स्वामी निर्मलानंद जी महाराज ने कहा कि हमारे शास्त्रों में 33 करोड़ देवी देवताओं का वर्णन है। सबों की पूजा अर्चना, वंदना एवं उपासना संभव नहीं है। जैसे वृक्ष को हरा भरा, पुष्पित पल्लवित रखने के लिए केवल उसकी जड़ को सींचा जाता है न कि उसके प्रत्येक अंग प्रत्यंग को। स्वामी श्यामानंद जी महाराज ने कहा कि पारस लोहे को सोना बना सकता है, उसी प्रकार संत सद्गुरू शिष्य को अपने जैसा बना देते हैं।

स्वामी बालकृष्ण बाबा ने कहा कि गुरु शब्द में गु का अर्थ अंधकार तथा रू का अर्थ निवारक होता है। जो अंधकार का निवारण कर प्रकाश की ओर ले जाते हैं। आश्रम के अध्यक्ष राजकुमार दास ने बताया कि गुरु के दूसरे अर्थ में गु का अर्थ गुप्त और रू का अर्थ प्रकट करना होता है, इस प्रकार जो गुप्त ईश्वर को अपने शिष्य के हृदय में प्रकट करा दें, वही गुरु है। इस अवसर पर पांच समय का ध्यान एवं तीन काल का सत्संग का आयोजन किया गया।
Maurya News18 Ranchi.

