- डीएसपीएमयू के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग द्वारा आयोजित किया जाएगा कार्यक्रम
रांची : डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी रांची (DSPMU Ranchi) के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग झारखंड सरकार के संयुक्त प्रयास से दो दिवसीय 20 एवं 21 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। 21वीं सदी के हिंदी साहित्य में अभिव्यक्त आदिवासी जीवन संदर्भ विषयक इस विचार गोष्ठी में साहित्य, सिनेमा और पत्रकारिता के माध्यम से आदिवासी जीवन दर्शन और उससे जुड़ी विविध पक्षों पर समग्रता से विचार-मंथन होगा। इस संगोष्ठी में कुल चार तकनीकी सत्रों के अलावे चार समानांतर सत्रों में विभाजित किया गया है। इन सत्रों में 21वीं सदी के हिंदी कथा-साहित्य, 21वीं सदी की हिंदी कविता, समकालीन पत्रकारिता एवं फिल्मों के आधार पर साहित्यिक मंथन होगा। कार्यक्रम में आमंत्रित वक्ताओं में केलानिया यूनिवर्सिटी से प्रो. उपुल रंजीत हेवीवितानागमगे श्रीलंका, समाजसेवी बेचन उरांव, नेपाल, कथाकार एवं पूर्व आइएएस हरिराम मीणा, राजस्थान, आलोचक प्रो. आशीष त्रिपाठी बीएचयू, दलित साहित्य के अध्येता प्रो. नामदेव दिल्ली, आलोचक प्रो. नीलम दिल्ली, कवि एवं आलोचक प्रो. मिलन रानी जमातिया त्रिपुरा, डा. कुमार विरेंद्र सिंह इलाहाबाद, डा. जनार्दन गौड इलाहाबाद, कथाकार विश्वासी एक्का छत्तीसगढ़, कवि रमेश ऋतंभर बिहार, डा. ऋषि कुमार रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी कोलकाता, कवयित्री निर्मला पुतुल दुमका समेत रांची के साहित्यकारों में रणेंद्र, पंकज मित्र, राकेश कुमार सिंह, महादेव टोप्पो, रवि भूषण आदि कई और साहित्यकार इसमें शामिल होंगे। इस आयोजन के समन्वयक हिंदी विभागाध्यक्ष डा. जिंदर सिंह मुंडा ने कहा कि सभी वक्ताओं ने अपने आने की स्वीकृति दे दी है।
Maurya News18 Ranchi.

